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ईरान के निशाने पर अमेरिकी राजनयिक: खुफिया रिपोर्ट में जारी की गई चेतावनी, क्या पश्चिम एशिया में बढ़ेगा टकराव?
Sat, 24 Oct 2026 07:37 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, वाशिंगटन
एएनआई, वाशिंगटन
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sat, 24 Oct 2026 07:37 AM IST
सार
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों का दायरा बढ़ने की आशंका है।
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अमेरिका ईरान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी खुफिया विभाग की एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की अपनी कोशिशों को काफी बढ़ा दिया है। एक्सिओस की ओर से उद्धृत इस खुफिया मेमो में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ रची जा रही साजिशें काफी आगे के चरण तक पहुंच चुकी हैं। एक्सिओस ने आगे बताया कि यह खुफिया मेमो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजा गया था।
अमेरिकी अधिकारियों को क्या आशंका है?
अमेरिकी अधिकारियों को यह भी आशंका है कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही अपने हमलों का दायरा सऊदी अरब से आगे बढ़ाकर इस क्षेत्र के अन्य देशों तक फैला सकते हैं। इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि उसने सऊदी अरब में मौजूद गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का निर्देश दिया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने उन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका खाड़ी देशों में स्थित अपने कई दूतावासों से कर्मचारियों को वापस बुलाने के आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
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उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'यह जानकारी गलत है। अमेरिकी विदेश विभाग ने केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का आदेश दिया है। जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं।
इस फैसले के पीछे सुरक्षा संबंधी कारणों पर पिगॉट ने बताया कि ईरान समर्थित हूथी गुटों की आक्रामकता बढ़ गई है, जो सऊदी अरब में आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ईरान समर्थित हूती गुट सऊदी अरब के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई कर रहे हैं। इनमें आम नागरिकों के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किए गए हमले शामिल हैं, जिनके कारण आम नागरिकों की जान गई है और यात्रा व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है।'
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अमेरिकी अधिकारियों को क्या आशंका है?
अमेरिकी अधिकारियों को यह भी आशंका है कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही अपने हमलों का दायरा सऊदी अरब से आगे बढ़ाकर इस क्षेत्र के अन्य देशों तक फैला सकते हैं। इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि उसने सऊदी अरब में मौजूद गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का निर्देश दिया है।
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विदेश विभाग के प्रवक्ता ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने उन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका खाड़ी देशों में स्थित अपने कई दूतावासों से कर्मचारियों को वापस बुलाने के आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
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उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'यह जानकारी गलत है। अमेरिकी विदेश विभाग ने केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का आदेश दिया है। जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं।
इस फैसले के पीछे सुरक्षा संबंधी कारणों पर पिगॉट ने बताया कि ईरान समर्थित हूथी गुटों की आक्रामकता बढ़ गई है, जो सऊदी अरब में आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ईरान समर्थित हूती गुट सऊदी अरब के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई कर रहे हैं। इनमें आम नागरिकों के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किए गए हमले शामिल हैं, जिनके कारण आम नागरिकों की जान गई है और यात्रा व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है।'