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Hindi News ›   World ›   Mohammad Zubair Arresting: Journalists get permission to speak fearlessly, UN statement on Zubair's arrest

Mohammad Zubair: पत्रकारों को मिले निडर होकर अपनी बात कहने की अनुमति, जुबैर की गिरफ्तारी पर UN का बयान 

Wed, 29 Jun 2022 01:12 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 29 Jun 2022 01:12 PM IST
सार

प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा, दुनिया में कहीं पर भी यह बेहद जरूरी है कि लोगों को खुलकर अपनी कहने की अनुमति दी जाए। पत्रकारों को मुक्त होकर और किसी भय के बिना अपनी बात कहने की इजाजत होनी चाहिए।

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Mohammad Zubair Arresting: Journalists get permission to speak fearlessly, UN statement on Zubair's arrest
संयुक्त राष्ट्र - फोटो : Social Media

विस्तार

भारत में ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर संयुक्त राष्ट्र का बयान सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र महासविच एंटोनियो गुटेरस के प्रवक्ता ने कहा, पत्रकार जो कुछ भी लिखते हैं, ट्वीट करते हैं या कहते हैं, उसके लिए उन्हें जेल नहीं भेजा जाना चाहिए। यह आवश्यक है कि लोगों को निडर होकर अपनी बात कहने की अनुमति दी जाए।

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दरअसल, मोहम्मद जुबैर को 2018 के एक मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर हिंदू देवता के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने का आरोप है। 

पत्रकारों को मिले बात कहने की इजाजत 

जुबैर की गिरफ्तारी संबंधी एक सवाल पर पाकिस्तानी पत्रकार को जवाब देते हुए प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा, दुनिया में कहीं पर भी यह बेहद जरूरी है कि लोगों को खुलकर अपनी कहने की अनुमति दी जाए। पत्रकारों को मुक्त होकर और किसी भय के बिना अपनी बात कहने की इजाजत होनी चाहिए। उन्होंने कहा, पत्रकार जो कुछ भी कहते हैं, लिखते हैं या ट्वीट करते हैं इसके लिए उन्हें जेल नहीं भेजा जाना चाहिए। यह दुनिया में हर जगह लागू होता है।

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प्रेस की स्वतंत्रता का स्तर नीचे गिरा 
वाशिंगटन में सीपीजे के एशिया कार्यक्रम समन्वयक स्टीवन बटलर ने कहा, पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी से भारत में प्रेस की स्वतंत्रता का स्तर और नीचे चला गया है। सरकार ने सांप्रदायिक मुद्दों से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने वाले प्रेस के सदस्यों के लिए एक असुरक्षित शत्रुतापूर्ण माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा, अधिकारियों को तत्काल और बिना किसी शर्त के जुबैर को रिहा करना चाहिए और उन्हें बिना किसी दखलंदाजी के अपनी पत्रकारिता करने देना चाहिए।

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