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US-Iran Tension: रुबियो ने कहा- ईरान का नया शांति प्रस्ताव उम्मीद से बेहतर, परमाणु हथियार क्षमता पर क्या बोले?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Tue, 28 Apr 2026 08:58 AM IST
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सार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान का नया प्रस्ताव उम्मीद से बेहतर है, लेकिन किसी भी समझौते की शर्त यही होगी कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और बाद में परमाणु मुद्दे पर बातचीत का सुझाव है। अमेरिका फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

Iran's new proposal seemed better than expected to the US, what did Secretary of State Rubio say
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण कूटनीतिक माहौल के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि तेहरान की ओर से हाल में भेजा गया नया प्रस्ताव अमेरिका की उम्मीद से बेहतर है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि किसी भी संभावित समझौते की सबसे बड़ी शर्त यही होगी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

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ईरान के प्रस्ताव में क्या शामिल?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से जो नया ढांचा पेश किया गया है, उसमें पहले चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का सुझाव शामिल है। इसके बाद परमाणु मुद्दे पर विस्तृत बातचीत को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। अमेरिकी अधिकारी फिलहाल इस चरणबद्ध प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।

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अंतिम फैसला ट्रंप ही करेंगे- रुबियो

अपने एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्वीकार होगा या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई समझौता नहीं होता है तो उसके परिणाम क्या होंगे, इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति ही करेंगे।

परमाणु कार्यक्रम क्षेत्रीय तनाव का मुख्य कारण है

रुबियो ने कहा कि परमाणु मुद्दा ही वह वजह है जिसके कारण यह पूरा संकट शुरू हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम आज भी क्षेत्रीय तनाव का मुख्य कारण बना हुआ है।


उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेहरान फिलहाल समय खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है। रुबियो के मुताबिक, ईरान के वार्ताकार बेहद अनुभवी हैं, इसलिए अमेरिका को ऐसा समझौता चाहिए जो निश्चित रूप से यह सुनिश्चित करे कि ईरान किसी भी समय तेजी से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे न बढ़ सके।

ईरान के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष बातचीत को जटिल बना रही

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष और निर्णय प्रक्रिया भी बातचीत को जटिल बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रस्ताव देने वाले व्यक्ति के पास वास्तव में ऐसा प्रस्ताव रखने का अधिकार था या नहीं।

रुबियो ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधियों को केवल ईरानी अधिकारियों से ही बातचीत नहीं करनी पड़ रही, बल्कि ईरान के भीतर अलग-अलग शक्ति केंद्रों की स्थिति को भी समझना पड़ रहा है। इससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि ईरान क्या मानने को तैयार है, क्या पेश कर सकता है और किससे बातचीत करेगा।

ईरानी नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर भी रुबियो ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ऐसे संकेत हैं कि मोजतबा खामेनेई अभी जीवित हैं, लेकिन क्या उनके पास सर्वोच्च नेता बनने के लिए जरूरी धार्मिक वैधता है, इस पर गंभीर सवाल बने हुए हैं।

 

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