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Russian Oil: भारत को रूसी तेल खरीदने की मोहलत देने पर क्या बोले ट्रंप? अमेरिकी वित्त मंत्री ने किया था ये दावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Love Gaur
Updated Sun, 08 Mar 2026 07:56 AM IST
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सार
Trump On Russian Oil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया और खाड़ी में उभरती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर कई घटनाक्रमों के बारे में मीडिया से बात। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ओर से भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति देने की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी।
रूसी तेल खरीद पर ट्रंप का बयान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के बीच, अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति दे दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को 'थोड़ा दबाव कम करने' के लिए उठाया गया कदम बताया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है, ताकि वैश्विक तेल बाजार पर बढ़ रहे दबाव को कम किया जा सके। ट्रंप ने यह बयान एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका वैश्विक तेल बाजार पर दबाव कम करने के लिए और भी कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा, 'दुनिया में तेल की कोई कमी नहीं है। अमेरिका के पास भी काफी मात्रा में तेल है और यह स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही अस्थायी कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले शिपिंग मार्गों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं। यह क्षेत्र तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी लगभग 40 प्रतिशत तेल आयात मध्य पूर्व से करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। इस स्थिति को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिवसीय छूट प्रदान की है।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की 30-दिवसीय छूट देना, मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाए गए 'अल्पकालिक उपायों' का हिस्सा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति
भारतीय अधिकारियों के अनुसार देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है और वह इस मामले में काफी सहज स्थिति में है। भारत के पास वर्तमान में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आश्वासन दिया है कि ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत को विभिन्न स्रोतों से पहले से कहीं अधिक ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से संभावित आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त है।
रूसी तेल खरीद का बढ़ा हिस्सा
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में काफी विविधता लाई है। 2022 से भारत रूस से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। 2022 में रूस भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल 0.2 प्रतिशत था, लेकिन यह आंकड़ा हाल के वर्षों में काफी बढ़ा है। फरवरी में, भारत ने अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 20 प्रतिशत, यानी लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रति दिन, रूस से आयात किया।
ये भी पढ़ें: रूस दे रहा ईरान को हमले की खुफिया जानकारी?: ट्रंप बोले- कोई खास फायदा नहीं; जंग के बीच बढ़ा वैश्विक तनाव
ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म कर दिया: ट्रंप
इसी के साथ अमेरिका विमान में बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म कर दिया है और इस कार्रवाई को पृथ्वी से एक बड़े 'कैंसर' को हटाने जैसा बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान में 'थोड़ी और देर' जारी रहेगा। एयर फोर्स वन पर यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, 'हमने उनके (ईरान के) पूरे दुष्ट साम्राज्य का सफाया कर दिया है। यह निश्चित रूप से कुछ समय के लिए जारी रहेगा।' उन्होंने आगे कहा कि युद्ध अविश्वसनीय रूप से अच्छा चल रहा है और अमेरिका ने अपेक्षा से कहीं अधिक हासिल किया है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना के 44 जहाजों, उसके पूरे वायु सेना के हर विमान और अधिकांश मिसाइलों का सफाया कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मिसाइल निर्माण के क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उनकी ड्रोन क्षमता में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के लगभग हर स्तर पर सफाया कर दिया गया है।
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स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका वैश्विक तेल बाजार पर दबाव कम करने के लिए और भी कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा, 'दुनिया में तेल की कोई कमी नहीं है। अमेरिका के पास भी काफी मात्रा में तेल है और यह स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही अस्थायी कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
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खाड़ी क्षेत्र में संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले शिपिंग मार्गों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं। यह क्षेत्र तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी लगभग 40 प्रतिशत तेल आयात मध्य पूर्व से करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। इस स्थिति को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिवसीय छूट प्रदान की है।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की 30-दिवसीय छूट देना, मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाए गए 'अल्पकालिक उपायों' का हिस्सा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति
भारतीय अधिकारियों के अनुसार देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है और वह इस मामले में काफी सहज स्थिति में है। भारत के पास वर्तमान में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आश्वासन दिया है कि ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत को विभिन्न स्रोतों से पहले से कहीं अधिक ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से संभावित आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त है।
रूसी तेल खरीद का बढ़ा हिस्सा
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में काफी विविधता लाई है। 2022 से भारत रूस से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। 2022 में रूस भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल 0.2 प्रतिशत था, लेकिन यह आंकड़ा हाल के वर्षों में काफी बढ़ा है। फरवरी में, भारत ने अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 20 प्रतिशत, यानी लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रति दिन, रूस से आयात किया।
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ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म कर दिया: ट्रंप
इसी के साथ अमेरिका विमान में बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म कर दिया है और इस कार्रवाई को पृथ्वी से एक बड़े 'कैंसर' को हटाने जैसा बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान में 'थोड़ी और देर' जारी रहेगा। एयर फोर्स वन पर यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, 'हमने उनके (ईरान के) पूरे दुष्ट साम्राज्य का सफाया कर दिया है। यह निश्चित रूप से कुछ समय के लिए जारी रहेगा।' उन्होंने आगे कहा कि युद्ध अविश्वसनीय रूप से अच्छा चल रहा है और अमेरिका ने अपेक्षा से कहीं अधिक हासिल किया है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना के 44 जहाजों, उसके पूरे वायु सेना के हर विमान और अधिकांश मिसाइलों का सफाया कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि मिसाइल निर्माण के क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उनकी ड्रोन क्षमता में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के लगभग हर स्तर पर सफाया कर दिया गया है।
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