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खाड़ी में ताकत का प्रदर्शन क्यों?: चेतावनी के बीच ईरान-रूस का संयुक्त अभ्यास शुरू, ट्रंप की सख्ती से बढ़ा तनाव

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 20 Feb 2026 09:47 AM IST
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सार

Iran-Russia Joint Exercises: ट्रंप की 15 दिन की चेतावनी के बीच ईरान और रूस ने ओमान की खाड़ी में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया। ड्रिल में हाईजैक जहाज छुड़ाने का ऑपरेशन और कई युद्धपोत शामिल रहे। अमेरिका ने विमानवाहक पोत तैनात कर दबाव बढ़ाया है। सीमित हमले की अटकलें भी तेज हैं।

Iran-Russia joint exercises begin amid warnings Trumps crackdown escalates tensions
डोनाल्ड ट्रंप और अली खामेनेई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार

पश्चिम एशिया में तनाव तेज है। एक ओर ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए 10 से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है, दूसरी ओर ईरान और रूस ने ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई जा रही है।
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ईरानी सेना की वेबसाइट के अनुसार, ईरान की सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स और रूस की स्पेशल ऑपरेशन टीमों ने अभ्यास के दौरान कथित हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने का ऑपरेशन किया। ड्रिल में ईरान का अलवंद डिस्ट्रॉयर, मिसाइल दागने वाले युद्धपोत, हेलीकॉप्टर, लैंडिंग क्राफ्ट, स्पेशल टीम और कॉम्बैट स्पीडबोट शामिल रहे।
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होर्मुज के बाद नया संदेश?
यह अभ्यास उसी सप्ताह हुआ जब आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में ड्रिल की थी। उस दौरान रणनीतिक जलमार्ग कुछ समय के लिए बंद भी किया गया था। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम है। संयुक्त अभ्यास को क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

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ट्रंप का अल्टीमेटम
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में कहा कि ईरान के पास डील के लिए 10 से 15 दिन हैं, इसके बाद “बहुत बुरी चीजें” हो सकती हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दिया। इससे पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन क्षेत्र में मौजूद है। अमेरिकी वायु और नौसैनिक ताकत में हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है।

हमले की अटकलें
कुछ रिपोर्टों में दावा है कि वार्ता विफल होने पर हमले की संभावना बढ़ सकती है। एक आकलन में इसे 90 प्रतिशत तक बताया गया। सीमित सैन्य हमले के विकल्प पर भी चर्चा की खबरें हैं, जिनमें परमाणु और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई। ऐसे में कूटनीति और सैन्य तैयारी साथ-साथ चल रही हैं और क्षेत्र में तनाव ऊंचा बना हुआ है।

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