सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump Security Breach Third Attempt on the President Life Why Did the White House Invoke Hitler

ट्रंप सुरक्षा चूक: 'राष्ट्रपति पर तीसरी बार जानलेवा हमला', व्हाइट हाउस ने क्यों किया हिटलर का जिक्र?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 27 Apr 2026 11:29 PM IST
विज्ञापन
सार

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में हुई चूक पर व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, हमलावर राष्ट्रपति ट्रंप और उनके अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से सबकी जान बच गई। इस हमले के दौरान एक एजेंट को गोली भी लगी, जिसकी जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई।

Trump Security Breach Third Attempt on the President Life Why Did the White House Invoke Hitler
कैरोलिन लेविट - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
विज्ञापन

विस्तार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने संवाददाता डिनर आयोजन में हुई गोलीबारी पर मीडिया वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा, शनिवार की शाम अभिव्यक्ति की आजादी का जश्न मनाने के लिए थी। लेकिन एक सनकी व्यक्ति ने इस कार्यक्रम में खलल डाल दिया। वह व्यक्ति राष्ट्रपति और प्रशासन के कई अधिकारियों की हत्या करने के इरादे से पूरे देश का सफर तय करके यहां पहुंचा था।
Trending Videos


प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने क्या कहा?
लेविट ने बताया कि पिछले दो साल में राष्ट्रपति ट्रंप पर यह तीसरा बड़ा जानलेवा हमला है। इतिहास में किसी भी अन्य राष्ट्रपति ने अपने जीवन पर इतने गंभीर और बार-बार हमले नहीं झेले हैं। उन्होंने उन बहादुर सुरक्षाकर्मियों का आभार जताया जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर को पकड़ा और सबको सुरक्षित रखा। इस दौरान सीक्रेट सर्विस के एक जांबाज एजेंट के सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रेस सचिव ने ट्रंप पर कही ये बात
प्रेस सचिव ने कहा कि हमले के समय राष्ट्रपति ट्रंप का शांत रहना वाकई काबिले तारीफ था। वह निडर हैं क्योंकि वह अपने देश से प्यार करते हैं। वह जनता से किए वादे पूरे करने के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को तैयार हैं। लेविट ने जोर दिया कि समाज में राजनीतिक हिंसा का डर नहीं होना चाहिए। देश में कड़े मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें शांतिपूर्ण बहस, विरोध और वोट के जरिए सुलझाना चाहिए। विवाद सुलझाने का रास्ता गोलियां नहीं हो सकतीं।

ये भी पढ़ें: Donald Trump: ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, रात्रिभोज में चलीं गोलियां; सुरक्षित निकाले गए अमेरिकी राष्ट्रपति

डेमोक्रेटिक पार्टी को ठहराया हमले का जिम्मेदार 
लेविट ने इस हिंसा के लिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और मीडिया के एक हिस्से को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल से राष्ट्रपति के खिलाफ लगातार नफरत फैलाई जा रही है। उन्हें 'फासीवादी', 'लोकतंत्र के लिए खतरा' और 'हिटलर' कहना हिंसा को बढ़ावा देता है। हमलावर के घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) की बातें भी वैसी ही हैं जैसी सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर रोज सुनने को मिलती हैं।

अंत में, उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को फंड देने की मांग की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कांग्रेस ने 73 दिनों से इस जरूरी एजेंसी का बजट रोक रखा है। यह अमेरिकी इतिहास में किसी संघीय एजेंसी की सबसे लंबी तालाबंदी है। इसका सीधा असर सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रपति और उनके परिवार के खिलाफ झूठ फैलाना बंद होना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed