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Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदू युवक की गिरफ्तारी के खिलाफ अल्पसंख्यकों का प्रदर्शन, BNP सरकार क्या की मांग?

Sat, 18 Jul 2026 04:35 PM IST
Pavan पीटीआई, ढाका
पीटीआई, ढाका Published by: Pavan Updated Sat, 18 Jul 2026 04:35 PM IST
सार

एकता परिषद के वरिष्ठ नेता सुब्रत चौधरी ने प्रदर्शन के दौरान सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बना हुआ था, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर ऐसी घटनाएं कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

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Minority leaders in Bangladesh launch massive protests over Hindu youth's arrest on trumped-up charges
बांग्लादेश में प्रदर्शन - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का आयोजन बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने नेशनल प्रेस क्लब के सामने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिंदू युवक हरिदास चंद्र तरणी दास को झूठे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने उत्तरी बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की पहल की थी।
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गिरफ्तारी को बताया अन्याय
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के महासचिव मणिंद्र कुमार नाथ ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो-तीन दिन पहले हरिदास चंद्र तरणी दास को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया। उन्होंने कहा कि केवल भगवान राम की प्रतिमा निर्माण से जुड़े होने के कारण किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का लगाया आरोप
मणिंद्र कुमार नाथ ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ लगातार हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में देशभर में करीब 3,000 घटनाएं सामने आईं। इनमें 66 लोगों की हत्या हुई और कई मंदिरों पर कट्टरपंथियों ने हमले किए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सरकार को दी चेतावनी
एकता परिषद के वरिष्ठ नेता सुब्रत चौधरी ने सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हरिदास चंद्र तरणी दास की गिरफ्तारी किसके निर्देश पर की गई। उनका कहना था कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस कार्रवाई के पीछे कौन लोग हैं और चाहे वे कितने भी बड़े अधिकारी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हरिदास चंद्र तरणी दास को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो बांग्लादेश का हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय मिलकर देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।


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पहले भी हुआ था विरोध
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पिछले महीने भी गाइबांधा जिले में एक इस्लामी प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की प्रतिमा के कथित अपमान को लेकर हिंदू समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब हरिदास चंद्र तरणी दास की गिरफ्तारी के बाद अल्पसंख्यक संगठनों का विरोध और तेज हो गया है।

भारत ने भी जताई थी चिंता
इससे पहले 23 जून को भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अपील की थी कि वह कट्टरपंथी तत्वों पर सख्त कार्रवाई करे और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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