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Noreen Niazi: इमरान खान की बहन ने खोली फील्ड मार्शल मुनीर की पोल, पाकिस्तान सरकार को लगी मिर्ची; कर दी ये हरकत
Sun, 19 Jul 2026 08:15 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, लाहौर
पीटीआई, लाहौर
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 19 Jul 2026 08:15 PM IST
सार
पाकिस्तान की साइबर अपराध जांच एजेंसी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी को सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ और राज्य संस्थानों को बदनाम करने वाली सामग्री साझा करने के आरोप में तलब किया है। यह कार्रवाई उनके उस इंटरव्यू के बाद हुई, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष और पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को लेकर चौंकाने वाले दावे किए थे।
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नोरीन नियाजी का बड़ा दावा
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पाकिस्तान की साइबर अपराध जांच एजेंसी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी को समन जारी किया है। उन पर सोशल मीडिया के जरिए राज्य संस्थानों को बदनाम करने के साथ झूठी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री फैलाने का आरोप लगाया गया है।
एक साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने दावा किया था कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिलीभगत का नतीजा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना की छवि को बेहतर बनाना था।
नोरीन नियाजी पर पाकिस्तान सरकार ने लगाए क्या आरोप?
इस साक्षात्कार के सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने समन जारी किया। एजेंसी ने शनिवार को समन जारी करते हुए नोरीन नियाजी को सोमवार को इस्लामाबाद स्थित अपने कार्यालय में पेश होने को कहा है।
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समन में कहा गया, "आपके द्वारा सोशल मीडिया पर राज्य संस्थानों को बदनाम करने और झूठे नैरेटिव फैलाने के लिए झूठी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित किए जाने के प्रमाण मिले हैं।" साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद चार दिनों तक चले संघर्ष में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को भी कमतर बताने की कोशिश की।
पाकिस्तान-इस्राइल और अब्राहम समझौते को लेकर नोरीन ने किया क्या दावा?
समन में कहा गया है कि नोरीन ने बिना कोई साक्ष्य दिए दावा किया कि भारत ने संघर्ष को आगे इसलिए नहीं बढ़ाया, क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने की दिशा में बढ़ रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य पाकिस्तान के लिए अब्राहम समझौते में शामिल होने का रास्ता तैयार करना था।
पाकिस्तान उन देशों में शामिल है, जो इस्राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता और उसके साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। वहीं, अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान, मोरक्को समेत कई अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित हुए।
जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का खेल?
नोरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि इस पूरे सैन्य टकराव की पटकथा केवल इसलिए रची गई थी ताकि पाकिस्तान की सेना की छवि को जनता के बीच सुधारा जा सके। उन्होंने सीधे तौर पर तत्कालीन थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया। इस संघर्ष के बाद ही जनरल आसिम मुनीर को प्रमोट करके 'फील्ड मार्शल' का सर्वोच्च पद दिया गया था।
साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने कहा, "आप क्या सोचते हैं? भारत जैसा बड़ा देश 10 मई को पाकिस्तान के हमले का जवाब देने की स्थिति में नहीं था? वह जवाब दे सकता था, लेकिन किसी समझ के कारण भारत ने जानबूझकर कड़ा जवाब नहीं दिया।"
पीएमएलएन नेता ने नोरीज नियाजी पर लगाए क्या आरोप?
नोरीन नियाजी के इस बयान पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और पंजाब की सूचना एवं संस्कृति मंत्री अजमा बोखारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। बोखारी ने शनिवार को कहा, "नोरीन नियाजी का बयान उनके भाई इमरान खान की सोच को दर्शाता है। इमरान खान का परिवार हमेशा पाकिस्तान की उपलब्धियों से असहज नजर आया है और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नोरीन नियाजी की टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं।
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एक साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने दावा किया था कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिलीभगत का नतीजा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना की छवि को बेहतर बनाना था।
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नोरीन नियाजी पर पाकिस्तान सरकार ने लगाए क्या आरोप?
इस साक्षात्कार के सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने समन जारी किया। एजेंसी ने शनिवार को समन जारी करते हुए नोरीन नियाजी को सोमवार को इस्लामाबाद स्थित अपने कार्यालय में पेश होने को कहा है।
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समन में कहा गया, "आपके द्वारा सोशल मीडिया पर राज्य संस्थानों को बदनाम करने और झूठे नैरेटिव फैलाने के लिए झूठी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित किए जाने के प्रमाण मिले हैं।" साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद चार दिनों तक चले संघर्ष में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को भी कमतर बताने की कोशिश की।
पाकिस्तान-इस्राइल और अब्राहम समझौते को लेकर नोरीन ने किया क्या दावा?
समन में कहा गया है कि नोरीन ने बिना कोई साक्ष्य दिए दावा किया कि भारत ने संघर्ष को आगे इसलिए नहीं बढ़ाया, क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने की दिशा में बढ़ रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य पाकिस्तान के लिए अब्राहम समझौते में शामिल होने का रास्ता तैयार करना था।
पाकिस्तान उन देशों में शामिल है, जो इस्राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता और उसके साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। वहीं, अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान, मोरक्को समेत कई अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित हुए।
जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का खेल?
नोरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि इस पूरे सैन्य टकराव की पटकथा केवल इसलिए रची गई थी ताकि पाकिस्तान की सेना की छवि को जनता के बीच सुधारा जा सके। उन्होंने सीधे तौर पर तत्कालीन थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया। इस संघर्ष के बाद ही जनरल आसिम मुनीर को प्रमोट करके 'फील्ड मार्शल' का सर्वोच्च पद दिया गया था।
साक्षात्कार में नोरीन नियाजी ने कहा, "आप क्या सोचते हैं? भारत जैसा बड़ा देश 10 मई को पाकिस्तान के हमले का जवाब देने की स्थिति में नहीं था? वह जवाब दे सकता था, लेकिन किसी समझ के कारण भारत ने जानबूझकर कड़ा जवाब नहीं दिया।"
पीएमएलएन नेता ने नोरीज नियाजी पर लगाए क्या आरोप?
नोरीन नियाजी के इस बयान पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और पंजाब की सूचना एवं संस्कृति मंत्री अजमा बोखारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। बोखारी ने शनिवार को कहा, "नोरीन नियाजी का बयान उनके भाई इमरान खान की सोच को दर्शाता है। इमरान खान का परिवार हमेशा पाकिस्तान की उपलब्धियों से असहज नजर आया है और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नोरीन नियाजी की टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं।