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होर्मुज पर ईरान का नया दांव: तेल टैंकरों को गुजरने के लिए क्रिप्टो में देना होगा टोल, ये बड़ी चेतावनी भी दी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 08 Apr 2026 09:23 PM IST
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सार

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर क्रिप्टोकरेंसी में टोल लगाने का प्रस्ताव रखा है। बिना अनुमति गुजरने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस फैसले से वैश्विक तेल व्यापार और शिपिंग कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जलमार्ग को पूरी तरह खोलने की मांग की।

Iran New Gambit at Hormuz Oil Tankers Must Pay Toll in Crypto to Pass Issues Major Warning also
होर्मुज का रास्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज पर बड़ा दांव खेला है। दो हफ्ते के संघर्षविराम के दौरान ईरान ने साफ संकेत दिया है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों को क्रिप्टोकरेंसी में टोल देना होगा। इससे वैश्विक तेल व्यापार और सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।

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ईरान के तेल और गैस निर्यात से जुड़े संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि हर टैंकर को पहले अपनी जानकारी देनी होगी और फिर तय शुल्क चुकाना होगा। ईरान हर जहाज की जांच करेगा ताकि हथियारों की आवाजाही न हो सके। इसके साथ ही टैंकरों को ईरान के तट के पास वाले रास्ते से गुजरने का निर्देश दिया जा सकता है, जिससे कई देशों की चिंता बढ़ गई है।
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क्या है क्रिप्टो टोल का पूरा प्लान?
ईरान ने योजना बनाई है कि हर तेल टैंकर से प्रति बैरल एक डॉलर का शुल्क लिया जाएगा। यह भुगतान बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्रा में होगा, ताकि उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का असर न पड़े। खाली टैंकरों को बिना शुल्क के गुजरने की छूट दी गई है।

क्या बिना अनुमति गुजरने पर खतरा है?
खाड़ी में मौजूद जहाजों को रेडियो के जरिए चेतावनी दी गई है कि बिना ईरान की अनुमति के गुजरने पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है। साफ कहा गया है कि नियम तोड़ने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे शिपिंग कंपनियों में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।

क्या संघर्षविराम के बावजूद तनाव बना हुआ है?
हालांकि दो हफ्ते का संघर्षविराम लागू है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। Donald Trump ने भी कहा है कि यह समझौता तभी टिकेगा जब ईरान होर्मुज को सुरक्षित और पूरी तरह खोलने पर सहमत होगा। वहीं ईरान अपनी शर्तों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।



क्या खाड़ी देशों और कंपनियों की चिंता बढ़ी?
सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देश ईरान के इस कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस रास्ते पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जा सकता। बड़ी शिपिंग कंपनियां भी अभी इंतजार की स्थिति में हैं और जोखिम उठाने से बच रही हैं।

क्या वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ेगा?
इस समय सैकड़ों जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं और बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। पहले जहां रोज करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर 10 से 15 रह सकती है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो तेल की सप्लाई और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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