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Rishi Sunak: कई चुनौतियां और देश को स्थिर करने का प्रयास, UK के पहले भारतीय मूल के पीएम की ऐसे हो रही प्रशंसा
Sun, 07 Jul 2024 09:53 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 07 Jul 2024 09:53 PM IST
सार
Rishi Sunak: ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी के 14 सालों का लंबा शासन ऋषि सुनक की विदाई के साथ खत्म हो गया है। लेकिन देश प्रधानमंत्री के तौर पर ऋषि सुनक के कामों और प्रयासों की जमकर सराहना की जा रही है।
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ऋषि सुनक
- फोटो : ANI
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विस्तार
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अब अपने परिवार के साथ उत्तरी यॉर्कशायर में अपने घर लौट गए हैं। लेकिन उन्होंने अपने पीछे ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के नेता के रूप में विरासत छोड़ी है। ऋषि सुनक ने जब सत्ता संभाली तब देश को स्थिर करने का प्रयास और तमाम चुनौतियों का सामना समेत कई प्रयासों के लिए उनकी जमकर प्रशंसा की गई। उनका कार्यकाल ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसमें कई लोगों ने उनकी उपलब्धियों और समर्पण को स्वीकार किया।
अपने घर उत्तरी यॉर्कशायर लौटे ऋषि सुनक
फिलहाल ऋषि सुनक उत्तरी यॉर्कशायर में अपने घर से सांसद के रूप में सेवा करना जारी रखने की योजना बना रहे हैं। वहीं 10 डाउनिंग स्ट्रीट की सीढ़ियों पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा, कि मैंने इस काम के लिए अपना सब कुछ दिया है, और इतिहास में उनका नाम के इसी तरह दर्ज होने की संभावना है। ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के नेता, पहले हिंदू और पहले गैर-श्वेत जातीयता के रूप में, 44 वर्षीय सुनक इतिहास में कंजर्वेटिव पार्टी के सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन की अध्यक्षता करने के बावजूद काफी विरासत छोड़ गए हैं।
'ऋषि सुनक के लिए दयालु होगा इतिहास'
वहीं ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक के निदेशक सुंदर कटवाला कहते हैं, कि मुझे लगता है कि इतिहास ऋषि सुनक के लिए दयालु होगा। ऋषि सुनक ऐसे समय में सत्ता संभालने वाले शख्स हैं जिन्होंने बहुत ही कठिन आर्थिक, भू-राजनीतिक परिस्थितियों में देश को स्थिर करने की बहुत कोशिश की। और जो चीज उनके पास वास्तव में नहीं थी, वह थी कोई राजनीतिक नुस्खा जिसके लिए शायद जादू की छड़ी की आवश्यकता होती, लेकिन उन्होंने सरकार के बहुत ही अराजक दौर के बाद देश को फिर से एक समान स्थिति में ला दिया, जिसमें कुछ ही हफ्तों में दो प्रधानमंत्रियों को खोया था।
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'बहुत ही प्रतिभाशाली और सक्षम व्यक्ति हैं सुनक'
उनसे पहले 10 डाउनिंग स्ट्रीट में लॉकडाउन कानून तोड़ने वाली पार्टियों के पार्टीगेट घोटाले के बाद बोरिस जॉनसन को उनकी अपनी पार्टी से बाहर कर दिया गया और फिर टोरी सदस्यों की तरफ से वोट की गई लिज ट्रस एक विनाशकारी विकल्प साबित हुई, जिसके बाद उनकी पार्टी ने ऋषि सुनक की ओर रुख किया। वहीं व्यवसायी और सहकर्मी लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने का कहना है कि वो ऋषि सुनक को एक दशक से जानते हैं, वो और उनके परिवार के लोग अद्भुत और सभ्य हैं। वह बहुत ही प्रतिभाशाली और बहुत ही सक्षम व्यक्ति हैं।
'यूके के पहले ब्रिटिश भारतीय PM के रूप में विरासत'
यूके इंडियन बिजनेस काउंसिल के प्रबंध निदेशक केविन मैककोल का मानना है कि उनकी विरासत यूनाइटेड किंगडम के पहले ब्रिटिश भारतीय प्रधान मंत्री के रूप में होगी। उन्होंने आगे कहा कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित दिवाली समारोह का हिस्सा बनना एक उल्लेखनीय मार्मिक क्षण था। इसलिए, मुझे लगता है कि इस चुनाव के बजाय ये ऋषि सुनक की विरासत होगी। वह ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लिए एक महान राजदूत रहे हैं और यह वास्तव में ब्रिटेन को अपनी बहुसांस्कृतिक श्रेष्ठता में दिखाता है, कि ऋषि सुनक इस देश में इतना कुछ हासिल कर सकते हैं।
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अपने घर उत्तरी यॉर्कशायर लौटे ऋषि सुनक
फिलहाल ऋषि सुनक उत्तरी यॉर्कशायर में अपने घर से सांसद के रूप में सेवा करना जारी रखने की योजना बना रहे हैं। वहीं 10 डाउनिंग स्ट्रीट की सीढ़ियों पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा, कि मैंने इस काम के लिए अपना सब कुछ दिया है, और इतिहास में उनका नाम के इसी तरह दर्ज होने की संभावना है। ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के नेता, पहले हिंदू और पहले गैर-श्वेत जातीयता के रूप में, 44 वर्षीय सुनक इतिहास में कंजर्वेटिव पार्टी के सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन की अध्यक्षता करने के बावजूद काफी विरासत छोड़ गए हैं।
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'ऋषि सुनक के लिए दयालु होगा इतिहास'
वहीं ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक के निदेशक सुंदर कटवाला कहते हैं, कि मुझे लगता है कि इतिहास ऋषि सुनक के लिए दयालु होगा। ऋषि सुनक ऐसे समय में सत्ता संभालने वाले शख्स हैं जिन्होंने बहुत ही कठिन आर्थिक, भू-राजनीतिक परिस्थितियों में देश को स्थिर करने की बहुत कोशिश की। और जो चीज उनके पास वास्तव में नहीं थी, वह थी कोई राजनीतिक नुस्खा जिसके लिए शायद जादू की छड़ी की आवश्यकता होती, लेकिन उन्होंने सरकार के बहुत ही अराजक दौर के बाद देश को फिर से एक समान स्थिति में ला दिया, जिसमें कुछ ही हफ्तों में दो प्रधानमंत्रियों को खोया था।
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'बहुत ही प्रतिभाशाली और सक्षम व्यक्ति हैं सुनक'
उनसे पहले 10 डाउनिंग स्ट्रीट में लॉकडाउन कानून तोड़ने वाली पार्टियों के पार्टीगेट घोटाले के बाद बोरिस जॉनसन को उनकी अपनी पार्टी से बाहर कर दिया गया और फिर टोरी सदस्यों की तरफ से वोट की गई लिज ट्रस एक विनाशकारी विकल्प साबित हुई, जिसके बाद उनकी पार्टी ने ऋषि सुनक की ओर रुख किया। वहीं व्यवसायी और सहकर्मी लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने का कहना है कि वो ऋषि सुनक को एक दशक से जानते हैं, वो और उनके परिवार के लोग अद्भुत और सभ्य हैं। वह बहुत ही प्रतिभाशाली और बहुत ही सक्षम व्यक्ति हैं।
'यूके के पहले ब्रिटिश भारतीय PM के रूप में विरासत'
यूके इंडियन बिजनेस काउंसिल के प्रबंध निदेशक केविन मैककोल का मानना है कि उनकी विरासत यूनाइटेड किंगडम के पहले ब्रिटिश भारतीय प्रधान मंत्री के रूप में होगी। उन्होंने आगे कहा कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित दिवाली समारोह का हिस्सा बनना एक उल्लेखनीय मार्मिक क्षण था। इसलिए, मुझे लगता है कि इस चुनाव के बजाय ये ऋषि सुनक की विरासत होगी। वह ब्रिटिश भारतीय समुदाय के लिए एक महान राजदूत रहे हैं और यह वास्तव में ब्रिटेन को अपनी बहुसांस्कृतिक श्रेष्ठता में दिखाता है, कि ऋषि सुनक इस देश में इतना कुछ हासिल कर सकते हैं।