सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   South Korean Starbucks boss apologises for ad campaign that evoked massacre

South Korea: स्टारबक्स कोरिया के खिलाफ क्यों भड़का गुस्सा?, तीन बार सिर झुकाकर मांगी माफी; मालिक ने दी सफाई

पीटीआई, सियोल Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 26 May 2026 08:06 AM IST
विज्ञापन
सार

स्टारबक्स कोरिया के विज्ञापन अभियान को लेकर कंपनी ने 19 मई को अपना पहला माफीनामा जारी किया था।इसमें कहा गया था कि अभियान ने 18 मई के लोकतंत्रीकरण आंदोलन के पीड़ितों और शोक संतप्त परिवारों के साथ-साथ जनता को भी गहरा दर्द पहुंचाया है।

South Korean Starbucks boss apologises for ad campaign that evoked massacre
दक्षिण कोरिया में स्टारबक्स के मार्केटिंग अभियान पर बवाल - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार

दक्षिण कोरिया के दिग्गज व्यापारी चुंग योंग-जिन ने मंगलवार को दो सप्ताह के भीतर अपना दूसरा माफीनामा जारी किया है। स्टारबक्स के स्थानीय संचालन को 1980 के दशक में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर हुए हिंसक सैन्य दमन के पीड़ितों का मजाक उड़ाने वाले एक हालिया मार्केटिंग अभियान के चलते भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।


स्टारबक्स कोरिया में 67.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले शिनसेग ग्रुप के अध्यक्ष ने एक वीडियो वाले बयान के दौरान तीन बार सिर झुकाकर माफी मांगी। उन्होंने देश की पूर्व सैन्य तानाशाही द्वारा मारे गए लोकतंत्र कार्यकर्ताओं के परिवारों और आम जनता से क्षमा की याचना की।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: India-Canada Ties: पीयूष गोयल बोले- PM कार्नी के भारत दौरे से रिश्ते का नया अध्याय हुआ शुरू, संबंध होंगे मजबूत
विज्ञापन
Trending Videos


18 मई के विद्रोह के अपमान का लगा आरोप
कॉफी चेन ने तब सार्वजनिक आक्रोश को भड़काया, जब उसने टैंक नामक एक बड़े आकार के टंबलर को बढ़ावा देने की कोशिश की। इसके साथ 18 मई को टैंक डे घोषित कर दिया। यह 18 मई को ग्वांगजू शहर में हुए एक लोकतांत्रिक विद्रोह की वर्षगांठ थी, जिसे सैनिकों, टैंकों और हेलीकॉप्टरों द्वारा क्रूरतापूर्वक दबा दिया गया था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए या घायल हुए थे।

इस मार्केटिंग अभियान ने 'इसे मेज पर पटक दो!' नारे का इस्तेमाल करके आक्रोश को और बढ़ा दिया, जिसे कई लोगों ने 1987 के एक कुख्यात पुलिस बयान के संदर्भ के रूप में पढ़ा। पुलिस ने छात्र कार्यकर्ता पार्क जोंग-चोल की यातना से हुई मौत को छिपाने का प्रयास किया था। पुलिस का दावा था कि जांचकर्ताओं ने उन्हें 'मेज पर पटक कर मारा' था, जिसके बाद पार्क की अचानक मृत्यु हो गई।

स्टारबक्स कोरिया ने सीईओ को किया बर्खास्त 
यह मार्केटिंग प्रचार तुरंत ही गुस्से का वजह बन गया और कुछ ही घंटों में शिनसेग ग्रुप ने इसे रद्द कर दिया। इसके साथ ही स्टारबक्स कोरिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया। ग्वांगजू में मारे गए लोगों के परिवारों द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।

चुन ने मंगलवार को कहा, "मैं इस तथ्य को बहुत गंभीरता से लेता हूं कि स्टारबक्स कोरिया के अनुपयुक्त मार्केटिंग अभियान के कारण कई लोगों ने गहरा दर्द और गुस्सा महसूस किया।" उन्होंने स्टारबक्स की दुकानों के कर्मचारियों पर अपना गुस्सा न निकालने का भी आग्रह किया, यह कहते हुए कि जिम्मेदारी प्रबंधन की है। दुकानों पर किसी बड़ी घटना की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं थी।

कंपनी ने जारी किया बयान
शिनसेग ग्रुप के एक वरिष्ठ कार्यकारी, जियोंग संग-जिन ने कहा कि कंपनी को अभी तक कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है कि स्टारबक्स कोरिया के मार्केटिंग कर्मचारियों का इरादा लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का मजाक उड़ाना था। हालांकि कर्मचारियों ने इस आरोप से इनकार किया है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों ने एक सप्ताह की आंतरिक समीक्षा के दौरान प्रबंधन के स्मार्टफोन सौंपने के अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था। जियोंग ने कहा कि कंपनी पुलिस जांच के नतीजों को देखेगी और किसी भी कर्मचारी को, जिसका इरादा प्रदर्शनकारियों का उपहास करना पाया गया, उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।

सरकार के मंत्रियों ने भी जताया गुस्सा
मार्केटिंग अभियान से उपजे गुस्से ने बहिष्कार के लिए सार्वजनिक आह्वान को जन्म दिया है, जिसे सरकारी अधिकारियों ने भी बढ़ावा दिया। इनमें गृह और सुरक्षा मंत्री यूं हो-जंग भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि स्टारबक्स उत्पादों का सरकारी कार्यक्रमों में उपयोग नहीं किया जाएगा और श्रृंखला के इतिहास विरोधी व्यवहार पर खेद जताया।

राष्ट्रपति ली जे-मायुंग ने पिछले हफ्ते एक्स पर कहा था कि अभियान ने सस्ते मुनाफाखोरों के अमानवीय और शर्मनाक व्यवहार का प्रदर्शन किया है, जो दक्षिण कोरियाई समुदाय के मूल्यों, मानवाधिकारों और लोकतंत्र को नकारते हैं।

ये भी पढ़ें: एशिया से यूरोप तक गर्मी की मार: ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों में लू का कहर; किस देश में कितना तापमान?

क्या है ग्वांगजू आंदोलन?
ग्वांगजू में यह दमन 1979 के आखिर में जनरल चुन डू-ह्वान द्वारा तख्तापलट के कुछ महीनों बाद हुआ था। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि ग्वांगजू में लगभग 200 लोग मारे गए थे, लेकिन माना जाता है कि वास्तविक मौत का आंकड़ा बहुत अधिक था। चुन की सरकार ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने के बहाने हजारों लोगों को जेल में भी डाला था।

चुन की तानाशाही के खिलाफ जनता के गुस्से के कारण 1987 में देशव्यापी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। इसके चलते उन्हें प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव की शुरुआत करने वाले संवैधानिक संशोधन को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। इसे व्यापक रूप से दक्षिण कोरिया के लोकतंत्र की ओर बढ़ने की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed