{"_id":"69d86409b2412904d602e10a","slug":"nasa-s-artemis-ii-nears-earth-return-after-historic-record-breaking-lunar-mission-crew-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Artemis II: नासा का आर्टेमिस-2 मिशन ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में, पृथ्वी पर लौटने के करीब","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Artemis II: नासा का आर्टेमिस-2 मिशन ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में, पृथ्वी पर लौटने के करीब
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 10 Apr 2026 08:14 AM IST
विज्ञापन
सार
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अपनी ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करके यह अब 10 अप्रैल को धरती पर लौटेगा। भारतीय समयानुसार यह शनिवार तड़के पृथ्वी पर वापस आएगा। नासा ने सभी अंतरिक्ष यात्रियों के स्वागत के लिए बड़ी तैयारी की है।
यात्रा के अंतिम चरण में पहुंचा आर्टेमिस-II मिशन
- फोटो : NASA
विज्ञापन
विस्तार
नासा ने मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की है। शुक्रवार को नासा ने बताया कि उसका आर्टेमिस-II मिशन एक अप्रैल को सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ था और अब अपनी ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में पहुंच गया है।
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि अंतरिक्ष यान चंद्रमा के चारों ओर घूम चुका है और अब पृथ्वी पर लौट रहा है। इसकी समुद्र में लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) 10 अप्रैल को रात करीब 8:07 बजे (ईटी) प्रशांत महासागर में होने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz: होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले- यह वह समझौता नहीं, जो हमने किया
धरती पर स्वागत करने का कर रहे इंतजार : नासा
नासा ने अपने संदेश में कहा कि वे अंतरिक्ष यात्रियों का फिर से पृथ्वी पर स्वागत करने का इंतजार कर रहे हैं। यह मिशन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह पांच दशकों से भी ज़्यादा समय के बाद, पृथ्वी की निचली कक्षा से परे गहरे अंतरिक्ष की खोज में मानवता की वापसी का प्रतीक है। नासा के अनुसार, इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की है, जो भविष्य में चंद्रमा पर जाने वाले अभियानों के लिए रास्ता तैयार करेगा।
मिशन के दौरान पहले, चार सदस्यों वाले दल ने पृथ्वी से 248,655 मील की यात्रा करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दल में रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल रहे। अपनी यात्रा के सबसे दूर के बिंदु पर वे लगभग 252,756 मील तक पहुंचे। यह उपलब्धि पहले अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड से भी आगे निकल गई है।
भविष्य के मिशन में काम आएगा शोध
अधिकारियों के अनुसार, यह 10 दिन का मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमता को परखने के लिए बनाया गया है। इसमें चंद्रमा के पास से गुजरना भी शामिल था, जो भविष्य के मिशनों के लिए बहुत जरूरी कदम है।
नासा की अधिकारी डॉ. लोरी ग्लेज ने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने और अंतरिक्ष में नई खोज करने के लिए प्रतिबद्ध है। ओरियन अंतरिक्ष यान से जेरेमी हैनसन ने कहा कि यह उपलब्धि पुराने अंतरिक्ष यात्रियों की विरासत को सम्मान देती है और साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए दौर की शुरुआत भी करती है।
ये भी पढ़ें: भारत-अमेरिका के रिश्तों में नई मजबूती: विक्रम मिस्री और मार्को रुबियो की अहम बैठक, व्यापार और रक्षा पर जोर
आर्टेमिस-II मिशन को नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करना शामिल है।
(इनपुट आईएएनएस से)
अन्य वीडियो
Trending Videos
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि अंतरिक्ष यान चंद्रमा के चारों ओर घूम चुका है और अब पृथ्वी पर लौट रहा है। इसकी समुद्र में लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) 10 अप्रैल को रात करीब 8:07 बजे (ईटी) प्रशांत महासागर में होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz: होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले- यह वह समझौता नहीं, जो हमने किया
धरती पर स्वागत करने का कर रहे इंतजार : नासा
नासा ने अपने संदेश में कहा कि वे अंतरिक्ष यात्रियों का फिर से पृथ्वी पर स्वागत करने का इंतजार कर रहे हैं। यह मिशन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह पांच दशकों से भी ज़्यादा समय के बाद, पृथ्वी की निचली कक्षा से परे गहरे अंतरिक्ष की खोज में मानवता की वापसी का प्रतीक है। नासा के अनुसार, इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की है, जो भविष्य में चंद्रमा पर जाने वाले अभियानों के लिए रास्ता तैयार करेगा।
मिशन के दौरान पहले, चार सदस्यों वाले दल ने पृथ्वी से 248,655 मील की यात्रा करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस दल में रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल रहे। अपनी यात्रा के सबसे दूर के बिंदु पर वे लगभग 252,756 मील तक पहुंचे। यह उपलब्धि पहले अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड से भी आगे निकल गई है।
भविष्य के मिशन में काम आएगा शोध
अधिकारियों के अनुसार, यह 10 दिन का मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमता को परखने के लिए बनाया गया है। इसमें चंद्रमा के पास से गुजरना भी शामिल था, जो भविष्य के मिशनों के लिए बहुत जरूरी कदम है।
नासा की अधिकारी डॉ. लोरी ग्लेज ने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने और अंतरिक्ष में नई खोज करने के लिए प्रतिबद्ध है। ओरियन अंतरिक्ष यान से जेरेमी हैनसन ने कहा कि यह उपलब्धि पुराने अंतरिक्ष यात्रियों की विरासत को सम्मान देती है और साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए दौर की शुरुआत भी करती है।
ये भी पढ़ें: भारत-अमेरिका के रिश्तों में नई मजबूती: विक्रम मिस्री और मार्को रुबियो की अहम बैठक, व्यापार और रक्षा पर जोर
आर्टेमिस-II मिशन को नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करना शामिल है।
(इनपुट आईएएनएस से)
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन