सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russian Foreign Minister Sergey Lavrov says Look forward to welcoming PM Modi in 2026

India-Russia: 'PM मोदी के स्वागत के लिए उत्सुक', रूसी विदेश मंत्री बोले- भारत-रूस का रिश्ता विश्वास पर आधारित

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: Shubham Kumar Updated Mon, 23 Mar 2026 06:59 PM IST
विज्ञापन
सार

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंध मजबूत और भरोसेमंद हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क जारी रखने की उम्मीद जताई। इस दौरान उन्होंने 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे का संकेत देते हुए कहा कि वे इस साल पीएम मोदी का रूस में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

Russian Foreign Minister Sergey Lavrov says Look forward to welcoming PM Modi in 2026
सर्गेई लावरोव, रूस के विदेश मंत्री  - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत और रूस के संबंध पर मजबूत द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया। सोमवार को उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत और समय-परीक्षित दोस्ती पर आधारित हैं। उन्होंने नई दिल्ली और मॉस्को के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क जारी रहने की उम्मीद जताई। रूस और भारत के द्विपक्षीय संबंधों के लिए नई एजेंडा के दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वीडियो संबोधन के दौरान सर्गेई ने यह बात कही। 

Trending Videos


इस दौरान सर्गेई ने इस साल पीएम मोदी के रूस दौरे को लेकर भी अहम संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हम 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस में स्वागत करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने बताया कि भारत और रूस का रिश्ता समानता, विश्वास और परस्पर सम्मान पर आधारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Iran-US War: 'हमारी कड़ी चेतावनी के बाद पीछे हटा अमेरिका', ट्रंप के हमला टालने के फैसले पर ईरान का बड़ा दावा

पुतिन के भारत यात्रा का किया जिक्र
अपने संबोधन में सर्गेई ने व्लादिमीर पुतिन के बीते भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की दिसंबर 2025 में भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रणनीतिक लक्ष्य स्पष्ट हुए और कई नीतिगत दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।


इसके साथ ही सर्गेई ने दोनों देशों के साथ आर्थिक सहयोग का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 60 बिलियन डॉलर तक पहुंचा और 2030 तक इसे 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए लॉजिस्टिक्स, तकनीक और निवेश में सहयोग बढ़ाया जाएगा, जैसे कि इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्दर्न सी रूट का विकास।

ये भी पढ़ें:- ईरान में खत्म होगी जंग?: अमेरिका ने बुशहर पर हमले का प्लान पांच दिन के लिए टाला, ट्रंप बोले- हम कर रहे बात

भारत की विदेश नीति की सराहना की- सर्गेई 

सर्गेई ने कहा कि वर्तमान में व्यापार का 96 प्रतिशत राष्ट्रीय मुद्राओं में होता है। सर्गेई ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता की सराहना की और कहा कि भारत उभरती बहुध्रुवीय दुनिया में एक प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव, खासकर फारस की खाड़ी में अमेरिका और इस्राइल द्वारा उत्पन्न संकट के बीच, भारत के साथ द्विपक्षीय समन्वय महत्वपूर्ण है। सर्गेई ने कहा कि रूस भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन देने के लिए तैयार है, खासकर इस साल भारत के BRICS अध्यक्षता संभालने के दौरान।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed