सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   Russia-Iran Ties: Russia Reaffirms Willingness to Handle Iran Enriched Uranium Issue

Russia-Iran Ties: ईरान के समृद्ध यूरेनियम को संभालने की तैयारी में रूस, परमाणु विवाद में निभाएगा अहम भूमिका

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को/बीजिंग Published by: Shivam Garg Updated Wed, 15 Apr 2026 03:32 PM IST
विज्ञापन
सार

ईरान के समृद्ध यूरेनियम को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच रूस ने एक बार फिर आगे बढ़कर समाधान का संकेत दिया है। मॉस्को की इस पेशकश को सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है, जो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समीकरण बदल सकता है।

Russia-Iran Ties: Russia Reaffirms Willingness to Handle Iran Enriched Uranium Issue
पुतिन और पेजेश्कियान - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। रूस ने साफ किया है कि वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम से जुड़े मुद्दे के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीजिंग में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मॉस्को इस संवेदनशील मामले में कई तरीकों से सहयोग कर सकता है।

Trending Videos


उन्होंने बताया कि रूस उच्च स्तर के समृद्ध यूरेनियम को फ्यूल-ग्रेड यूरेनियम में बदलने की प्रक्रिया में मदद कर सकता है। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर यूरेनियम की एक निश्चित मात्रा को रूस में सुरक्षित रखने का विकल्प भी मौजूद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लावरोव ने दोहराया कि कोई भी कदम ईरान की सहमति और उसके अधिकारों का सम्मान करते हुए ही उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान को भी अन्य देशों की तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है।

2015 का परमाणु समझौता
रूस, ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच हुआ ईरान परमाणु समझौता 2015 इस पूरे मुद्दे की अहम कड़ी है। इस समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी, जिसके बदले उसे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दी गई थी। इस दौरान रूस ने ईरान से बड़ी मात्रा में समृद्ध यूरेनियम हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अमेरिका के हटने से बढ़ा तनाव
हालात तब बदले जब डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने एकतरफा तरीके से इस समझौते से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद रूस लगातार ईरान के समर्थन में खड़ा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की यह पेशकश परमाणु विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहमति पर निर्भर करेगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed