'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय': G7 में PM मोदी ने किया आह्वान; कहा- दुनिया में आज संसाधनों की नहीं, भरोसे की कमी
PM Modi at G7 Summit: फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का संदेश रखते हुए कहा कि वैश्विक अस्थिरता और संघर्षों के दौर में सभी देशों को मिलकर मानवता के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि सभी लोगों की खुशहाली और समावेशी विकास सुनिश्चित करना होगा।
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प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने आउटरीच सत्र में कहा, ऐसी दुनिया में जो पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर होती जा रही है, यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन, साझेदारियां तभी सफल हो सकती हैं जब वे भरोसे पर टिकी हों। आपसी भरोसा आज सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है। लेकिन दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की कमी नहीं है... बल्कि भरोसे की कमी है और हमारी साझेदारियों का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है।
Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
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Emphasised that the Global South has immense expectations from the world. More than support, it seeks partnership.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
We must move beyond the donor-recipient mindset and work as equal partners!
We must walk together and not merely alongside one another.
Partnerships must be…
पीएम मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा मानवता सबसे पहले के नजरिए को अपनाया है। यह हमारे इंटरनेशनल सोलर अलाएंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम जैसी पहलों में दिखता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के बारे में भारत का नजरिया वसुधैव कुटुंबकम की सदियों पुरानी सोच पर आधारित है।
We, in India, view the world as one family.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
Our experience shows that development is most effective when it is connected to the aspirations of people.
This principle also forms the basis of our international partnerships like the International Solar Alliance, Coalition for…
India believes that the true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
Our development partnerships reflect the same spirit.
Our efforts have focused on capacity building and skill development in partner countries.
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भारत की कोशिशें अफ्रीका को मजबूत कर रहीं
भारत का मानना है कि साझेदारी की असली कसौटी यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम उन्हें खुद के लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं। हमारी विकास साझेदारियां इसी भावना को दर्शाती हैं। हमारी कोशिशें सहयोगी देशों में क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर केंद्रित रही हैं। प्रधानमंत्री ने इसके लिए अफ्रीका का उदाहरण दिया और कहा, अफ्रीका में भारत की साझेदारी में ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण, जल संसाधन, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये कोशिशें अफ्रीकी देशों की क्षमता को मजबूत कर रही हैं और उन्हें दुनिया की अहम चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद कर रही हैं।