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तिब्बत में लगे भूकंप के कई झटके: रिक्टर पैमाने पर 7.0 तक रही तीव्रता, 300 से ज्यादा मकान ढहे; 16 लोगों की मौत

Fri, 23 Oct 2026 03:17 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ल्हासा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ल्हासा। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 23 Oct 2026 03:17 AM IST
सार

तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसके बाद चार घंटे में 4.3 से 5.2 तीव्रता तक के कई झटके रिकॉर्ड हुए।

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Strong 7.0-Magnitude Earthquake Hits Tibet, Epicentre 173 Km Deep
भूकंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिब्बत में गुरुवार, 22 अक्तूबर की रात भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद भी कई बार धरती कांपी। एनसीएस के अनुसार, 16 भूकंपीय घटनाएं दर्ज हैं, जिनमें सबसे तेज झटका 7.0 तीव्रता का था।

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केंद्र के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात 8:03 बजे 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके करीब 26 मिनट बाद, रात 8:29 बजे, 5.2 तीव्रता का एक और झटका रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद रातभर 5.0 और उससे कम तीव्रता के कई झटके दर्ज किए गए। 23 अक्तूबर को रात 12:01 बजे 4.3 तीव्रता का झटका भी रिकॉर्ड हुआ। वहीं चीन में भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए।
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तिब्बत में भूकंप से 16 लोगों की मौत, 32 घायल
इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हो गए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के झटकों से 300 से अधिक मकान ढह गए। यह भूकंप गुरुवार रात 10 बजकर 33 मिनट पर आया। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।
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अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र एक पहाड़ी इलाके में था। यह नागचू शहर से करीब 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर दिशा में और क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से लगभग 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। इससे पहले अगस्त में नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास भीषण बाढ़ आई थी। इस बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। बाढ़ का पानी नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में घरों और इमारतों को बहा ले गया था।

देखें कब और कितनी बार कांपी धरती

भूकंप की टाइमिंग (भारतीय समयानुसार) तीव्रता स्थान
रात 08:03 बजे (22 अक्तूबर) 7.0 तिब्बत
रात 08:29 बजे (22 अक्तूबर) 5.2 चीन
रात 08:42 बजे (22 अक्तूबर) 5.0 तिब्बत
रात 09:09 बजे (22 अक्तूबर) 5.0 तिब्बत
रात 09:15 बजे (22 अक्तूबर) 5.0 तिब्बत
रात 09:27 बजे (22 अक्तूबर) 5.0 चीन
रात 09:47 बजे (22 अक्तूबर) 4.8 तिब्बत
रात 09:51 बजे (22 अक्तूबर) 4.6 तिब्बत
रात 10:15 बजे (22 अक्तूबर) 4.9 चीन
रात 10:20 बजे (22 अक्तूबर) 4.7 तिब्बत
रात 10:28 बजे (22 अक्तूबर) 4.7 तिब्बत
रात 10:40 बजे (22 अक्तूबर) 4.6 तिब्बत
रात 11:17 बजे (22 अक्तूबर) 4.3 तिब्बत
रात 11:36 बजे (22 अक्तूबर) 4.8 तिब्बत
रात 11:55 बजे (22 अक्तूबर) 4.4 तिब्बत
रात 12:01 बजे (23 अक्तूबर) 4.3 तिब्बत


पिछले महीने भी आया था भूकंप
तीन सितंबर को भी तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई गई थी। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया। 

पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।

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जनवरी 2025 में भी भूकंप ने मचाई थी तबाही
जनवरी 2025 में तिब्बत में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये थे। इस भीषण भूकंप में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, सुबह 9:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.8 मापी गयी थी। 



क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।

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