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Pakistan: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के बिगड़े बोल, सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भारत को दी युद्ध की गीदड़भभकी
एजेंसी, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 22 Jun 2026 04:30 AM IST
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सार
Pakistan: सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को युद्ध की गीदड़भभकी देते हुए कहा कि अगर पानी की आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा महसूस हुआ तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया था, जिसकी पृष्ठभूमि में आसिफ ने धमकी दी। पढ़िए रिपोर्ट-
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
घरेलू मोर्चे पर लगातार अस्थिरता का सामना कर रही और जम्मू-कश्मीर के अपने अवैध कब्जे वाले हिस्से में निर्दोषों का खून बहाने वाली पाकिस्तान की सरकार ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को युद्ध की गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक मीडिया चैनल से कहा, जिस पल हमें लगेगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा- और पानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है- खतरे में है, हम भारत के खिलाफ युद्ध करेंगे। पक्का।
बकौल ख्वाजा अगर इस्लामाबाद को ऐसे सबूत मिलते हैं कि भारत पानी की आपूर्ति में बाधा डालने के लिए खतरनाक तेजी से काम कर रहा है, तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। आसिफ का यह बयान भारत की ओर से 1960 की सिंधु जल संधि को सख्ती से निलंबित करने और इस नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय शुरू करने के संदर्भ में आया है। भारत ने अप्रैल, 2025 में पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकवादी हमले के जवाब में उठाया था।
अपने रुख पर अडिग है भारत
भारत अपने इस रुख पर अडिग है कि संधि तब तक निलंबित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के लिए विश्वसनीय और ठोस कदम नहीं उठाता। विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली संधि ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान को अपनी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए सिंधु जल बेसिन के 80 प्रतिशत पानी का उपयोग करने की अनुमति देती है, लेकिन इन संसाधनों के प्रबंधन में देश की मौजूदा नाकामी ने उसके खेतों को जोखिम में डाल दिया है।
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अपनी सरकार की नाकामी का दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश
अपने देश की नाकामी का दोष आसिफ ने भारत पर मढ़ने की कोशिश की और उस पर पानी को हथियार बनाने, चिनाब नदी के बहाव में हेरफेर करने और नदी जल का डाटा न देने का आरोप लगाया। आसिफ की विश्वसनीयता तब कमजोर पड़ गई जब उन्होंने माना कि पाकिस्तानी टीमों की ओरसे पहले लगभग 115 निरीक्षण किए जाने के दावों के बावजूद उनके पास पिछले एक साल में हुई गतिविधियों के बारे में कोई ताजा जानकारी नहीं है। जल प्रबंधन में पाकिस्तान की आंतरिक नाकामी साफ दिख रही है। पानी का गंभीर संकट अब उसकी लगभग एक-तिहाई आबादी को प्रभावित कर रहा है, खासकर सिंध और बलूचिस्तान में।
बकौल ख्वाजा अगर इस्लामाबाद को ऐसे सबूत मिलते हैं कि भारत पानी की आपूर्ति में बाधा डालने के लिए खतरनाक तेजी से काम कर रहा है, तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। आसिफ का यह बयान भारत की ओर से 1960 की सिंधु जल संधि को सख्ती से निलंबित करने और इस नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय शुरू करने के संदर्भ में आया है। भारत ने अप्रैल, 2025 में पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकवादी हमले के जवाब में उठाया था।
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अपने रुख पर अडिग है भारत
भारत अपने इस रुख पर अडिग है कि संधि तब तक निलंबित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के लिए विश्वसनीय और ठोस कदम नहीं उठाता। विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली संधि ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान को अपनी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए सिंधु जल बेसिन के 80 प्रतिशत पानी का उपयोग करने की अनुमति देती है, लेकिन इन संसाधनों के प्रबंधन में देश की मौजूदा नाकामी ने उसके खेतों को जोखिम में डाल दिया है।
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अपनी सरकार की नाकामी का दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश
अपने देश की नाकामी का दोष आसिफ ने भारत पर मढ़ने की कोशिश की और उस पर पानी को हथियार बनाने, चिनाब नदी के बहाव में हेरफेर करने और नदी जल का डाटा न देने का आरोप लगाया। आसिफ की विश्वसनीयता तब कमजोर पड़ गई जब उन्होंने माना कि पाकिस्तानी टीमों की ओरसे पहले लगभग 115 निरीक्षण किए जाने के दावों के बावजूद उनके पास पिछले एक साल में हुई गतिविधियों के बारे में कोई ताजा जानकारी नहीं है। जल प्रबंधन में पाकिस्तान की आंतरिक नाकामी साफ दिख रही है। पानी का गंभीर संकट अब उसकी लगभग एक-तिहाई आबादी को प्रभावित कर रहा है, खासकर सिंध और बलूचिस्तान में।