New START Treaty: अमेरिका के साथ परमाणु शस्त्र संधि खत्म होने से पहले बोला रूस- हम तैयार हैं; इसके मायने क्या?
रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने चेताया है कि न्यू स्टार्ट संधि 5 फरवरी को खत्म होने के बाद रूस परमाणु शस्त्र नियंत्रण सीमाओं के बिना पूरी तरह तैयार है। बीजिंग में उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की प्रतिक्रिया न मिलने पर रूस नई वास्तविकता के लिए तैयार है और सैन्य क्षेत्र में क्षतिपूर्ति उपाय करेगा।
विस्तार
रूसी शस्त्र नियंत्रण मामलों के प्रमुख व उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने चेताया कि न्यू स्टार्ट संधि की समाप्ति के बाद रूस परमाणु शस्त्र नियंत्रण सीमाओं के बिना दुनिया की नई हकीकत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बीजिंग में कहा, जवाब न देना भी एक जवाब है। न्यू स्टार्ट की सीमाओं को बढ़ाने के रूसी प्रस्तावों पर वाशिंगटन की प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने यह बात कही। यह एक बार फिर दुनिया में हथियारों की दौड़ के संकेत हैं
रियाबकोव ने कहा, रूस दशकों में पहली बार दुनिया की दो बड़ी एटमी शक्तियों के लिए बिना किसी सीमा के रहने की नई वास्तविकता को तैयार है। उन्होंने शस्त्र नियंत्रण पर चीनी रुख का समर्थन किया। रियाबकोव ने कहा, यदि अमेरिका ग्रीनलैंड में मिसाइल रक्षा प्रणालियां तैनात करता है, तो रूस को अपने सैन्य क्षेत्र में क्षतिपूर्ति उपाय करने होंगे। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा व पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव द्वारा 2010 में की गई न्यू स्टार्ट संधि 5 फरवरी को खत्म हो जाएगी।
5 फरवरी से एटमी हथियारों पर हटेगा कानूनी अंकुश
5 फरवरी, 2026 को अमेरिका-रूस के बीच न्यू स्टार्ट संधि समाप्त होने से दोनों देशों के परमाणु हथियारों पर लगा आखिरी कानूनी अंकुश हट जाएगा। इससे एक नई और बेलगाम परमाणु हथियारों की दौड़ शुरू होने का खतरा है। आशंका है कि इसके बाद वैश्विक सुरक्षा में गिरावट, अविश्वास में वृद्धि और शीत युद्ध जैसे हालात पैदा होंगे। इससे परमाणु हथियारों की बेतहाशा वृद्धि होगी।
संधि समाप्त होने से एक-दूसरे के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की व्यवस्था भी खत्म हो जाएगी। इस कदम से दोनों देशों में एक-दूसरे के प्रति अविश्वास बढ़ने से पूरी दुनिया में भरोसे का संकट मंडराएगा। निरीक्षण न होने और सूचना के अभाव में गलत अनुमान के कारण परमाणु संघर्ष का जोखिम बढ़ जाएगा। चीन, रूस और अमेरिका के बीच एक जटिल त्रिकोणीय हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है, जो एटमी निरस्त्रीकरण के प्रयासों पर झटका होगा।
रूस का यूक्रेन पर हमला
रूस ने मंगलवार सुबह तक यूक्रेन पर एक बड़े हमले में करीब 450 लंबी दूरी के ड्रोन और कई तरह की 70 मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, पांच क्षेत्रों में हुई बमबारी में 32 बैलेस्टिक मिसाइलों से बिजली ग्रिड को निशाना बनाया गया। वह बोले, रूस हमें सर्दियों में बिजली, हीटिंग और पीने के पानी से वंचित करना चाहता है।
निजी बिजली कंपनी डीटीईके ने कहा, यह इस साल बिजली नेटवर्क पर सबसे भीषण हमला था। हमले में 10 लोग घायल हुए हैं। हमला ऐसे समय हुआ जब नाटो महासचिव मार्क रुट्टे समर्थन जताने के लिए कीव दौरे पर थे। उधर, रूस-यूक्रेन के बीच यूएई के अबू धाबी में बुधवार को अमेरिकी मध्यस्थता में युद्धविराम पर वार्ता होने वाली है। रूसी हमले के बाद 1,170 आवासीय भवनों में हीटिंग सुविधा नहीं है।
यूक्रेन कार्यान्वयन योजना पर सहमत
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, यूक्रेन ने पश्चिमी साझेदारों के साथ सहमति जताई है कि वह भविष्य में होने वाले युद्धविराम समझौते के रूस द्वारा लगातार उल्लंघन की स्थिति में यूरोप व अमेरिका की समन्वित सैन्य कार्रवाई का साथ देगा। इस योजना पर दिसंबर और जनवरी में यूक्रेनी, यूरोपीय और अमेरिकी अफसरों में कई बार चर्चा हुई। इस सहमति में रूस द्वारा सहमत युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन पर बहुस्तरीय प्रतिक्रिया शामिल होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि व्यापक हमले की स्थिति में, प्रारंभिक घुसपैठ के 72 घंटे बाद पश्चिमी देशों द्वारा समर्थित एक समन्वित जवाबी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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