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अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के लिए ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, नौकरी के मौके और बढ़ेंगे
Thu, 18 Jul 2019 03:51 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 18 Jul 2019 03:51 AM IST
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ट्रंप प्रशासन ने मेरिट पर आधारित कानूनी आव्रजन में 57 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव रखा है और इन में से आधे पारिवारिक और मानवीय आधार पर आधारित होंगे। पुरानी प्रणाली को सुधारने के प्रयास के तहत ऐसा किया जाएगा। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस कदम से अमेरिका में नौकरी के इच्छुक भारतीय पेशेवर लोगों के लिए अवसर बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर ने कहा, आव्रजन नीति में सुधार होने से दुनिया के प्रतिभाशाली और मेधावी लोगों को आकर्षित करने का मौका मिलेगा, जिससे 10 सालों में राजस्व में 500 अरब डॉलर से अधिक जुटाए जा सकेंगे। आव्रजन में सुधार करने की परियोजना का नेतृत्व कर रहे कुशनर ने कहा, इस पर कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद कुशनर ने आगे कहा, अमेरिका की आव्रजन प्रणाली अन्य देशों की तुलना में पुरानी है। अभी सिर्फ 12 प्रतिशत लोग ही योग्यता आधारित प्रणाली के माध्यम से कानूनी अप्रवासी बनते हैं। जबकि कनाडा में यह संख्या, 53, न्यूजीलैंड में 59, ऑस्ट्रेलिया में 63 और जापान में 52 फीसदी है। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव के तहत, हम इसे 57 फीसदी करेंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पिछले साल 11 लाख लोग इसके तहत नागरिक बने थे।
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राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर ने कहा, आव्रजन नीति में सुधार होने से दुनिया के प्रतिभाशाली और मेधावी लोगों को आकर्षित करने का मौका मिलेगा, जिससे 10 सालों में राजस्व में 500 अरब डॉलर से अधिक जुटाए जा सकेंगे। आव्रजन में सुधार करने की परियोजना का नेतृत्व कर रहे कुशनर ने कहा, इस पर कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद कुशनर ने आगे कहा, अमेरिका की आव्रजन प्रणाली अन्य देशों की तुलना में पुरानी है। अभी सिर्फ 12 प्रतिशत लोग ही योग्यता आधारित प्रणाली के माध्यम से कानूनी अप्रवासी बनते हैं। जबकि कनाडा में यह संख्या, 53, न्यूजीलैंड में 59, ऑस्ट्रेलिया में 63 और जापान में 52 फीसदी है। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव के तहत, हम इसे 57 फीसदी करेंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पिछले साल 11 लाख लोग इसके तहत नागरिक बने थे।
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भारतीयों को मिलेगा यूएई विजिट वीजा परमिट
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के वीजा के साथ भारतीय पासपोर्ट धारक अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सभी आगमन केंद्रों पर विजिट वीजा पा सकते हैं। दुबई में निवास और विदेशी मामलों के महानिदेशालय ने सोमवार को ट्वीट कर एक वीडियो पोस्ट की जिसमें उन शर्तों का उल्लेख किया गया है, जिनके तहत यह सुविधा मिलेगी। महानिदेशालय ने बताया कि भारतीय यात्री 1,874 रुपये का शुल्क और 375 रुपये का सेवा शुल्क देकर प्रवेश परमिट पा सकते हैं। प्रवेश परमिट के साथ यूएई के भीतर अधिकतम 14 दिन तक रहा जा सकता है और इसे एक बार बढ़ाया जा सकता है। परमिट के नवीनीकरण का शुल्क 4,687 रुपये और सेवा शुल्क 375 रुपये होगा।
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के वीजा के साथ भारतीय पासपोर्ट धारक अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सभी आगमन केंद्रों पर विजिट वीजा पा सकते हैं। दुबई में निवास और विदेशी मामलों के महानिदेशालय ने सोमवार को ट्वीट कर एक वीडियो पोस्ट की जिसमें उन शर्तों का उल्लेख किया गया है, जिनके तहत यह सुविधा मिलेगी। महानिदेशालय ने बताया कि भारतीय यात्री 1,874 रुपये का शुल्क और 375 रुपये का सेवा शुल्क देकर प्रवेश परमिट पा सकते हैं। प्रवेश परमिट के साथ यूएई के भीतर अधिकतम 14 दिन तक रहा जा सकता है और इसे एक बार बढ़ाया जा सकता है। परमिट के नवीनीकरण का शुल्क 4,687 रुपये और सेवा शुल्क 375 रुपये होगा।