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तातोपानी सीमा नाका फिर खुलेगा: चीन से बातचीत कर रहा नेपाल, बाढ़-भूस्खलन के बाद बंद है रास्ता

Wed, 07 Oct 2026 01:53 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, काठमांडो।
पीटीआई, काठमांडो। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 07 Oct 2026 01:53 PM IST
सार

नेपाल तातोपानी और रसुवागढ़ी सीमा नाकों को दोबारा खोलने के लिए चीन के साथ बातचीत कर रहा है। तातोपानी नाका 26 अगस्त से बाढ़, भूस्खलन और लगातार बने प्राकृतिक आपदा के खतरे के कारण बंद है। नेपाल का कहना है कि उसकी तरफ से तातोपानी नाका चालू करने में अब कोई समस्या नहीं है, लेकिन चीन की तरफ से परिचालन शुरू होना बाकी है। सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की बहाली पर भी काम कर रही है।
 

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Nepal china tatopani border reopening talks Glacier Collapse Bhotekoshi Flood
सुनील लम्साल, अवसंरचना विकास मंत्री, नेपाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेपाल और चीन के बीच तातोपानी सीमा नाके को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। नेपाल के अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लम्साल ने मंगलवार को संसदीय समिति को बताया कि चीनी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है। तातोपानी नाका नेपाल को तिब्बत से जोड़ने वाला अहम व्यापार मार्ग है। यह नाका 26 अगस्त से बंद है। हाल की बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के बाद यहां परिवहन सेवाएं रोक दी गई थीं।
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तातोपानी नाका नेपाल के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
तातोपानी सीमा नाका काठमांडू से करीब 110 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। यह नेपाल और चीन के बीच व्यापार के लिए अहम रास्ता है। नेपाल सरकार सिर्फ तातोपानी ही नहीं, बल्कि रसुवागढ़ी सीमा नाके को भी फिर से खोलने की कोशिश कर रही है। रसुवागढ़ी काठमांडू के उत्तर में रसुवा जिले में स्थित है और नेपाल-तिब्बत के बीच प्रमुख व्यापार एवं परिवहन मार्गों में शामिल है।
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26 अगस्त को सीमा क्षेत्र में क्या हुआ था?
26 अगस्त को रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी। एक बड़े ऊंचाई वाले हिमनद के टूटने और चट्टानों-बर्फ के तेज बहाव के बाद ल्हेंदे, भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में मलबे का तेज बहाव आया। इस आपदा में कम से कम 1,455 लोगों की मौत हुई। इस घटना में रसुवागढ़ी सीमा नाका भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी वजह से नेपाल-चीन के बीच दोनों प्रमुख सीमा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई।
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अभी तक क्यों बंद है तातोपानी नाका?
तातोपानी सीमा नाका 26 अगस्त से चीनी अधिकारियों की ओर से बंद है। सीमा क्षेत्र में भारी मानसूनी बारिश, अचानक आई बाढ़ और लगातार भूस्खलन के खतरे के कारण यहां परिचालन दोबारा शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, नेपाल के बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल ने कहा कि नेपाली हिस्से में अब कोई बड़ी समस्या नहीं है। नेपाल की तरफ सड़क को भी दोबारा खोल दिया गया है। उनका कहना है कि नेपाल अपनी तरफ से सीमा नाका चलाने के लिए तैयार है, लेकिन चीन की तरफ से अभी परिचालन शुरू करने की तैयारी दिखाई नहीं दे रही है।

क्या-क्या कर रही है नेपाल सरकार? 
मंत्री लम्साल ने बताया कि नेपाल चीनी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और तातोपानी नाके को फिर से खोलने को लेकर बातचीत जारी है। सरकार रसुवागढ़ी सीमा नाके को दोबारा खोलने के रास्ते भी तलाश रही है। लम्साल ने कहा, 'हम अभी भी तैयार हैं। हमारी तरफ से सीमा नाका चलाने में कोई समस्या नहीं है। हम चीनी पक्ष के साथ भी लगातार संपर्क में हैं। हम रसुवागढ़ी सीमा नाका फिर से खोलने के तरीके पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि सरकार हाल की बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और बहाली का काम कर रही है।
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