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Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला

Fri, 07 Aug 2026 06:30 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 07 Aug 2026 06:30 AM IST
सार

अमेरिका की एक अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में 567 मिलियन डॉलर भुगतान करने का आदेश दिया है। जानिए कोर्ट ने क्या कहा...

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Meta Ordered to Pay $567 Million Over Kids Mental Health and Safety Concerns
मेटा को 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन डॉलर (करीब 5400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उस ऐतिहासिक मुकदमे के दूसरे चरण में आया है, जिसमें मार्च में मेटा को हार का सामना करना पड़ा था।

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क्या 567 मिलियन डॉलर की राशि कहां खर्च होगी?

जज ब्रायन बिडशाइड के फैसले के अनुसार, कुल राशि में से 42 करोड़ डॉलर (420 मिलियन डॉलर) युवाओं के इलाज और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे। शेष राशि अगले पांच वर्षों में जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य संबंधित खर्चों के लिए उपयोग की जाएगी।

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मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर (375 मिलियन डॉलर) का सिविल जुर्माना लगाया था। जूरी ने माना था कि कंपनी को यह जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही, कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी छिपाने का भी आरोप माना गया था।

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क्या अदालत ने Meta में बड़े बदलाव करने के निर्देश दिए?

मुकदमे के दूसरे चरण में अभियोजन पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर लत पैदा करने वाले फीचर्स को सीमित किया जाए, आयु सत्यापन की व्यवस्था बेहतर बनाई जाए और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स व कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए बड़े बदलाव किए जाएं।



अदालत ने कहा कि अमेरिका का बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता से जुड़ा कानून COPPA, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मेटा को अनिवार्य आयु सत्यापन लागू करने का आदेश देने की अनुमति नहीं देता। कानून के तहत कंपनी बच्चों से व्यक्तिगत जानकारी मांगने या केवल आयु सत्यापन के लिए उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी नहीं कर सकती। अदालत ने यह भी कहा कि यदि केवल मेटा को बच्चों की आयु सत्यापित करने का निर्देश दिया जाए और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर ऐसा कोई नियम लागू न हो, तो यह कंपनी के साथ असमान और अनुचित व्यवहार होगा। 

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