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Sri Lanka Crisis: कर्ज में राहत पाने के लिए चीनी विदेश मंत्री से मिलने बेंगलुरु आएंगे श्रीलंकाई राष्ट्रपति

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 22 Feb 2023 08:01 PM IST
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सार

जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक बेंगलुरु में 25 फरवरी को होगी। इस बैठक को डेट राउंड टेबल (ऋण गोल मेज बैठक) के नाम से जाना जा रहा है। बैठक में आईएमएफ और विश्व बैंक के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे...

Sri Lanka President will come to Bengaluru to meet Chinese Foreign Minister to get relief in debt
Sri Lanka President Ranil Wickremesinghe - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे शुक्रवार को भारत में चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। चीनी विदेश मंत्री जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत पहुंचने वाले हैं। श्रीलंका सरकार के सूत्रों के मुताबिक विक्रमसिंघे चीनी विदेश मंत्री से ऋण राहत देने की गुजारिश करेंगे।

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राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कैंडी शहर में एक सभा में कहा- ‘जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उन देशों के ऋण को रिस्ट्रक्चर करने (उनके भुगतान का कार्यक्रम फिर से तय करने) पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनकी अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है। मुझे उम्मीद है कि मैं वहां चीनी विदेश मंत्री से श्रीलंका के ऋण को रिस्ट्रक्चर करने के तरीके पर बात करूंगा।’

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने शर्त लगा रखी है कि जब तक श्रीलंका अपने कर्जदाता देशों से ऋण रिस्ट्रक्चिरिंग का आश्वासन नहीं लेता, वह मंजूर हुए कर्ज की किस्तें जारी नहीं करेगा। चीन ने श्रीलंका को दिए कर्ज की वसूली पर दो साल के लिए रोक लगाई हुई है। इस लिहाज से फिलहाल श्रीलंका को चीन की कोई रकम नहीं लौटानी है। चीन ने यह आश्वासन भी दिया है कि वह रिस्ट्रक्चरिंग के अन्य तरीकों पर भी विचार करेगा।

लेकिन आईएमएफ इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हुआ है। वह चाहता है कि चीन आईएमएफ के ऋण टिकाऊपन (डेट सस्टेनेबिलिटी) की कसौटियों के मुताबिक आश्वासन दे। चीन अब तक इसके लिए तैयार नहीं हुआ है। हाल में जो देश मुद्रा संकट से ग्रस्त हुए हैं, उनमें श्रीलंका के अलावा घाना, जाम्बिया, सुरीनाम आदि शामिल हैं। ये सभी देश डिफॉल्टर (कर्ज चुकाने में अक्षम) हो चुके हैं। इसके पहले कई लैटिन अमेरिकी देश भी डिफॉल्ट करने पर मजबूर हुए थे। जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में ऐसी समस्याओं के समाधान पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। श्रीलंका को उस बैठक से ऊंची उम्मीदें हैं।

जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक बेंगलुरु में 25 फरवरी को होगी। इस बैठक को डेट राउंड टेबल (ऋण गोल मेज बैठक) के नाम से जाना जा रहा है। बैठक में आईएमएफ और विश्व बैंक के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इस बीच चीन ने विश्व बैंक, आईएमएफ और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं से कहा है कि वे पहले अपने ऋण को रिस्ट्रक्चर करें। बीते शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था- ‘चीन का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (एग्जिम) बैंक श्रीलंका को उसकी डेट सस्टेनेबिलिटी के लिए पहले ही अपना समर्थन पत्र दे चुका है।’

प्रवक्ता ने कहा- ‘हमारे पत्र में यह कहा गया है कि चीन 2022 और 2023 में उसके जिस ऋण का भुगतान श्रीलंका को करना था, उसकी अवधि वह बढ़ा देगा। इसका अर्थ यह हुआ कि इन दो वर्षों में न तो श्रीलंका को मूल धन लौटाना होगा और न ब्याज। इससे श्रीलंका को अल्प अवधि में भुगतान संबंधी दबाव से मुक्ति मिलेगी।’

विक्रमसिंघे सरकार 2.9 बिलियन डॉलर के मंजूर हुए कर्ज को पाने के लिए आईएमएफ की 15 शर्तों का पालन कर चुकी है। अब उसे उम्मीद है कि बेंगलुरु बैठक में कोई ऐसी सहमति बनेगी, जिससे उसके लिए तुरंत कर्ज पाने का रास्ता निकल आएगा।

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