{"_id":"69684b8d9ff86414bd0ef927","slug":"nasa-sends-four-astronauts-back-to-earth-in-first-ever-medical-evacuation-mission-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"NASA: पहली मेडिकल इवैकुएशन में 4 अंतरिक्ष यात्रियों की आईएसएस से धरती पर वापसी; नासा का ऐतिहासिक फैसला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
NASA: पहली मेडिकल इवैकुएशन में 4 अंतरिक्ष यात्रियों की आईएसएस से धरती पर वापसी; नासा का ऐतिहासिक फैसला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केप कैनावेरल
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 15 Jan 2026 07:36 AM IST
विज्ञापन
सार
नासा ने इतिहास में पहली बार मेडिकल इवैकुएशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी पर वापस बुलाया है। हालांकि चालक दल के मध्य फरवरी 2026 तक कक्षा में रहने की उम्मीद थी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : NASA
विज्ञापन
विस्तार
नासा ने अपने 65 वर्षों के मानव अंतरिक्ष उड़ान इतिहास में पहली बार एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लेते हुए मेडिकल इवैकुएशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर वापस बुला लिया है। यह मिशन तय समय से एक महीने पहले ही समाप्त कर दिया गया।
4 अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर वापसी
नासा, रूस और जापान के इन चार अंतरिक्ष यात्रियों ने बुधवार को स्पेस स्टेशन से विदाई ली और वे स्पेसएक्स कैप्सूल के जरिये गुरुवार तड़के कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने वाले हैं। इस मिशन में शामिल नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन ने भावुक होते हुए कहा हमारी वापसी का समय अचानक बदला, लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यह टीम एक परिवार की तरह एक-दूसरे का ख्याल रखती रही।
हालांकि नासा ने उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान उजागर नहीं की, जिसे चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्री की हालत स्थिर और सुरक्षित है तथा यह फैसला पूरी सावधानी के साथ लिया गया है ताकि धरती पर बेहतर मेडिकल जांच संभव हो सके। नासा ने यह भी साफ किया कि यह कोई आपात स्थिति नहीं थी, लेकिन अंतरिक्ष में रहते हुए इलाज में देरी करना जोखिम भरा हो सकता था। इसलिए मिशन को छोटा करने का निर्णय लिया गया।
ये भी पढ़ें:- Iran Protest: 'ईरान में हत्याएं रुक रही हैं, फांसी पर भी लगी रोक', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा
इस दल में शामिल अंतरिक्ष यात्री:
लगभग छह महीने तक चलने वाला मिशन
क्रू-11 को अगस्त 2025 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) के लिए लॉन्च किया गया था, जिसका मिशन मूल रूप से लगभग छह महीने तक चलने वाला था। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी और उसके अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी कक्षा में चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।
फरवरी 2026 तक रहने की थी उम्मीद
दरअसल, क्रू-11 मिशन, आईएसएस पर निरंतर मानव उपस्थिति बनाए रखने के नासा के सतत प्रयासों का हिस्सा है। अपने प्रवास के दौरान अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और स्टेशन के नियमित रखरखाव का कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य के मिशनों की तैयारियों में भी सहयोग कर रहे हैं। चालक दल के मध्य फरवरी 2026 तक कक्षा में रहने की उम्मीद थी।
अन्य वीडियो:-
Trending Videos
4 अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर वापसी
नासा, रूस और जापान के इन चार अंतरिक्ष यात्रियों ने बुधवार को स्पेस स्टेशन से विदाई ली और वे स्पेसएक्स कैप्सूल के जरिये गुरुवार तड़के कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने वाले हैं। इस मिशन में शामिल नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन ने भावुक होते हुए कहा हमारी वापसी का समय अचानक बदला, लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यह टीम एक परिवार की तरह एक-दूसरे का ख्याल रखती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि नासा ने उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान उजागर नहीं की, जिसे चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्री की हालत स्थिर और सुरक्षित है तथा यह फैसला पूरी सावधानी के साथ लिया गया है ताकि धरती पर बेहतर मेडिकल जांच संभव हो सके। नासा ने यह भी साफ किया कि यह कोई आपात स्थिति नहीं थी, लेकिन अंतरिक्ष में रहते हुए इलाज में देरी करना जोखिम भरा हो सकता था। इसलिए मिशन को छोटा करने का निर्णय लिया गया।
ये भी पढ़ें:- Iran Protest: 'ईरान में हत्याएं रुक रही हैं, फांसी पर भी लगी रोक', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा
इस दल में शामिल अंतरिक्ष यात्री:
- जेना कार्डमैन (अमेरिका)- पहली अंतरिक्ष उड़ान
- माइक फिन्के (अमेरिका)- अनुभवी अंतरिक्ष यात्री
- किमिया युई (जापान)- दूसरी अंतरिक्ष यात्रा
- ओलेग प्लातोनोव (रूस)- पहली अंतरिक्ष उड़ान
लगभग छह महीने तक चलने वाला मिशन
क्रू-11 को अगस्त 2025 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) के लिए लॉन्च किया गया था, जिसका मिशन मूल रूप से लगभग छह महीने तक चलने वाला था। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी और उसके अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी कक्षा में चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।
फरवरी 2026 तक रहने की थी उम्मीद
दरअसल, क्रू-11 मिशन, आईएसएस पर निरंतर मानव उपस्थिति बनाए रखने के नासा के सतत प्रयासों का हिस्सा है। अपने प्रवास के दौरान अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और स्टेशन के नियमित रखरखाव का कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य के मिशनों की तैयारियों में भी सहयोग कर रहे हैं। चालक दल के मध्य फरवरी 2026 तक कक्षा में रहने की उम्मीद थी।
अन्य वीडियो:-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन