फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Is Strait of Hormuz Closed or Open What Did Iran Say After Attacking US Ships Hits Back at Trumps Claim

होर्मुज बंद है या खुला: अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के बाद क्या बोला ईरान? ट्रंप के दावे पर भी किया पलटवार

Mon, 07 Sep 2026 08:26 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 07 Sep 2026 08:26 AM IST
सार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के दावों में टकराव बढ़ गया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के होर्मुज के खुले होने के दावे को बहुत बड़ा झूठ बताया है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद है और जल्द ही इसके बाहर भी नया प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र घोषित किया जाएगा। आखिर ईरान ऐसा कदम क्यों उठा रहा है और इसका असर कितना बड़ा होगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Is Strait of Hormuz Closed or Open What Did Iran Say After Attacking US Ships Hits Back at Trumps Claim
ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को सीधे खारिज किया है। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी से बातचीत में रजाई ने कहा कि होर्मुज पूरी तरह बंद है और ट्रंप का यह कहना कि जलडमरूमध्य खुला है, ‘बहुत बड़ा झूठ’ है। उनके मुताबिक जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित रह गई है। रजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका अगर ईरान को धमकी देना या उस पर हमला करना बंद कर देता है, तो ईरान होर्मुज को खुला रखने के लिए तैयार होगा।

विज्ञापन

पहले कितने जहाज गुजरते थे और अब क्या स्थिति है?

  • रजाई ने कहा कि होर्मुज बंद किए जाने से पहले इस रास्ते से 100 से ज्यादा जहाज गुजरते थे। इन जहाजों के जरिये 10 करोड़ टन से ज्यादा सामान का परिवहन होता था। 
  • विज्ञापन
  • अब उनके दावे के मुताबिक केवल सात से आठ जहाज ही इस क्षेत्र से गुजर रहे हैं और इनमें ईरान की जरूरी वस्तुएं ले जाने वाले जहाज शामिल हैं। 
  • उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका से जुड़े कुछ जहाज चोरी-छिपे इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करते हैं, जिन्हें ईरानी बल पहचानकर निशाना बनाते हैं। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • रजाई के अनुसार अमेरिका पांच से छह जहाजों को इस क्षेत्र से निकालने की कोशिश करता है और इन पर हमला किया जाता है।

 

ईरान होर्मुज के बाहर नया प्रतिबंधित क्षेत्र क्यों बना रहा है?

रजाई ने कहा कि आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। उनके मुताबिक यह क्षेत्र उस जगह से शुरू होगा, जिसे ईरान अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की रेखा बता रहा है और यह फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि नए घोषित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को प्रतिबंधों की सूची में डाल दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि ईरान की ओर से समुद्री आवाजाही पर लगाई जा रही पाबंदियां केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं रह सकती हैं।

ईरान ने अमेरिकी जहाजों को डुबोने से परहेज क्यों किया?

मोहसिन रजाई ने दावा किया कि ईरान अमेरिकी तस्करी वाले जहाजों को देख रहा है और उन्हें नष्ट भी कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान ने इन जहाजों को डुबाने का फैसला नहीं किया है। उनका तर्क है कि इन जहाजों में तेल होता है और उनके डूबने से क्षेत्र के पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। रजाई के मुताबिक ईरान ने कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने के लिए चिह्नित किया था, लेकिन कुछ स्थानों पर जानबूझकर हमला नहीं किया गया। इनमें जॉर्डन का टाइटन बेस और इरबिल में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकाने शामिल हैं।

अमेरिका के साथ तनाव में होर्मुज इतना अहम क्यों है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यहां जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। रजाई ने कहा कि होर्मुज को खुला रखने का भविष्य सीधे तौर पर अमेरिका के सैन्य रवैये से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका ईरान को धमकी देता रहेगा या उस पर हमला करेगा, तब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। इस बीच नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की चेतावनी से फारस की खाड़ी में समुद्री यातायात को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।

लेबनान और हिजबुल्ला को लेकर ईरान ने क्या कहा?

  • मोहसिन रजाई ने लेबनान और हिजबुल्ला के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि युद्ध को केवल जीत और हार की लगातार श्रृंखला के रूप में नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक युद्ध में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
  • रजाई ने दावा किया कि इस्राइली बलों के लगातार सैन्य दबाव के बावजूद पूरे संघर्ष के दौरान लेबनान के हिजबुल्ला का पलड़ा भारी रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति को समझने के लिए केवल अलग-अलग हमलों के नतीजों को देखना पर्याप्त नहीं है।

 

ईरान के नए कदम से आगे क्या बदल सकता है?

ईरान की ओर से होर्मुज के बाहर नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की घोषणा तनाव को एक नए स्तर पर ले जा सकती है। अभी रजाई के बयानों के अनुसार ईरान एक तरफ होर्मुज को अमेरिकी हमलों और धमकियों से जोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उन समुद्री इलाकों में भी प्रतिबंध बढ़ाने की तैयारी कर रहा है जिन्हें वह अपने सुरक्षा हितों से जुड़ा मानता है। नए क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को प्रतिबंध सूची में डालने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होर्मुज और फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed