सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   Ukraine launches major attack on Russias Black Sea port fire destroys Russian oil tanks and terminal

Russia-Ukraine War: यूक्रेन ने रूस के ब्लैक सी बंदरगाह पर किया बड़ा हमला, आग से रूसी तेल टैंक और टर्मिनल तबाह

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sun, 15 Feb 2026 05:51 PM IST
विज्ञापन
सार

शांति वार्ता से पहले रूस-यूक्रेन युद्ध फिर तेज हो गया है। यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के ब्लैक सी स्थित तामान पोर्ट पर आग लग गई और तेल टैंक सहित कई ढांचे क्षतिग्रस्त हुए। दो लोग घायल बताए गए हैं। जवाबी हमलों में ओडेसा क्षेत्र में बिजली-पानी व्यवस्था प्रभावित हुई। जिनेवा में प्रस्तावित वार्ता से पहले दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक दबाव बढ़ाते दिख रहे हैं।
 

Ukraine launches major attack on Russias Black Sea port fire destroys Russian oil tanks and terminal
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति पुतिन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति वार्ता की नई कोशिशों से ठीक पहले हमले तेज हो गए हैं। ब्लैक सी क्षेत्र में बड़े हमले की खबर सामने आई है, जहां यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूस के एक अहम बंदरगाह पर आग लग गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच नई वार्ता तय है। इससे साफ है कि जमीनी हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

Trending Videos


रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र के तामान ब्लैक सी पोर्ट पर आग लग गई। क्षेत्रीय गवर्नर ने बताया कि हमले में एक तेल भंडारण टैंक, वेयरहाउस और टर्मिनल को नुकसान पहुंचा है और दो लोग घायल हुए हैं। दूसरी तरफ रूस के ड्रोन के मलबे गिरने से यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र में नागरिक और परिवहन ढांचे को नुकसान पहुंचा। वहां बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- इमरान खान की सेहत पर सियासत तेज, पीटीआई बोली- गुप्त रूप से शिफ्ट किए जा रहे, जान को खतरा

ऊर्जा ठिकाने बने निशाना
यूक्रेन लंबे दूरी वाले ड्रोन हमलों के जरिए रूस के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है। उसका मकसद रूस की तेल निर्यात से होने वाली कमाई को कम करना है ताकि युद्ध की क्षमता कमजोर पड़े। वहीं रूस लगातार यूक्रेन के पावर ग्रिड और नागरिक ढांचे पर हमले कर रहा है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस सर्दियों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि लोगों को गर्मी, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा सके।

शांति वार्ता से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल
अमेरिका की पहल पर रूस और यूक्रेन के दूतों के बीच जिनेवा में नई वार्ता मंगलवार और बुधवार को प्रस्तावित है। जर्मनी में सुरक्षा सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि शांति समझौते से पहले उनके देश को ठोस सुरक्षा गारंटी चाहिए।

ये भी पढ़ें- तारिक रहमान 17 फरवरी को लेंगे PM पद की शपथ, सामने आई कैबिनेट के संभावित नामों की सूची

उन्होंने डोनबास क्षेत्र को लेकर प्रस्तावित फ्री ट्रेड जोन मॉडल पर भी सवाल उठाए। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि स्थायी शांति के लिए रूस को भी रियायत देनी होगी। इससे पहले अबू धाबी में हुई वार्ताओं के दौर भी डोनबास और प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर सहमति न बनने के कारण बेनतीजा रहे थे।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article