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क्या खत्म होगी रूस-यूक्रेन जंग?: नाटो समिट में ट्रंप बोले- पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं समाधान
Wed, 08 Jul 2026 06:48 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, अंकारा
एएनआई, अंकारा
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 08 Jul 2026 06:48 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जल्द ही शांति समझौता होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत के बाद यह बयान दिया। दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने नाटो शिखर सम्मेलन में यूरोपीय देशों से रूसी मिसाइलों के खिलाफ सुरक्षा मजबूत करने की अपील की है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को लेकर उनके आकलन में कोई बदलाव नहीं आया है। तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ बातचीत करते हुए ट्रंप ने यह बयान दिया।
ट्रंप ने बताया कि एक दिन पहले उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। इसके अलावा उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी बात की है। ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि वे दोनों ही समझौता करना चाहते हैं। यह बहुत दुखद है कि इसमें इतना लंबा समय लगा, लेकिन मुझे लगता है कि जल्द ही कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुतिन के किसी समझौते के लिए तैयार होने जैसी कोई बात हुई है जिससे वह इतने आशावादी दिख रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि उनके विचारों में कभी कोई बदलाव नहीं आया है। ट्रंप ने कहा कि वह केवल लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहते। उन्होंने युद्ध के मैदान की तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है। लोग विश्वास नहीं करेंगे कि यह कितनी हिंसक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा है, यह एक नरसंहार है और इसे रुकना चाहिए।
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ट्रंप ने यह भी कहा कि इस संघर्ष का सीधा असर अमेरिका के मुकाबले यूरोप पर अधिक पड़ता है। उन्होंने कहा, यह हमें सीधे प्रभावित नहीं करता क्योंकि हमारे बीच एक महासागर है। हम वहां यूरोप की मदद के लिए हैं, लेकिन यह अमेरिका को प्रभावित नहीं करता। फिर भी, वहां जो कुछ हो रहा है, उसे देखना मेरे लिए असहनीय है।
ये भी पढ़ें: क्या प. एशिया में फिर छिड़ेगा संघर्ष?: US ने ईरान पर शुरू किए हमले, तेल टैंकरों को निशाना बनाने पर कार्रवाई
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी नाटो शिखर सम्मेलन में यूरोपीय सहयोगियों से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप को रूस की मिसाइल क्षमताओं के खिलाफ अपनी सुरक्षा मजबूत करनी होगी। उन्होंने इसे रूस का आखिरी सबसे बड़ा फायदा बताया।
जेलेंस्की ने कहा कि फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव को बार-बार निशाना बनाया है और कई नागरिकों की जान ली है। उन्होंने इस खतरे को वैश्विक महत्व का मुद्दा बताया। उन्होंने यूरोपीय देशों से करीबी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे एक-दूसरे को भरोसेमंद साझेदार मानते हैं, इसलिए एक साझा सुरक्षा समुदाय का हिस्सा बनना स्वाभाविक होगा।
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ट्रंप ने बताया कि एक दिन पहले उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। इसके अलावा उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी बात की है। ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि वे दोनों ही समझौता करना चाहते हैं। यह बहुत दुखद है कि इसमें इतना लंबा समय लगा, लेकिन मुझे लगता है कि जल्द ही कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।
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जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुतिन के किसी समझौते के लिए तैयार होने जैसी कोई बात हुई है जिससे वह इतने आशावादी दिख रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि उनके विचारों में कभी कोई बदलाव नहीं आया है। ट्रंप ने कहा कि वह केवल लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहते। उन्होंने युद्ध के मैदान की तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है। लोग विश्वास नहीं करेंगे कि यह कितनी हिंसक है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा है, यह एक नरसंहार है और इसे रुकना चाहिए।
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ट्रंप ने यह भी कहा कि इस संघर्ष का सीधा असर अमेरिका के मुकाबले यूरोप पर अधिक पड़ता है। उन्होंने कहा, यह हमें सीधे प्रभावित नहीं करता क्योंकि हमारे बीच एक महासागर है। हम वहां यूरोप की मदद के लिए हैं, लेकिन यह अमेरिका को प्रभावित नहीं करता। फिर भी, वहां जो कुछ हो रहा है, उसे देखना मेरे लिए असहनीय है।
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दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी नाटो शिखर सम्मेलन में यूरोपीय सहयोगियों से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप को रूस की मिसाइल क्षमताओं के खिलाफ अपनी सुरक्षा मजबूत करनी होगी। उन्होंने इसे रूस का आखिरी सबसे बड़ा फायदा बताया।
जेलेंस्की ने कहा कि फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव को बार-बार निशाना बनाया है और कई नागरिकों की जान ली है। उन्होंने इस खतरे को वैश्विक महत्व का मुद्दा बताया। उन्होंने यूरोपीय देशों से करीबी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे एक-दूसरे को भरोसेमंद साझेदार मानते हैं, इसलिए एक साझा सुरक्षा समुदाय का हिस्सा बनना स्वाभाविक होगा।