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पुतिन का बदला रुख: नाटो के इलाके तक पहुंच सकता है रूस का खतरा; क्या बड़े टकराव की तैयारी में मॉस्को?

Sat, 08 Aug 2026 03:05 PM IST
निर्मल कांत एएनआई, वाशिंगटन डीसी।
एएनआई, वाशिंगटन डीसी। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 08 Aug 2026 03:05 PM IST
सार

अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नाटो के इलाके तक असर डालने वाले कदम उठा सकते हैं। रूस का मकसद ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया परखना हो सकता है। पढ़िए रिपोर्ट-

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US intel warns Putin may authorise hybrid attacks on NATO territory to test Western resolve: Report
व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब ऐसे उकसावे वाले कदमों को मंजूरी देने के लिए पहले से ज्यादा तैयार हो सकते हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इसका असर नाटो के इलाके तक पहुंच सकता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों 
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क्या कदम उठा सकता है रूस?
सीबीएस ने इस मामले की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इन कार्रवाइयों में हाइब्रिड अभियान, साइबर हमले और ऐसे दूसरे कदम शामिल हो सकते हैं, जिनमें रूस की सीधी भूमिका साबित करना मुश्किल हो। हालांकि, ये कदम बड़े स्तर के पारंपरिक सैन्य अभियान से कम होंगे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ महीने पहले की तुलना में पुतिन के जोखिम उठाने के तरीके में बदलाव आया है।
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रूस का मकसद क्या हो सकता है?
इन अधिकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शायद बड़ा युद्ध शुरू करना नहीं है। इसके बजाय रूस नाटो की एकता को परखना और यह देखना चाहता है कि अगर नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला होता है, तो ट्रंप प्रशासन किस तरह जवाब देगा।
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पिछले महीने की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिमी देश अपने हित के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र चार्टर का इस्तेमाल करते हैं और जब यह उनके हित में नहीं होता, तब राष्ट्रों के 'आत्मनिर्णय' के सिद्धांत को नजरअंदाज करते हैं।

पुतिन ने पश्चिमी प्रतिबंधों को लेकर क्या दावा किया था?
पुतिन ने दावा किया था कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध अपने लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, 2022 से 'पश्चिम ने अपनी रूस-विरोधी व्यवस्था को पूरी रफ्तार दी है और रिकॉर्ड संख्या में प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध बेअसर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: 'कागजी समझौता सुरक्षा नहीं देगा': PAK-सऊदी-तुर्किये रक्षा समझौते पर ईरान ने कसा तंज; रियाद को क्या चेतावनी दी?

रूसी राष्ट्रपति ने आगे आरोप लगाया कि रूस को 'जंग के मैदान में' हराने में नाकाम रहने के बाद उसके विरोधियों ने रूसी लोगों के खिलाफ 'सीधे आतंकवादी तरीकों' का सहारा लिया। उन्होंने कहा, 'लेकिन रूस के लोगों को कभी तोड़ा नहीं जा सकता। वे कभी टूटे नहीं हैं और कभी टूटेंगे भी नहीं।'

पुतिन ने यह भी कहा कि रूस यूक्रेन में चल रहे 'विशेष सैन्य अभियान' में अपने लक्ष्य हासिल करेगा। उन्होंने पश्चिम पर 'रूस-विरोध' का अभियान चलाने और रूस को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई।


पुतिन ने कहा कि रूस के लिए पिछले पांच साल 'मुश्किल और बेहद अहम' रहे हैं। उन्होंने कहा, यह ऐसा समय था, जब 'हमारे लोगों का भविष्य और उनका भाग्य' दांव पर था। पुतिन ने कहा कि रूस ने इतिहास में बाहरी खतरों का सामना राष्ट्रीय एकता के साथ किया है और आज भी यही भावना दिखाई दे रही है।

नाटो प्रमुख ने क्या कहा था?
दूसरी ओर, नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने इस साल अप्रैल में यूरोप और उत्तरी अमेरिका के सामने रूस से पैदा हो रहे तत्काल और कई मोर्चों वाले खतरे को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिमी गठबंधन की रक्षा व्यवस्था रूस की घुसपैठ को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है और अटलांटिक महासागर के दोनों तरफ सुरक्षा कर रही है। 
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