{"_id":"62db0daff911e43be41b7871","slug":"shinzo-abe-state-honor-funeral-in-japan-on-september-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापान : पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार 27 सितंबर को, छिड़ी राष्ट्रीय बहस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
जापान : पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार 27 सितंबर को, छिड़ी राष्ट्रीय बहस
Sat, 23 Jul 2022 02:21 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, टोक्यो।
एजेंसी, टोक्यो।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 23 Jul 2022 02:21 AM IST
सार
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का निजी तौर पर अंतिम संस्कार टोक्यो के एक मंदिर में किया जा चुका है। परंतु एक वर्ग का मानना है कि आबे के उत्कृष्ट योगदानों, आर्थिक सुधार, कूटनीति को बढ़ावा देने व विभिन्न क्षेत्रों में बेमिसाल नेतृत्व और 2011 में आई सुनामी के बाद हालात को पटरी पर लाने में उनके प्रयासों को देखते हुए उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाना उचित है।
विज्ञापन
shinzo abe
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जापान के मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का 27 सितंबर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। कुछ आलोचकों ने इसे एक विभाजनकारी राजनीतिक हस्ती के महिमा मंडन का प्रयास करार दिया है। बता दें, आबे का निजी तौर पर अंतिम संस्कार टोक्यो के एक मंदिर में किया जा चुका है।
विज्ञापन
मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाजू मात्सुनो ने कहा, जापान के सबसे लंबे समय तक पीएम रहे आबे के उत्कृष्ट योगदानों, आर्थिक सुधार, कूटनीति को बढ़ावा देने व विभिन्न क्षेत्रों में बेमिसाल नेतृत्व और 2011 में आई सुनामी के बाद हालात को पटरी पर लाने में उनके प्रयासों को देखते हुए उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाना उचित है। मात्सुनो ने कहा कि ‘निप्पोन बुडोकन’ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा जो गैर धार्मिक कार्यक्रम होगा।
विज्ञापन
मिलीजुली प्रतिक्रियाएं
मंत्रिमंडल के निर्णय को लेकर विपक्षी नेताओं और आम लोगों की ओर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों ने कर से अर्जित धन खर्च करने का विरोध किया है जबकि कुछ ने सत्तारूढ़ पार्टी पर आबे के महिमामंडन और उनकी मौत का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। आबे के आलोचक उन्हें बेहद विभाजनकारी नेता मानते हैं। एक नागरिक समूह ने टोक्यो जिला अदालत से राजकीय अंतिम संस्कार के निर्णय पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
विज्ञापन