शांति के लिए कभी तैयार नहीं होगा रूस?: नाटो में अमेरिकी राजदूत के बयान से बढ़ी हलचल, समझिए क्या हैं इसके मायने
करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति की उम्मीदों के बीच नाटो में अमेरिकी प्रतिनिधि मैथ्यू व्हिटेकर का बड़ा बयान सामने आया है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यूक्रेन समझौते को तैयार है, लेकिन रूस की मंशा संदिग्ध है। उनके इस बयान ने कूटनीतिक प्रयासों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
विस्तार
करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। कई दौर की शांति वार्ताओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद मोर्चे पर तनाव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। अब ऐसे में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में अमेरिका के प्रतिनिधि मैथ्यू व्हिटेकर का रूस को लेकर सामने आए बयान ने पूरे मामले को एक अलग मोड़ दे दिया है। उनका कहना है कि रूस शायद कभी भी यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करने को तैयार नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब इस युद्ध को शुरू हुए लगभग चार साल होने वाले हैं।
अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने ये बात जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के एक पैनल में कही। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस किसी समझौते के लिए तैयार है। व्हिटेकर ने कहा कि मेरी समझ से यूक्रेन इस समय एक उचित और परिस्थितियों के हिसाब से न्यायसंगत समझौते के लिए तैयार है। लेकिन मुझे इस बात का विश्वास नहीं है कि रूस वास्तव में समझौता करना चाहता है या कभी कर पाएगा।
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ट्रंप का अलग रुख
बता दें कि राजदूत का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बिल्कुल अलग है। ट्रंप ने उसी दिन कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को तेजी से कदम उठाने होंगे, क्योंकि रूस समझौता करना चाहता है। ट्रंप लगातार इस युद्ध को खत्म करने की बात करते रहे हैं। फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच भीषण संघर्ष जारी है। हालांकि अमेरिका की मध्यस्थता में अब तक हुई बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
अब समझिए रूस की शर्तें और यूक्रेन का रुख
रूस अब भी यूक्रेन से बड़े क्षेत्रीय और राजनीतिक समझौते की मांग कर रहा है। मॉस्को चाहता है कि यूक्रेन अपने पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र से सेना हटा ले। लेकिन कीव ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया है और इसे आत्मसमर्पण जैसा कदम बताया है। यूक्रेन का कहना है कि किसी भी युद्धविराम या समझौते से पहले उसे पश्चिमी देशों से मजबूत सुरक्षा गारंटी चाहिए, ताकि भविष्य में रूस फिर से हमला न कर सके।
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रूस और यूक्रेन का स्टैंड और बदलता रुख
गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि युद्ध खत्म करने को लेकर अमेरिका के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक ओर जहां कुछ नेता मानते हैं कि रूस समझौते के लिए तैयार है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राजनयिकों को रूस की मंशा पर संदेह है। फिलहाल युद्ध जारी है और दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले समय में कोई कूटनीतिक समाधान निकल पाएगा या संघर्ष और लंबा खिंचेगा।
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