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ये है किस्मत: श्रीलंका बम धमाकों में बची इनकी जान, 26/11 को मुंबई में थे मौजूद
Mon, 29 Apr 2019 11:35 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 29 Apr 2019 11:35 AM IST
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अभिनव और उनकी पत्नी नवरूप
- फोटो : social media
दुबई के रहने वाले भारतीय दंपति श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के सिनेमन ग्रांड होटल में हुए बम धमाके में मुश्किल से बचे हैं। 21 अप्रैल को हुए आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार बम धमाकों में इस होटल को भी निशाना बनाया गया था। अभिनव छारी और उनकी पत्नी नवरूप के. छारी एक बिजनेस ट्रिप पर श्रीलंका पहुंचे थे।
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अभिनव और उनकी पत्नी नवरूप दुबई में ही पले बढ़े हैं। अभिनव का कहना है कि वह दो बार संयुक्त अरब अमीरात से बाहर गए हैं, और दोनों बार उन्होंने आतंकी हमला देखा है। जो इस्लामी आतंकवाद पर आधारित थे।
उनका पहला अनुभव था साल 2008 में मुंबई में हुआ बम धमाका। जब आतंकियों ने बम धमाकों के साथ भारी गोलीबारी भी की थी। अभिनव कहते हैं, "मेडिसिन की पढ़ाई के लिए मैं साल 2008 में मुंबई में था। वो पांच से छह दिन भयानक थे।"
श्रीलंका के बारे बोलते हुए उन्होंने कहा, "ईस्टर संडे पर, हम चर्च गए थे। थोड़ी देर बाद पादरी ने एक घोषणा कर सभी लोगों से चर्च परिसर से जाने को कहा।"
उन्होंने आगे कहा, "चर्च से निकलने के बाद हमने ब्रेकफास्ट करने के लिए टैक्सी ली, जो हम ईस्टर मास के बाद आमतौर पर करते हैं। उतने ही हमने सड़क पर हल्ला गुल्ला देखा और वापस होटल जाने का फैसला लिया। जब हम वहां पहुंचे तो सभी लोगों को लॉन में खड़ा पाया। तब हमें लगा कि ये कोई सिक्योरिटी प्रोटोकॉल होगा।"
नवरूप का कहना है, "सोशल मीडिया से इस खबर के बारे में हमने तब तक कुछ नहीं जाना था, हमें घटना के बारे कुछ नहीं पता था। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि हमारे सामने क्या हो रहा है। वो सब एक फिल्म की तरह लग रहा था।"
बता दें श्रीलंका में 21 अप्रैल को ईस्टर संडे को कई आत्मघाती हमले और सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। जिसमें चर्च और पांच सितारा होटलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में 253 लोगों की मौत हो गई और करीब 500 लोग घायल हुए। श्रीलंका में 25 साल तक चले गृह युद्ध के बाद यह ऐसा पहला हादसा था।