{"_id":"6ac5d1dc90602e039c01941b","slug":"russia-ukraine-war-indian-seafarers-safe-black-sea-tanker-naval-drone-attack-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूसी तट के पास तेल टैंकर पर यूक्रेनी ड्रोन से हमला: 23 भारतीय नाविक बाल-बाल बचे; ब्लैक सी में बवाल क्यों?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
रूसी तट के पास तेल टैंकर पर यूक्रेनी ड्रोन से हमला: 23 भारतीय नाविक बाल-बाल बचे; ब्लैक सी में बवाल क्यों?
Wed, 07 Oct 2026 10:31 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, मॉस्को।
एएनआई, मॉस्को।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 07 Oct 2026 10:31 AM IST
सार
रूस के सोची तट के पास एक तेल टैंकर पर यूक्रेनी नेवल ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिस पर तैनात सभी 23 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इससे एक दिन पहले रोमानियाई तट के पास डूबने वाले एक अन्य जहाज से भी तीन घायल भारतीयों को रेस्क्यू किया गया था। भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों पर चिंता जताते हुए कूटनीति और बातचीत के जरिए शांति बहाली की अपील की है।
विज्ञापन
रूस-यूक्रेन जंग
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ब्लैक सी (काला सागर) में रूसी तट के पास एक लाइबेरियाई ध्वज वाले तेल टैंकर पर यूक्रेनी नेवल ड्रोन से भीषण हमला हुआ है। इस जहाज पर चालक दल के रूप में सभी 23 भारतीय नाविक तैनात थे। हमले के तुरंत बाद समुद्र में फैले कच्चे तेल में भयानक आग लग गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी 23 भारतीय क्रू मेंबर्स को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है।
कैसे घटी यह घटना?
रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला रूस के प्रमुख रिसॉर्ट शहर सोची के पास हुआ, जिसकी आबादी लगभग पांच लाख है। यूक्रेनी समुद्री ड्रोन टकराते ही जहाज और समुद्र के पानी में कच्चे तेल के कारण भयानक लपटें उठने लगीं। आग इतनी भीषण थी कि आपातकालीन बचाव दल शुरुआत में लपटों पर काबू नहीं पा सके। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि जब आग की तीव्रता थोड़ी कम हुई, तब अग्निशमन दल ने इसे पूरी तरह बुझाने का प्रयास किया।
लगातार दूसरे दिन भारतीय नाविकों पर संकट?
काला सागर में कमर्शियल जहाजों पर यह लगातार दूसरे दिन हुआ बड़ा हमला है। इससे महज एक दिन पहले रोमानियाई तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज 'एमवी रियाद मामादेव' में आग लगने के बाद वह डूब गया था। उस हादसे में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि तीन भारतीय नाविक घायल हो गए थे। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, रोमानियाई प्राधिकारियों ने घायलों को बचाकर कॉन्स्टेंटा काउंटी अस्पताल में भर्ती कराया। रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज महापात्रा ने अस्पताल पहुंचकर घायल भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को इस तरह निशाना बनाना वैश्विक व्यापार और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत संयुक्त राष्ट्र में 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफारर्स' के सह-संस्थापक के रूप में सेफारर्स की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह भी पढ़ें: थाई युवती से शादी के बाद 60 लाख की ठगी: बोली-इरफान ने दिल और भरोसा तोड़ा, भरनी पड़ रही किस्त, जानें पूरा मामला
दोनों पक्षों के दावे और रणनीतिक दांव क्या?
साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर व्यापारिक जहाजों के लिए खतरनाक युद्धक्षेत्र बन चुका है। हाल के दिनों में रूस ने रोमानिया के करीब यूक्रेनी कृषि उत्पाद ले जा रहे अनाज वाहक जहाजों पर हमले तेज किए हैं। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि रूसी पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना उसकी रिहायशी इमारतों पर होने वाली बमबारी का करारा जवाब है। इसके अलावा, रूस ने कीव के अहम पुलों और दिन के समय ड्रोन छापों की नई रणनीति अपनाई है, जिससे पूरे इलाके में ट्रैफिक और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
कैसे घटी यह घटना?
रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला रूस के प्रमुख रिसॉर्ट शहर सोची के पास हुआ, जिसकी आबादी लगभग पांच लाख है। यूक्रेनी समुद्री ड्रोन टकराते ही जहाज और समुद्र के पानी में कच्चे तेल के कारण भयानक लपटें उठने लगीं। आग इतनी भीषण थी कि आपातकालीन बचाव दल शुरुआत में लपटों पर काबू नहीं पा सके। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि जब आग की तीव्रता थोड़ी कम हुई, तब अग्निशमन दल ने इसे पूरी तरह बुझाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
लगातार दूसरे दिन भारतीय नाविकों पर संकट?
काला सागर में कमर्शियल जहाजों पर यह लगातार दूसरे दिन हुआ बड़ा हमला है। इससे महज एक दिन पहले रोमानियाई तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज 'एमवी रियाद मामादेव' में आग लगने के बाद वह डूब गया था। उस हादसे में दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि तीन भारतीय नाविक घायल हो गए थे। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, रोमानियाई प्राधिकारियों ने घायलों को बचाकर कॉन्स्टेंटा काउंटी अस्पताल में भर्ती कराया। रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज महापात्रा ने अस्पताल पहुंचकर घायल भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को इस तरह निशाना बनाना वैश्विक व्यापार और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत संयुक्त राष्ट्र में 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफारर्स' के सह-संस्थापक के रूप में सेफारर्स की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह भी पढ़ें: थाई युवती से शादी के बाद 60 लाख की ठगी: बोली-इरफान ने दिल और भरोसा तोड़ा, भरनी पड़ रही किस्त, जानें पूरा मामला
दोनों पक्षों के दावे और रणनीतिक दांव क्या?
साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर व्यापारिक जहाजों के लिए खतरनाक युद्धक्षेत्र बन चुका है। हाल के दिनों में रूस ने रोमानिया के करीब यूक्रेनी कृषि उत्पाद ले जा रहे अनाज वाहक जहाजों पर हमले तेज किए हैं। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि रूसी पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना उसकी रिहायशी इमारतों पर होने वाली बमबारी का करारा जवाब है। इसके अलावा, रूस ने कीव के अहम पुलों और दिन के समय ड्रोन छापों की नई रणनीति अपनाई है, जिससे पूरे इलाके में ट्रैफिक और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।