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Iran War: अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए ईरान ने बिछा दी थीं बारूदी सुरंगे, होर्मुज के नियंत्रण पर विवाद

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Nitin Gautam Updated Fri, 10 Apr 2026 06:35 AM IST
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सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद नाटो प्रमुख रुटे ने कई देशों को स्थिति की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की प्राथमिकता है कि होर्मुज में समुद्री आवाजाही सुरक्षित बनी रहे और इसके लिए सहयोगी देश सक्रिय भूमिका निभाएं।

iran israel war hormuz landmines to pressure us
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने एक चार्ट जारी कर संकेत दिया है कि युद्ध के दौरान ईरानी अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। यह कदम अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि दो सप्ताह के अस्थिर युद्धविराम के बीच पाकिस्तान में आगे की वार्ताओं की संभावना बनी हुई है। होर्मुज का यह चार्ट आईएसएनए समाचार एजेंसी के साथ-साथ तस्नीम ने जारी किया है, जिन्हें रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का करीबी माना जाता है। 
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चार्ट में फारसी में होर्मुज के ट्रैफिक रूट पर खतरनाक क्षेत्र दर्शाया गया है। फारस की खाड़ी के इसी संकरे मार्ग से होकर दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के कुल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता रहा है। इसमें जहाजों को ईरान की मुख्य भूमि के पास लारक द्वीप के करीब उत्तरी मार्ग से होकर गुजरने का संकेत दिया गया है। यह वही रास्ता है, जिससे होकर युद्ध के दौरान कुछ जहाजों की आवाजाही देखी गई थी। चार्ट 28 फरवरी से 9 अप्रैल तक का है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस मार्ग पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हटाया है या नहीं। 
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पेजेशकियन की भूमिका रही अहम
युद्धविराम का निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने लिया, जिसकी अध्यक्षता मध्यमार्गी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन करते हैं। परिषद ने दो सप्ताह के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति देने का ऐलान किया, बदले में अमेरिका और इस्राइल के साथ युद्धविराम और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।  

होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर विवाद
ईरान का दावा है कि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, टोल वसूली और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिली है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार समझौते में जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान द्वारा यूरेनियम भंडार सौंपने की बात शामिल है।

नाटो प्रमुख बोले- होर्मुज पर तुरंत ठोस कदम उठाएं सहयोगी 
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने सहयोगी देशों से जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि अगले कुछ दिनों में इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा व स्वतंत्र नौवहन के लिए स्पष्ट कदम उठाए जाएं।

नाटो प्रवक्ता ने भी कहा कि अमेरिका सहयोगियों से ठोस कार्रवाई और स्पष्ट कदमों की उम्मीद कर रहा है, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग में आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। हालांकि नाटो देश ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सीधे शामिल होने से बच रहे हैं, लेकिन जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए दीर्घकालिक समाधान तलाशे जा रहे हैं।

ब्रिटेन भी 40 देशों संग बना रहा कूटनीतिक योजना
ब्रिटेन करीब 40 देशों के साथ मिलकर सैन्य और कूटनीतिक योजना तैयार कर रहा है, जबकि फ्रांस के अनुसार लगभग 15 देश समुद्री यातायात बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद नाटो देशों के बीच चिंता बनी हुई है और इस संकट के समाधान को लेकर अनिश्चितता अभी भी जारी है।



 
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