UK: रक्षा सचिव के बाद सशस्त्र बल के मंत्री अल कार्न्स का भी इस्तीफा, बजट पर बढ़ा विवाद; मुश्किल में स्टार्मर
ब्रिटेन के सशस्त्र बल मंत्री ने रक्षा बजट और सैन्य तैयारियों को लेकर सरकार से मतभेद के चलते इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सेना को पर्याप्त संसाधन नहीं दे रही । इसके साथ ही वह अपनी पुरानी नीतियों पर चल रही है।
ब्रिटेन के सशस्त्र बल मंत्री ने रक्षा बजट और सैन्य तैयारियों को लेकर सरकार से मतभेद के चलते इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सेना को पर्याप्त संसाधन नहीं दे रही । इसके साथ ही वह अपनी पुरानी नीतियों पर चल रही है।
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ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के मंत्री अल कार्न्स ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने रक्षा निधि और सैन्य तैयारियों को लेकर गहरी चिंताओं का हवाला दिया। इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा खर्च को लेकर प्रशासन के भीतर मौजूद मतभेद और भी उजागर हो गए हैं।
कार्न्स का जाना पूर्व रक्षा सचिव जॉन हीली के इस्तीफे के बाद हुआ है, जिनका प्रधानमंत्री के साथ सरकार के रक्षा बजट को लेकर मतभेद था। हीली का तर्क था कि स्टारमर सरकार ने प्रस्तावित सैन्य खर्च देश की रक्षा के लिए जरूरी राशि से काफी कम है।
कार्न्स ने एक्स पर क्या लिखा?
कार्न्स ने अपने इस्तीफे का एलान एक्स पर किया। उन्होंने लिखा कि सरकार ब्रिटेन के सशस्त्र बलों को पर्याप्त समर्थन देने में असफल रही है। उन्होंने लिखा, 'ब्रिटेन की सेवा करने वालों को काम करने के लिए जरूरी उपकरण और काम पूरा होने पर उनके साथ खड़े रहने की वफादारी देना हमारा कर्तव्य है। हम इन दोनों में विफल रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सरकार में अपना पूरा समय यही बात रखने में बिताया है। वह मेरी बात नहीं सुन रहे हैं, इसलिए मैं सशस्त्र बलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं।'
'सैन्य खरीद नीतियां अभी भी पुरानी'
प्रधानमंत्री को लिखे एक कड़े शब्दों वाले इस्तीफे पत्र में कार्न्स ने कहा कि उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि रक्षा मंत्रालय के भीतर सार्थक सुधारों को आगे बढ़ाने के प्रयास गतिरोध पर पहुंच गए हैं। उन्होंने लिखा, 'मुझे यह स्पष्ट हो गया है कि जिस बदलाव के लिए मैंने प्रयास किया था। वह नहीं आने वाला है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, मैंने सशस्त्र बलों के मंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।' पूर्व रॉयल मरीन कार्न्स ने चेतावनी दी कि ब्रिटेन आधुनिक युद्ध की तेजी से बदलती प्रकृति के अनुकूल ढलने में संघर्ष कर रहा है। यूक्रेन युद्ध जैसे संघर्षों से मिले सबक का हवाला देते हुए उन्होंने तर्क दिया कि सैन्य खरीद नीतियां अभी भी पुराने खतरों पर केंद्रित हैं।
'विरोधी अगली लड़ाई के लिए हथियार जुटा रहे'
उन्होंने कहा, 'संघर्ष का स्वरूप हमारी खरीद क्षमता से कहीं अधिक तेजी से बदल रहा है। हम अभी भी पिछली लड़ाई के लिए उपयुक्त क्षमता खरीद रहे हैं। वहीं, हमारे विरोधी अगली लड़ाई के लिए हथियार जुटा रहे हैं।' कार्न्स ने सरकार की रक्षा निवेश योजना (डीआईपी) की कड़ी आलोचना की। उनका दावा था कि यह उभरती सुरक्षा चुनौतियों के पैमाने को संबोधित करने में विफल रही है।उन्होंने लिखा, 'रक्षा निवेश योजना में मेरी कोई भूमिका नहीं थी, लेकिन इस दूरी के कारण मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि यह हमारे सामने मौजूद खतरे के लिए उपयुक्त नहीं है। यह न तो पर्याप्त रूप से परिवर्तनकारी है और न ही इसके लिए हमारे पास बजट है।'
उन्होंने कहा, 'मैं ईमानदारी से रक्षा चौकी पर खड़े होकर उस निवेश स्तर का बचाव नहीं कर सकता जो मुझे पता है कि इस कार्य के लिए अपर्याप्त है।' उन्होंने आगे कहा कि 'एक गंभीर देश अपनी रक्षा के लिए धन उस खतरे का सामना करने के लिए खर्च करता है जिसका वह असल में सामना कर रहा है। न कि उस खतरे का जिसका वह सामना करना चाहता है।'
इसका स्टारमर सरकार पर क्या असर?
कार्न्स ने उत्तरी आयरलैंड लेगेसी बिल की भी आलोचना करते हुए इसे उद्देश्य के लिए अनुपयुक्त बताया और चेतावनी दी कि यह उन दिग्गजों को विफल करने का जोखिम रखता है जिनकी रक्षा के लिए इसे बनाया गया था।उनके इस्तीफे से वैश्विक तनाव बढ़ने और पूरे यूरोप में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच रक्षा नीति और सैन्य वित्तपोषण को लेकर स्टारमर सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।