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ट्रंप ने साझा किया हिलेरी का लेख: गाजा प्लान का समर्थन क्यों कर रहीं पूर्व विदेश मंत्री? नेतन्याहू ने क्या कहा
Mon, 10 Aug 2026 08:12 AM IST
निर्मल कांत
एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 10 Aug 2026 08:12 AM IST
सार
इस रिपोर्ट में जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन का कौन सा लेख साझा किया, ट्रंप ने की गाजा शांति योजना में क्या है और आखिर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पूरी योजना को क्यों खारिज कर दिया।
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डोनाल्ड ट्रंप, हिलेरी क्लिंटन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समय) को अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का एक लेख साझा किया। यह लेख जून में प्रकाशित हुआ था। इसमें क्लिंटन ने ट्रंप की गाजा शांति योजना का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि गाजा में जारी संकट से निपटने के लिए कोई दूसरा ढांचा मौजूद नहीं है।
लेख में क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित हिलेरी क्लिंटन के लेख के कुछ अंश साझा किए। इसमें लिखा था- दुनिया को ट्रंप की गाजा योजना पसंद नहीं आ सकती, लेकिन इसका कोई विकल्प नहीं है। अगर मैं भी , जो राष्ट्रपति की सख्त विरोधी रही हूं, इसे सबसे बेहतर विकल्प के तौर पर स्वीकार कर सकती हूं, तो निश्चित रूप से दूसरे लोग भी ऐसा कर सकते हैं।
क्लिंटन का यह लेख जून में प्रकाशित हुआ था। यह ट्रंप के उन दावों से पहले आया था, जिनमें उन्होंने एक समझौते के अंतिम रूप लेने की बात कही थी। ट्रंप ने सितंबर 2025 में अपनी 20 सूत्री शांति योजना जारी की थी, जबकि 15 सूत्री गाजा शांति योजना इस साल जुलाई में पेश की गई थी।
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हिलेरी क्लिंटन ने क्या कहा था?
क्लिंटन ने कहा था कि गाजा शांति योजना को लेकर चिंताओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक, यह एकमात्र उपलब्ध ढांचा (फ्रेमवर्क) है, जिसमें संबंधित पक्षों को योजना लागू करने की दिशा में आगे बढ़ाने की क्षमता है।
क्लिंटन ने लिखा था- पर्दे के पीछे कोई दूसरा ढांचा तैयार नहीं है। कोई दूसरा गठबंधन चुपचाप इससे बेहतर प्रस्ताव तैयार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि 20 सूत्री योजना ही ऐसा एकमात्र ढांचा है, जिसे पर्याप्त प्रभाव, राजनीतिक भागीदारी और संभावित संसाधनों का समर्थन हासिल है।
ट्रंप ने क्या एलान किया था?
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि गाजा में हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों को 'पूरी तरह से निरस्त्र' करने और इस प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ इस्राइली सैन्य बलों की चरणबद्ध वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 31 जुलाई के घटनाक्रम को शांति और सुरक्षा की दिशा में एक 'ऐतिहासिक' कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि यह समझौता कई चरणों में लागू किया जाएगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था- यह समझौता सावधानी से तय किए गए चरणों में लागू किया जाएगा। जैसे-जैसे निरस्त्रीकरण पूरा होगा, इस्राइली सेना पीछे हटेगी और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल एक नई फलस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा, ताकि वहां के निवासियों और उसके पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने आगे कहा, यह समझौता गाजा के लिए उनकी 20 सूत्री योजना को लागू करने की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है। उन्होंने कहा कि अंत में इस क्षेत्र का प्रशासन एक 'नई फलस्तीनी सरकार' करेगी, जो फलस्तीनी लोगों की मदद के लिए बने शांति बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगी।
नेतन्याहू ने खारिज किया ट्रंप का प्लान
हालांकि, रविवार को इस्राइल ने ट्रंप की 15 सूत्री गाजा शांति योजना को खारिज कर दिया। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जब तक हमास को 'वास्तव में' निरस्त्र नहीं किया जाता, तब तक इस्राइल गाजा से अपनी सेना नहीं हटाएगा।
इस्राइली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल 15 सूत्री दस्तावेज को खारिज करता है। वह जुलाई के आखिर में हमास के समर्थन वाले प्रस्ताव की बात कर रहे थे। कैबिनेट की बैठक में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इस्राइली सेना तब तक कोई वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास को वास्तव में निरस्त्र नहीं किया जाता।
शांति योजना को छोड़ने के लिए फिर से कैबिनेट में वोट कराने की मांग कर रहे दक्षिणपंथी गठबंधन के सहयोगी नेतन्याहू पर दबाव बना रहे हैं। इसी बीच, नेतन्याहू ने कहा कि इस मुद्दे पर इस्राइल की वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी है। सर्वेक्षणों के मुताबिक, नेतन्याहू फिलहाल कड़े चुनावी मुकाबले में हैं। नेतन्याहू ने कहा, उनके पास कुछ विचार हैं। उनमें से कुछ हमें स्वीकार्य हैं और कुछ नहीं हैं। हम जानते हैं कि इन मुद्दों पर अपनी स्थिति पर मजबूती से कैसे कायम रहना है।
ये भी पढ़ें: ईरान की सत्ता में बड़ा फेरबदल: पूर्व IRGC प्रमुख को मिली अहम जिम्मेदारी; युद्ध के बीच क्यों बदली रणनीति?
ट्रंप की 15 सूत्री योजना में क्या है?
ट्रंप की 15 सूत्री योजना में गाजा संघर्ष को खत्म करने, सशस्त्र गुटों को निरस्त्र करने, इस्राइली सैनिकों को वापस बुलाने और गाजा के प्रशासन को एक फलस्तीनी तकनीकी निकाय को सौंपने की चरणबद्ध रणनीति बताई गई है। इस निकाय का नाम 'गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति' है।
योजना के तहत भारी हथियार, हथियारों के भंडार, सैन्य ठिकाने और सुरंगें इस समिति के नियंत्रण में रखी जाएंगी। वहीं, इस्राइली सैनिकों और फलस्तीनी प्रशासन वाले इलाकों को अलग रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा।
इसके बाद इस्राइली सेना चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी। इससे गाजा के पुनर्निर्माण और फलस्तीनियों के आत्मनिर्णय की दिशा में लंबे समय तक चलने वाली राजनीतिक प्रक्रिया का रास्ता तैयार होगा।
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लेख में क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित हिलेरी क्लिंटन के लेख के कुछ अंश साझा किए। इसमें लिखा था- दुनिया को ट्रंप की गाजा योजना पसंद नहीं आ सकती, लेकिन इसका कोई विकल्प नहीं है। अगर मैं भी , जो राष्ट्रपति की सख्त विरोधी रही हूं, इसे सबसे बेहतर विकल्प के तौर पर स्वीकार कर सकती हूं, तो निश्चित रूप से दूसरे लोग भी ऐसा कर सकते हैं।
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क्लिंटन का यह लेख जून में प्रकाशित हुआ था। यह ट्रंप के उन दावों से पहले आया था, जिनमें उन्होंने एक समझौते के अंतिम रूप लेने की बात कही थी। ट्रंप ने सितंबर 2025 में अपनी 20 सूत्री शांति योजना जारी की थी, जबकि 15 सूत्री गाजा शांति योजना इस साल जुलाई में पेश की गई थी।
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हिलेरी क्लिंटन ने क्या कहा था?
क्लिंटन ने कहा था कि गाजा शांति योजना को लेकर चिंताओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक, यह एकमात्र उपलब्ध ढांचा (फ्रेमवर्क) है, जिसमें संबंधित पक्षों को योजना लागू करने की दिशा में आगे बढ़ाने की क्षमता है।
क्लिंटन ने लिखा था- पर्दे के पीछे कोई दूसरा ढांचा तैयार नहीं है। कोई दूसरा गठबंधन चुपचाप इससे बेहतर प्रस्ताव तैयार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि 20 सूत्री योजना ही ऐसा एकमात्र ढांचा है, जिसे पर्याप्त प्रभाव, राजनीतिक भागीदारी और संभावित संसाधनों का समर्थन हासिल है।
ट्रंप ने क्या एलान किया था?
