{"_id":"6a5db8f5658a3d7b1c00780b","slug":"iran-war-myanmar-crisis-and-south-china-sea-rifts-under-spotlight-in-asean-ministerial-talks-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"ASEAN ministerial Talks: ईरान संकट से दक्षिण चीन सागर तक, आसियान बैठक में किन मुद्दों पर रहेगी दुनिया की नजर?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ASEAN ministerial Talks: ईरान संकट से दक्षिण चीन सागर तक, आसियान बैठक में किन मुद्दों पर रहेगी दुनिया की नजर?
Mon, 20 Jul 2026 11:43 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला (फिलीपींस)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला (फिलीपींस)
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:43 AM IST
सार
ईरान युद्ध, म्यांमार संकट और दक्षिण चीन सागर विवाद के बीच आसियान की बैठक हो रही है। लेकिन क्या मनीला में जुटे अमेरिका, चीन और रूस जैसे बड़े देश क्षेत्रीय तनाव कम करने की रणनीति बना पाएंगे? पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
वैश्विक संकटों के बीच आसियान का मंथन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/आसियान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण-पूर्व एशिया के शीर्ष राजनयिक मंगलवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला में बैठक करने वाले हैं, जिसमें पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव पर चर्चा की उम्मीद है। इस बैठक में अमेरिका, चीन, रूस और यूरोपीय संघ समेत पश्चिमी और एशियाई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
दुनिया में चल रहे कई बड़े जटिल संघर्ष में से ईरान में हाल की लड़ाई भी आसियान देशों की सालाना बैठक में एक अहम मुद्दा होगी। इस साल 11 देशों के संगठन आसियान की अध्यक्षता फिलीपींस कर रहा है और वही राजधानी मनीला में तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।
बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव समेत कई नेता शामिल होंगे। यूक्रेन के शीर्ष राजनयिक एंड्री सिबिहा को 1976 में हुए आसियान के गैर-आक्रामकता समझौते की वर्षगांठ पर शुक्रवार को होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। हालांकि, वह आसियान की उन बैठकों में हिस्सा नहीं लेंगे, जिनमें लावरोव और रुबियो शामिल होंगे।
विज्ञापन
ईरान युद्ध आसियान की बड़ी चिंताओं में शामिल
आसियान के सदस्य देशों के विदेश मंत्री मंगलवार को सबसे पहले आपस में बैठक करेंगे। इसमें अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष समेत अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। यह संघर्ष पश्चिम एशिया के दूसरे देशों तक फैल गया है और इससे एक बड़े युद्ध की वापसी की आशंका बढ़ गई है।
दक्षिण-पूर्व एशिया के दो राजनयिकों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि आसियान देश इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए एक संयुक्त बयान जारी करने और दोनों पक्षों से फिर से बातचीत शुरू करने की अपील करने की योजना बना रहे हैं।
लड़ाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात एक बार फिर खतरे में पड़ गया है। युद्ध से पहले दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरती थी।
68 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले दक्षिण-पूर्व एशिया का यह क्षेत्र पश्चिम एशिया के तेल और गैस पर काफी निर्भर है। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आपूर्ति और कीमतों में आए बदलाव का इस क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ा है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने मार्च में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया था। इसका मकसद ईंधन, भोजन और अन्य जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी व मुनाफाखोरी को रोकना था।
ये भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिकी हमलों के बीच होर्मुज पर किसका नियंत्रण? ट्रंप के दावे पर IRGC ने क्या कहा
ईरान युद्ध पर अमेरिका का फोकस बढ़ने और उसकी सैन्य ताकत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया की ओर भेजे जाने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चिंता बढ़ी है। इसमें दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक गतिविधियां और ताइवान के खिलाफ उसके कदम भी शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन ने इन मामलों में मदद करने का वादा किया है।
रुबियो आसियान और क्वाड बैठकों के लिए फिलीपींस रवाना
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आसियान की बैठकों में शामिल होने के लिए फिलीपींस रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह क्वाड समूह के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी बातचीत करेंगे।
मनीला में इस सप्ताह होने वाली क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक दो महीने के भीतर दूसरी बैठक होगी। इससे पहले क्वाड की मंत्रिस्तरीय बैठक मई में नई दिल्ली में हुई थी। इसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और मार्को रुबियो शामिल हुए थे।
रुबियो रविवार शाम मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से मनीला के लिए रवाना हुए। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, इस साल की दूसरी क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए इस सप्ताह फिलीपींस में विदेश मंत्री रुबियो के साथ शामिल होने को लेकर उत्साहित हूं। अमेरिका एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है और हमारे क्वाड साझेदार बेहद अहम हैं।
विज्ञापन
दुनिया में चल रहे कई बड़े जटिल संघर्ष में से ईरान में हाल की लड़ाई भी आसियान देशों की सालाना बैठक में एक अहम मुद्दा होगी। इस साल 11 देशों के संगठन आसियान की अध्यक्षता फिलीपींस कर रहा है और वही राजधानी मनीला में तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।
विज्ञापन
बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव समेत कई नेता शामिल होंगे। यूक्रेन के शीर्ष राजनयिक एंड्री सिबिहा को 1976 में हुए आसियान के गैर-आक्रामकता समझौते की वर्षगांठ पर शुक्रवार को होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। हालांकि, वह आसियान की उन बैठकों में हिस्सा नहीं लेंगे, जिनमें लावरोव और रुबियो शामिल होंगे।
विज्ञापन
ईरान युद्ध आसियान की बड़ी चिंताओं में शामिल
आसियान के सदस्य देशों के विदेश मंत्री मंगलवार को सबसे पहले आपस में बैठक करेंगे। इसमें अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष समेत अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। यह संघर्ष पश्चिम एशिया के दूसरे देशों तक फैल गया है और इससे एक बड़े युद्ध की वापसी की आशंका बढ़ गई है।
दक्षिण-पूर्व एशिया के दो राजनयिकों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि आसियान देश इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए एक संयुक्त बयान जारी करने और दोनों पक्षों से फिर से बातचीत शुरू करने की अपील करने की योजना बना रहे हैं।
लड़ाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात एक बार फिर खतरे में पड़ गया है। युद्ध से पहले दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरती थी।
68 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले दक्षिण-पूर्व एशिया का यह क्षेत्र पश्चिम एशिया के तेल और गैस पर काफी निर्भर है। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आपूर्ति और कीमतों में आए बदलाव का इस क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ा है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने मार्च में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया था। इसका मकसद ईंधन, भोजन और अन्य जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी व मुनाफाखोरी को रोकना था।
ये भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिकी हमलों के बीच होर्मुज पर किसका नियंत्रण? ट्रंप के दावे पर IRGC ने क्या कहा
ईरान युद्ध पर अमेरिका का फोकस बढ़ने और उसकी सैन्य ताकत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया की ओर भेजे जाने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चिंता बढ़ी है। इसमें दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक गतिविधियां और ताइवान के खिलाफ उसके कदम भी शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन ने इन मामलों में मदद करने का वादा किया है।
रुबियो आसियान और क्वाड बैठकों के लिए फिलीपींस रवाना
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आसियान की बैठकों में शामिल होने के लिए फिलीपींस रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह क्वाड समूह के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी बातचीत करेंगे।
मनीला में इस सप्ताह होने वाली क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक दो महीने के भीतर दूसरी बैठक होगी। इससे पहले क्वाड की मंत्रिस्तरीय बैठक मई में नई दिल्ली में हुई थी। इसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और मार्को रुबियो शामिल हुए थे।
रुबियो रविवार शाम मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से मनीला के लिए रवाना हुए। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, इस साल की दूसरी क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए इस सप्ताह फिलीपींस में विदेश मंत्री रुबियो के साथ शामिल होने को लेकर उत्साहित हूं। अमेरिका एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है और हमारे क्वाड साझेदार बेहद अहम हैं।