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व्हाइट हाउस में शाही स्वागत: किंग चार्ल्स III का भव्य सम्मान, ट्रंप को भेंट की 82 साल पुरानी खास पनडुब्बी घंटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Shivam Garg
Updated Wed, 29 Apr 2026 07:51 AM IST
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सार
Donald Trump King Charles III meeting: अमेरिका दौरे पर किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला का व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट डिनर की मेजबानी की, जबकि किंग चार्ल्स ने अमेरिकी संसद को संबोधित कर दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताया।
व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया ट्रंप के साथ किंग चार्ल्स III, क्वीन कैमिला
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
अमेरिका दौरे पर पहुंचे किंग चार्ल्स III और रानी कैमिला का व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने उनके सम्मान में शानदार स्टेट डिनर का आयोजन किया। यह शाही दौरा अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है, जिसे दोनों देशों के ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
डिनर के दौरान किंग चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल हुई ब्रिटिश पनडुब्बी एचएमएस ट्रंप की मूल घंटी भेंट की। इस खास तोहफे को दोनों देशों के साझा इतिहास और गहरी दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। यह उपहार 1976 की उस ऐतिहासिक घटना की भी याद दिलाता है, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अमेरिका को 'लिबर्टी बेल' भेंट की थी। कार्यक्रम के दौरान किंग चार्ल्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा अगर कभी हमसे संपर्क करना हो, तो बस घंटी बजा दीजिए।
ओवल ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात
स्टेट डिनर से पहले किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति ट्रंप से ओवल ऑफिस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरे को ऐतिहासिक और व्यक्तिगत बताया। उन्होंने अपने स्कॉटिश मूल का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर यह यात्रा बेहद खास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका इस समय वहां महत्वपूर्ण सैन्य और कूटनीतिक काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक विशेष प्रतिद्वंद्वी को सैन्य रूप से पराजित किया जा चुका है और अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसे कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करने दिए जाएं। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III भी उनके विचारों से पूरी तरह सहमत हैं, बल्कि कुछ मामलों में उनसे भी अधिक कठोर रुख रखते हैं। किंग चार्ल्स III ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर मजाकिया प्रतिक्रिया देते हुए कहा 'आपने कहा था कि अगर अमेरिका नहीं होता तो यूरोप जर्मन बोल रहा होता… मैं यह कहने की हिम्मत करता हूं कि अगर हम नहीं होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते।'
अमेरिकी संसद में किंग चार्ल्स का संबोधन
किंग चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों को वास्तव में अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। अपने भाषण में उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि कार्यपालिका की शक्ति पर नियंत्रण और संतुलन जरूरी है। इस बयान पर उन्हें जोरदार तालियां और स्टैंडिंग ओवेशन मिला।
इतिहास से जुड़ा खास पल
यह केवल दूसरी बार है जब किसी ब्रिटिश सम्राट ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया है। इससे पहले 1991 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने यह सम्मान प्राप्त किया था।
भव्य स्वागत और सैन्य सम्मान
इस शाही दौरे की शुरुआत व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में भव्य स्वागत समारोह के साथ हुई, जहां किंग चार्ल्स और रानी कैमिला को पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया। समारोह में 21 तोपों की सलामी दी गई और यूएस मरीन बैंड ने प्रस्तुति दी। साथ ही, विभिन्न अमेरिकी सैन्य बलों (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, मरीन कॉर्प्स, स्पेस फोर्स और कोस्ट गार्ड) के गार्ड ऑफ ऑनर ने भाग लिया।
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ओवल ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात
स्टेट डिनर से पहले किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति ट्रंप से ओवल ऑफिस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरे को ऐतिहासिक और व्यक्तिगत बताया। उन्होंने अपने स्कॉटिश मूल का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर यह यात्रा बेहद खास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका इस समय वहां महत्वपूर्ण सैन्य और कूटनीतिक काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक विशेष प्रतिद्वंद्वी को सैन्य रूप से पराजित किया जा चुका है और अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसे कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करने दिए जाएं। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III भी उनके विचारों से पूरी तरह सहमत हैं, बल्कि कुछ मामलों में उनसे भी अधिक कठोर रुख रखते हैं। किंग चार्ल्स III ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर मजाकिया प्रतिक्रिया देते हुए कहा 'आपने कहा था कि अगर अमेरिका नहीं होता तो यूरोप जर्मन बोल रहा होता… मैं यह कहने की हिम्मत करता हूं कि अगर हम नहीं होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते।'
अमेरिकी संसद में किंग चार्ल्स का संबोधन
किंग चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों को वास्तव में अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। अपने भाषण में उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि कार्यपालिका की शक्ति पर नियंत्रण और संतुलन जरूरी है। इस बयान पर उन्हें जोरदार तालियां और स्टैंडिंग ओवेशन मिला।
इतिहास से जुड़ा खास पल
यह केवल दूसरी बार है जब किसी ब्रिटिश सम्राट ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया है। इससे पहले 1991 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने यह सम्मान प्राप्त किया था।
भव्य स्वागत और सैन्य सम्मान
इस शाही दौरे की शुरुआत व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में भव्य स्वागत समारोह के साथ हुई, जहां किंग चार्ल्स और रानी कैमिला को पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया। समारोह में 21 तोपों की सलामी दी गई और यूएस मरीन बैंड ने प्रस्तुति दी। साथ ही, विभिन्न अमेरिकी सैन्य बलों (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, मरीन कॉर्प्स, स्पेस फोर्स और कोस्ट गार्ड) के गार्ड ऑफ ऑनर ने भाग लिया।
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