फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   russia ukraine agree to stop attack on energy plants relief for oil price

दुनिया के लिए राहत भरी खबर: रूस-यूक्रेन में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की पहल, डीजल आपूर्ति पर वैश्विक चिंता

Wed, 16 Sep 2026 03:43 PM IST
नितिन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मॉस्को
अमर उजाला नेटवर्क, मॉस्को Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 16 Sep 2026 03:43 PM IST
सार

ट्रंप के दावे पर कीव ने कहा कि यह सहमति नहीं, पारस्परिक रोक का प्रस्ताव है। वहीं मॉस्को ने भी पहल को अच्छा विचार बताया है।

विज्ञापन
russia ukraine agree to stop attack on energy plants relief for oil price
रूस-यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने पर सहमत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हो गए हैं। यूक्रेन ने इसे दोनों देशों के बीच बनी सहमति के रूप में स्वीकार नहीं किया है और इसे पारस्परिक रोक का प्रस्ताव बताया है। इस बीच रूस ने अमेरिकी पहल का स्वागत करते हुए इसे आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों तथा रूस की ओर से डीजल निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
विज्ञापन


सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव को बहुत अच्छा विचार बताया और कहा कि रूस अमेरिकी पक्ष के संपर्क में है। हालांकि, मॉस्को ने इस मुद्दे को केवल रिफाइनरियों पर हमलों तक सीमित नहीं रखा।पेस्कोव के मुताबिक, रूस का घरेलू पेट्रोलियम बाजार लगभग पूरी तरह आपूर्ति से भर चुका है और मौजूदा समस्या उत्पादन की नहीं, बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की है। उन्होंने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी आपूर्ति संकट से जोड़ा और कहा कि प्रतिबंध हटने के बाद वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बेहतर हो सकती है।
विज्ञापन


यूक्रेनी हमलों से डीजल आपूर्ति प्रभावित
तेल बाजार विशेषज्ञ एंडी लिपोव के अनुमान के अनुसार, यूक्रेनी हमलों के बाद रूस द्वारा डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध से करीब 8 लाख बैरल प्रतिदिन डीजल बाजार से बाहर हुआ है। वहीं, ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से करीब 12 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति प्रभावित हुई है।इससे स्पष्ट है कि मौजूदा डीजल संकट का कारण केवल रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमले नहीं हैं। वैश्विक तेल आपूर्ति मार्गों में व्यवधान भी बाजार पर दबाव बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऊर्जा ढांचे पर हमले क्यों महत्वपूर्ण
रूस और यूक्रेन दोनों युद्ध के दौरान ऊर्जा ढांचे को रणनीतिक लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के जरिए रूस की ईंधन आपूर्ति और सैन्य मशीनरी पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है। दूसरी ओर, रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।ऐसे में ऊर्जा ठिकानों पर पारस्परिक हमले रोकने की पहल युद्ध के एक महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव औपचारिक समझौते में बदलता है या नहीं।

प्रतिबंध हटाने पर रूस का जोर
मॉस्को ने ऊर्जा हमलों पर संभावित रोक के साथ रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को भी चर्चा में ला दिया है। पेस्कोव ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति को सामान्य करने के लिए प्रतिबंधों को हटाना जरूरी होगा।अमेरिका ने इस साल ईरान युद्ध के दौरान वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के बीच रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी थी। हालांकि, इसी सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने ईरान से संबंधों को लेकर रूस के एक बड़े बैंक पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। इससे रूस के प्रति अमेरिकी नीति में दबाव और राहत, दोनों के संकेत दिखाई दे रहे हैं।


आगे की राह पर नजर
ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का प्रस्ताव रूस-यूक्रेन युद्ध में सीमित क्षेत्रीय समझ का रास्ता खोल सकता है, लेकिन इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में कदम मानना अभी जल्दबाजी होगी। खासकर तब, जब दोनों पक्षों के बीच प्रस्ताव की प्रकृति को लेकर ही अंतर सामने आ चुका है।फिलहाल इसका सबसे तत्काल असर वैश्विक ईंधन बाजार पर पड़ सकता है। रूस दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में है और उसकी रिफाइनिंग क्षमता तथा निर्यात में व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय डीजल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों और रूस के डीजल निर्यात प्रतिबंधों से जुड़े फैसलों पर बाजार की नजर रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed