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शी जिनपिंग का उत्तर कोरिया दौरा: सहमति का दावा बड़ा, पर हाथ रहा खाली; नहीं हुआ कोई ठोस समझौता

एजेंसी, बीजिंग। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 10 Jun 2026 06:48 AM IST
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सार

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी दो दिनी उत्तर कोरिया यात्रा के बाद किम जोंग उन के साथ महत्वपूर्ण सहमति बनने का दावा किया है, लेकिन दोनों देशों के बीच किसी ठोस समझौते की घोषणा नहीं हुई। सात साल बाद हुए इस दौरे में चीन ने समर्थन का भरोसा तो दिया, पर परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर अपने पुराने रुख पर कायम रहते हुए चुप्पी साधे रखी। 
 

xi jinping north korea visit china claims consensus but no concrete agreement
शी जिनपिंग, किम जोंग उन - फोटो : @सोशल मीडिया
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विस्तार

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया की दो दिनी यात्रा पूरी करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचने के दावा किया। हालांकि, दोनों रणनीतिक सहयोगियों के बीच किसी ठोस समझौते की कोई घोषणा नहीं हुई।


उत्तर कोरिया की यात्रा के पहले दिन सोमवार को जिनपिंग ने किम को चीन के अटूट समर्थन का आश्वासन दिया था। यह सात साल बाद जिनपिंग की उत्तर कोरिया की यात्रा थी। दोनों रणनीतिक सहयोगियों के बीच किसी ठोस समझौते की कोई घोषणा नहीं हुई और चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण पर किसी भी वार्ता से संबंधित सवालों का जवाब देने से इन्कार कर दिया। उत्तर कोरिया, जिसने 2006 से कई परमाणु परीक्षण किए हैं, सार्वजनिक रूप से खुद को परमाणु-आयुध से लैस देश बताता है, लेकिन बीजिंग कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु हथियारों के विरोध में है और परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन करता है। 
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बीजिंग के रुख में बदलाव नहीं
उत्तर कोरिया की जिनपिंग की यात्रा के परिणामों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने संकेत दिया कि कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण पर बीजिंग के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। परमाणु निरस्त्रीकरण से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, चीन कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दे पर अपनी स्थिति और नीति में निरंतरता और स्थिरता बनाए हुए है।
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चीनी प्रवक्ता ने कहा, चीन कूटनीति, कानून प्रवर्तन, सैन्य और अन्य क्षेत्रों में उत्तर कोरिया के साथ आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए तैयार है, ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ज्ञान और शक्ति का साझा उपयोग किया जा सके। उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर जिनपिंग और किम के बीच हुई किसी भी चर्चा का सरकारी मीडिया ने स्पष्ट रूप से कोई उल्लेख नहीं किया है।
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