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि गाजा में हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों को 'पूरी तरह से निरस्त्र' करने और इस प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ इस्राइली सैन्य बलों की चरणबद्ध वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 31 जुलाई के घटनाक्रम को शांति और सुरक्षा की दिशा में एक 'ऐतिहासिक' कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि यह समझौता कई चरणों में लागू किया जाएगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था- यह समझौता सावधानी से तय किए गए चरणों में लागू किया जाएगा। जैसे-जैसे निरस्त्रीकरण पूरा होगा, इस्राइली सेना पीछे हटेगी और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल एक नई फलस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा, ताकि वहां के निवासियों और उसके पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने आगे कहा, यह समझौता गाजा के लिए उनकी 20 सूत्री योजना को लागू करने की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है। उन्होंने कहा कि अंत में इस क्षेत्र का प्रशासन एक 'नई फलस्तीनी सरकार' करेगी, जो फलस्तीनी लोगों की मदद के लिए बने शांति बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगी।
नेतन्याहू ने खारिज किया ट्रंप का प्लान
हालांकि, रविवार को इस्राइल ने ट्रंप की 15 सूत्री गाजा शांति योजना को खारिज कर दिया। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जब तक हमास को 'वास्तव में' निरस्त्र नहीं किया जाता, तब तक इस्राइल गाजा से अपनी सेना नहीं हटाएगा।
इस्राइली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल 15 सूत्री दस्तावेज को खारिज करता है। वह जुलाई के आखिर में हमास के समर्थन वाले प्रस्ताव की बात कर रहे थे। कैबिनेट की बैठक में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इस्राइली सेना तब तक कोई वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास को वास्तव में निरस्त्र नहीं किया जाता।
शांति योजना को छोड़ने के लिए फिर से कैबिनेट में वोट कराने की मांग कर रहे दक्षिणपंथी गठबंधन के सहयोगी नेतन्याहू पर दबाव बना रहे हैं। इसी बीच, नेतन्याहू ने कहा कि इस मुद्दे पर इस्राइल की वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी है। सर्वेक्षणों के मुताबिक, नेतन्याहू फिलहाल कड़े चुनावी मुकाबले में हैं। नेतन्याहू ने कहा, उनके पास कुछ विचार हैं। उनमें से कुछ हमें स्वीकार्य हैं और कुछ नहीं हैं। हम जानते हैं कि इन मुद्दों पर अपनी स्थिति पर मजबूती से कैसे कायम रहना है।
ये भी पढ़ें: ईरान की सत्ता में बड़ा फेरबदल: पूर्व IRGC प्रमुख को मिली अहम जिम्मेदारी; युद्ध के बीच क्यों बदली रणनीति?
ट्रंप की 15 सूत्री योजना में क्या है?
ट्रंप की 15 सूत्री योजना में गाजा संघर्ष को खत्म करने, सशस्त्र गुटों को निरस्त्र करने, इस्राइली सैनिकों को वापस बुलाने और गाजा के प्रशासन को एक फलस्तीनी तकनीकी निकाय को सौंपने की चरणबद्ध रणनीति बताई गई है। इस निकाय का नाम 'गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति' है।
योजना के तहत भारी हथियार, हथियारों के भंडार, सैन्य ठिकाने और सुरंगें इस समिति के नियंत्रण में रखी जाएंगी। वहीं, इस्राइली सैनिकों और फलस्तीनी प्रशासन वाले इलाकों को अलग रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा।
इसके बाद इस्राइली सेना चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी। इससे गाजा के पुनर्निर्माण और फलस्तीनियों के आत्मनिर्णय की दिशा में लंबे समय तक चलने वाली राजनीतिक प्रक्रिया का रास्ता तैयार होगा।