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Pro Palestine Protest: लंदन में प्रदर्शन के दौरान चार पुलिसकर्मी घायल, 29 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
Sun, 05 Nov 2023 04:53 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 05 Nov 2023 04:53 PM IST
सार
इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष की तपिश यूरोप में भी महसूस की जा रही है। लंदन में फलस्तीन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने 29 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
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लंदन में फलस्तीन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
ब्रिटेन में फलस्तीन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे। विरोध के दौरान चार पुलिस अधिकारी घायल हो गए। लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने हिंसा और कानून तोड़ने के आरोप में 29 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। खबरों के अनुसार, सेंट्रल लंदन में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भीड़ पर आतिशबाजी की। इसमें चार पुलिस अधिकारी घायल हो गए, जबकि नस्लीय अपराधों के संदेह में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ब्रिटेन के कौन से हिस्सों में प्रदर्शन का असर
खबरों के अनुसार, शनिवार को लगभग 30 हजार प्रदर्शनकारी फलस्तीनी एकजुटता अभियान के तहत एक रैली के लिए ट्राफलगर स्क्वायर पर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने धरना प्रदर्शन के साथ ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर यातायात को भी ठप कर दिया। लंदन और स्कॉटलैंड के कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया, मैनचेस्टर सहित ब्रिटेन के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
कानून-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए 1300 पुलिस अधिकारी
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि शनिवार को 1,300 से अधिक अधिकारी ड्यूटी पर थे क्योंकि पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) के शहर गाजा में इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के खिलाफ हजारों लोग प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे। पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने लिए अधिक "तेज और सक्रिय" हस्तक्षेप का दृष्टिकोण अपनाया गया था।
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प्रधानमंत्री सुनक की अपील से आक्रोश?
बता दें कि विरोध-प्रदर्शन उस समय हुआ जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने चरमपंथी कृत्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। ब्रिटिश सरकार फलस्तीन से समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान हेट क्राइम की आशंका से भी जूझ रही है। यहूदियों के विरोध पर सख्ती दिखाने का एलान कर चुकी ब्रिटेन की पुलिस इस्राइल और हमास के संघर्ष के दौरान किसी भी तरह की घृणा अपराध से निपटने के लिए खास रणनीति बनाई है। युद्धविराम दिवस (Armistice Day) के के दिन ब्रिटेन के युद्ध शहीदों को याद किया जाता है। अगले इसी दिन फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन की योजना है।
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमांडर करेन फाइंडले ने कहा, "यह निराशाजनक है कि विभिन्न अलग-अलग समूह फिर से घृणा अपराध के जिम्मेदार बने, जिसका लंदन में कोई स्थान नहीं है। हम इससे सख्ती से निपटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को निशाना बनाकर आतिशबाजी की जिसमें चार अधिकारी घायल हो गए।" उन्होंने कहा, "हमने मुख्य विरोध से अलग हुए समूहों पर शीघ्रता से कार्रवाई की। अधिकारियों ने अपने पास मौजूद शक्तियों का पूरा उपयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया। इस प्रभावी हस्तक्षेप ने सुनिश्चित के कारण लंदनवासी अपने काम पर सुगमता से निपटा सके।"
29 लोगों की गिरफ्तारी, किन आरोपों के तहत मामला
हिंसा और कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार 29 लोगों में से, नौ लोगों को गंभीर नस्लीय अपराधों सहित सार्वजनिक व्यवस्था के अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था। एक बैनर पर लिखे शब्दों को यूके के आतंकवाद अधिनियम का उल्लंघन माना गया। इससे जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के तितर-बितर होने के आदेश का उल्लंघन करने पर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को नस्लीय घृणा भड़काने, शारीरिक क्षति पहुंचाने, हिंसक अव्यवस्था और आक्रामक हथियार रखने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।
युद्धविराम दिवस का अपमान स्वीकार नहीं
ब्रिटेन की गृह सचिव ब्रेवरमैन ने विरोध प्रदर्शन से पहले कहा, "मुझे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी कारकों को ध्यान में रखने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर पूरा भरोसा है। अगले सप्ताहांत में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना के संदर्भ में, ब्रेवरमैन ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से सहमत हूं। लंदन से गुजरने वाले घृणा मार्च के साथ युद्धविराम दिवस को अपमानित करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"
विरोध प्रदर्शन "भड़काऊ और अपमानजनक"
उन्होंने कहा, "अगर मार्च आगे बढ़ता है, तो गंभीर सार्वजनिक अव्यवस्था, हिंसा और क्षति के साथ-साथ लाखों सभ्य ब्रिटिश लोगों के आहत होने की आशंका है।" बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में, सुनक ने चेतावनी दी थी कि अगले सप्ताह के अंत में लंदन में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन "भड़काऊ और अपमानजनक" होंगे। उन्होंने गृह सचिव को हस्तक्षेप करने के लिए नियुक्त किया था।
युद्ध स्मारकों को अपवित्र करने की आशंका
सुनक के अनुसार, ब्रिटिश युद्धविराम दिवस पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाना उत्तेजक और अपमानजनक है। सेनोटाफ और अन्य युद्ध स्मारकों को अपवित्र किया जा सकता है। ऐसी हरकतें ब्रिटिश जनता और उन मूल्यों का अपमान होगा जिनसे हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रताओं के लिए अंतिम बलिदान देने वाले लोगों को शांति और गरिमा के साथ याद करने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।
क्या है ब्रिटेन का युद्धविराम दिवस
बता दें कि 11 नवंबर को युद्धविराम दिवस है। इसे स्मरण दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शत्रुता की समाप्ति की याद दिलाता है। इस दिन दोनों विश्व युद्धों के शहीदों का सम्मान किया जाता है।
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ब्रिटेन के कौन से हिस्सों में प्रदर्शन का असर
खबरों के अनुसार, शनिवार को लगभग 30 हजार प्रदर्शनकारी फलस्तीनी एकजुटता अभियान के तहत एक रैली के लिए ट्राफलगर स्क्वायर पर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने धरना प्रदर्शन के साथ ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट पर यातायात को भी ठप कर दिया। लंदन और स्कॉटलैंड के कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया, मैनचेस्टर सहित ब्रिटेन के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
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कानून-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए 1300 पुलिस अधिकारी
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि शनिवार को 1,300 से अधिक अधिकारी ड्यूटी पर थे क्योंकि पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) के शहर गाजा में इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के खिलाफ हजारों लोग प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे। पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने लिए अधिक "तेज और सक्रिय" हस्तक्षेप का दृष्टिकोण अपनाया गया था।
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प्रधानमंत्री सुनक की अपील से आक्रोश?
बता दें कि विरोध-प्रदर्शन उस समय हुआ जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने चरमपंथी कृत्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। ब्रिटिश सरकार फलस्तीन से समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान हेट क्राइम की आशंका से भी जूझ रही है। यहूदियों के विरोध पर सख्ती दिखाने का एलान कर चुकी ब्रिटेन की पुलिस इस्राइल और हमास के संघर्ष के दौरान किसी भी तरह की घृणा अपराध से निपटने के लिए खास रणनीति बनाई है। युद्धविराम दिवस (Armistice Day) के के दिन ब्रिटेन के युद्ध शहीदों को याद किया जाता है। अगले इसी दिन फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन की योजना है।
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमांडर करेन फाइंडले ने कहा, "यह निराशाजनक है कि विभिन्न अलग-अलग समूह फिर से घृणा अपराध के जिम्मेदार बने, जिसका लंदन में कोई स्थान नहीं है। हम इससे सख्ती से निपटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को निशाना बनाकर आतिशबाजी की जिसमें चार अधिकारी घायल हो गए।" उन्होंने कहा, "हमने मुख्य विरोध से अलग हुए समूहों पर शीघ्रता से कार्रवाई की। अधिकारियों ने अपने पास मौजूद शक्तियों का पूरा उपयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया। इस प्रभावी हस्तक्षेप ने सुनिश्चित के कारण लंदनवासी अपने काम पर सुगमता से निपटा सके।"
29 लोगों की गिरफ्तारी, किन आरोपों के तहत मामला
हिंसा और कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार 29 लोगों में से, नौ लोगों को गंभीर नस्लीय अपराधों सहित सार्वजनिक व्यवस्था के अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था। एक बैनर पर लिखे शब्दों को यूके के आतंकवाद अधिनियम का उल्लंघन माना गया। इससे जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के तितर-बितर होने के आदेश का उल्लंघन करने पर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को नस्लीय घृणा भड़काने, शारीरिक क्षति पहुंचाने, हिंसक अव्यवस्था और आक्रामक हथियार रखने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।
युद्धविराम दिवस का अपमान स्वीकार नहीं
ब्रिटेन की गृह सचिव ब्रेवरमैन ने विरोध प्रदर्शन से पहले कहा, "मुझे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी कारकों को ध्यान में रखने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर पूरा भरोसा है। अगले सप्ताहांत में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना के संदर्भ में, ब्रेवरमैन ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से सहमत हूं। लंदन से गुजरने वाले घृणा मार्च के साथ युद्धविराम दिवस को अपमानित करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"
विरोध प्रदर्शन "भड़काऊ और अपमानजनक"
उन्होंने कहा, "अगर मार्च आगे बढ़ता है, तो गंभीर सार्वजनिक अव्यवस्था, हिंसा और क्षति के साथ-साथ लाखों सभ्य ब्रिटिश लोगों के आहत होने की आशंका है।" बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में, सुनक ने चेतावनी दी थी कि अगले सप्ताह के अंत में लंदन में फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन "भड़काऊ और अपमानजनक" होंगे। उन्होंने गृह सचिव को हस्तक्षेप करने के लिए नियुक्त किया था।
युद्ध स्मारकों को अपवित्र करने की आशंका
सुनक के अनुसार, ब्रिटिश युद्धविराम दिवस पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाना उत्तेजक और अपमानजनक है। सेनोटाफ और अन्य युद्ध स्मारकों को अपवित्र किया जा सकता है। ऐसी हरकतें ब्रिटिश जनता और उन मूल्यों का अपमान होगा जिनसे हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रताओं के लिए अंतिम बलिदान देने वाले लोगों को शांति और गरिमा के साथ याद करने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।
क्या है ब्रिटेन का युद्धविराम दिवस
बता दें कि 11 नवंबर को युद्धविराम दिवस है। इसे स्मरण दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शत्रुता की समाप्ति की याद दिलाता है। इस दिन दोनों विश्व युद्धों के शहीदों का सम्मान किया जाता है।