श्रीलंका संकट: स्थानीय निकाय चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, पैसे की कमी के कारण मतपत्र छापने में असमर्थ
सोमवार को प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्धने ने चुनाव आयोग के अधिकारियों और प्रमुख राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ बैठक की। इसके एक दिन बाद आयोग ने यह घोषणा की है।
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श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से अबतक के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। हालत यह है कि सरकार चुनाव कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। इस बीच, देश के चुनाव आयोग ने भी कहा कि धन की भारी कमी के चलते 25 अप्रैल को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को अब अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री के साथ चुनाव आयोग के अधिकारियों की बैठक
सोमवार को प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्धने ने चुनाव आयोग के अधिकारियों और प्रमुख राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ बैठक की। इसके एक दिन बाद आयोग ने यह घोषणा की है। चुनाव आयोग के महानिदेशक समन श्री रत्नायके ने कहा कि चुनाव कराने की अगली तारीख की घोषणा तभी की जाएगी जब वित्त विभाग कोष (फंड) के वितरण की पुष्टि करेगा।
पहले भी स्थगित किए गए थे स्थानीय चुनाव
देश के मौजूदा आर्थिक संकट से जुड़े कई कारणों के चलते स्थानीय निकाय चुनाव पहले 9 मार्च को होने थे लेकिन इसे 25 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पिछले महीने चुनाव आयोग ने धन की कमी के कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पोस्टल वोटिंग स्थगित कर दी थी।
मार्च में श्रीलंका सरकार की मुद्रण विभाग की प्रमुख गंगानी लियानेज ने कहा कि 21 से 24 फरवरी तक पोस्टल वोटिंग कराने के लिए मतपत्र छापने में असमर्थता के कारण चुनाव आयोग को चुनाव स्थगित करना पड़ा था। लियानेज ने कहा कि जब चुनाव स्थगित किए गए थे, तब उन्हें ट्रेजरी से 500 मिलियन रुपये की अनुमानित पूर्ण लागत में से सिर्फ 40 मिलियन रुपये ही मिले थे।
कर्ज के बोझ से दबे श्रीलंका को आईएमएफ का सहारा
चार साल के कार्यकाल के लिए 340 स्थानीय परिषदों में नए प्रशासन नियुक्त करने के लिए चुनाव पिछले साल मार्च से चल रहे आर्थिक संकट के कारण स्थगित कर दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कर्ज के बोझ से दबे श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबरने और अन्य विकास साझेदारों से वित्तीय सहायता जुटाने में मदद के लिए तीन अरब डॉलर के बेलआउट पैकैज को मंजूरी दी है।
विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से पैदा हुआ संकट
2022 में विदेशी मुद्रा भंडार की गंभीर कमी के कारण श्रीलंका एक अभूतपूर्व वित्तीय संकट से प्रभावित हुआ था, जिससे द्वीप राष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक और मानवीय संकट पैदा हो गया था।
अमेरिका की श्रीलंका में सैन्य अड्डा बनाने की कोई योजना नहीं
श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत जूली जे. चुंग ने कहा कि उनके देश का यहां सैन्य अड्डा बनाने का कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही चुंग ने श्रीलंका को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश करार दिया। अमेरिकी राजदूत की यह टिप्पणी अमेरिका के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के अमेरिकी वायुसेना के दो विशेष विमानों से यहां पहुंचने के कुछ सप्ताह बाद आई है। फरवरी में हुई इस यात्रा ने अटकलों को हवा दी थी कि अमेरिका श्रीलंका में एक सैन्य अड्डा स्थापित करने की योजना बना रहा है।
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