{"_id":"6a153e428a2ca6092b09d865","slug":"indian-origin-mother-son-tushar-kumar-parveen-rani-duo-elected-mayors-uk-haryana-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रिटेन में बजा हरियाणा का डंका: एक साथ मेयर बने मां-बेटे, 23 साल के तुषार कुमार ने रचा इतिहास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ब्रिटेन में बजा हरियाणा का डंका: एक साथ मेयर बने मां-बेटे, 23 साल के तुषार कुमार ने रचा इतिहास
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 26 May 2026 12:01 PM IST
विज्ञापन
सार
हरियाणा की मिट्टी से निकलकर सात समंदर पार ब्रिटेन के सियासी गलियारों पर कब्ज़ा जमाना कोई मामूली बात नहीं है। मां-बेटे की यह ऐतिहासिक जोड़ी आज दुनिया भर के युवाओं के लिए एक जिंदा मिसाल बन चुकी है। यह जीत चीख-चीख कर गवाही देती है कि अगर इरादे फौलादी हों और सीने में समाज सेवा का जज्बा हो, तो उम्र का कोई भी दायरा आपको दुनिया के किसी भी कोने में इतिहास रचने से नहीं रोक सकता।
तुषार कुमार और परवीन रानी
- फोटो : @NeerajRanjan84
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
ब्रिटेन की धरती से भारत, खासकर हरियाणा के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। दरअसल, रोहतक के एक ही परिवार के मां-बेटे ने ब्रिटेन में एक साथ मेयर का चुनाव जीतकर नया इतिहास रच दिया है। साल 2013 में हरियाणा से यूके गए इस परिवार की इस दोहरी सफलता ने देश-दुनिया में तहलका मचा दिया है। मात्र 23 साल के तुषार कुमार और उनकी मां परवीन रानी अब ब्रिटेन के दो अलग-अलग शहरों में मेयर की कमान संभालेंगे। तुषार कुमार ने इसके साथ ही ब्रिटेन में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है।
मां-बेटे ने ब्रिटेन में रचा नया इतिहास
यह कामयाबी हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा स्थित रोहना गांव से ताल्लुक रखने वाले परिवार को मिली है। यह परिवार लंबे समय तक रोहतक में रहा और फिर साल 2013 में ब्रिटेन चला गया था। तुषार कुमार ने 13 मई को एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल के सबसे युवा मेयर के रूप में शपथ ली। इसके ठीक एक हफ्ते बाद, 20 मई को उनकी मां परवीन रानी को हर्ट्समेर बरो काउंसिल का पहला भारतीय मूल का मेयर चुना गया। तुषार के पिता और यूके के व्यवसायी सुनील दहिया ने कहा कि एक ही समय पर मां और बेटे का मेयर बनना पूरे परिवार और भारतीय समुदाय के लिए बड़े गर्व की बात है।
यह भी पढ़ें: एशिया से यूरोप तक गर्मी की मार: ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों में लू का कहर; किस देश में कितना तापमान?
विज्ञापन
कॉलेज की पढ़ाई के साथ राजनीति में कदम
तुषार कुमार की यह सफलता युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जब वे 2013 में यूके गए थे, तब उनकी उम्र महज 10 साल थी। तुषार जब लंदन के किंग्स कॉलेज में राजनीति शास्त्र से बीएससी ऑनर्स के द्वितीय वर्ष के छात्र थे, तभी महज 20 साल की उम्र में वे पहली बार काउंसलर चुने गए थे। उन्होंने साल 2023 में एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल में लेबर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वे साल 2025 में डिप्टी मेयर बने और अब उन्होंने मेयर का पदभार संभाला है। तुषार इस साल सितंबर से अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई भी शुरू करने जा रहे हैं।
संस्कृति और समाज सेवा से गहरा लगाव
तुषार और उनकी मां परवीन रानी का पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित रहा है। मेयर बनने से पहले परवीन रानी हर्ट्समेर में डिप्टी मेयर और कैबिनेट सदस्य के रूप में काम कर चुकी हैं। यह परिवार ब्रिटेन में रहने के बावजूद अपनी मिट्टी और संस्कृति से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। वे हर साल रोहतक आते हैं। तुषार और उनकी मां यूके में जन्मे बच्चों को मुफ्त में हिंदी सिखाते हैं। तुषार 'हिंदी शिक्षा परिषद' नामक धर्मार्थ संस्था से भी जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि युवाओं को सामाजिक कार्यों में उतरने के लिए उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए।
मां-बेटे ने ब्रिटेन में रचा नया इतिहास
यह कामयाबी हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा स्थित रोहना गांव से ताल्लुक रखने वाले परिवार को मिली है। यह परिवार लंबे समय तक रोहतक में रहा और फिर साल 2013 में ब्रिटेन चला गया था। तुषार कुमार ने 13 मई को एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल के सबसे युवा मेयर के रूप में शपथ ली। इसके ठीक एक हफ्ते बाद, 20 मई को उनकी मां परवीन रानी को हर्ट्समेर बरो काउंसिल का पहला भारतीय मूल का मेयर चुना गया। तुषार के पिता और यूके के व्यवसायी सुनील दहिया ने कहा कि एक ही समय पर मां और बेटे का मेयर बनना पूरे परिवार और भारतीय समुदाय के लिए बड़े गर्व की बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: एशिया से यूरोप तक गर्मी की मार: ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों में लू का कहर; किस देश में कितना तापमान?
Trending Videos
कॉलेज की पढ़ाई के साथ राजनीति में कदम
तुषार कुमार की यह सफलता युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जब वे 2013 में यूके गए थे, तब उनकी उम्र महज 10 साल थी। तुषार जब लंदन के किंग्स कॉलेज में राजनीति शास्त्र से बीएससी ऑनर्स के द्वितीय वर्ष के छात्र थे, तभी महज 20 साल की उम्र में वे पहली बार काउंसलर चुने गए थे। उन्होंने साल 2023 में एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल में लेबर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वे साल 2025 में डिप्टी मेयर बने और अब उन्होंने मेयर का पदभार संभाला है। तुषार इस साल सितंबर से अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई भी शुरू करने जा रहे हैं।
संस्कृति और समाज सेवा से गहरा लगाव
तुषार और उनकी मां परवीन रानी का पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित रहा है। मेयर बनने से पहले परवीन रानी हर्ट्समेर में डिप्टी मेयर और कैबिनेट सदस्य के रूप में काम कर चुकी हैं। यह परिवार ब्रिटेन में रहने के बावजूद अपनी मिट्टी और संस्कृति से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। वे हर साल रोहतक आते हैं। तुषार और उनकी मां यूके में जन्मे बच्चों को मुफ्त में हिंदी सिखाते हैं। तुषार 'हिंदी शिक्षा परिषद' नामक धर्मार्थ संस्था से भी जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि युवाओं को सामाजिक कार्यों में उतरने के लिए उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए।