US-Iran Tension: 'वे इज्जत बचाना चाह रहे.., ईरान और उसके नेताओं के खात्मे तक डील असंभव'; ट्रंप का इशारा क्या?
ट्रंप के तीखे तेवरों ने एक बार फिर ईरान के साथ तनाव को भड़का दिया है। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज को लेकर ईरान सिर्फ इज्जत बचाने का खेल खेल रहा है। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में इशारा किया कि जब तक ईरान और उसके नेतृत्व पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की डील मुमकिन नहीं।
ट्रंप के तीखे तेवरों ने एक बार फिर ईरान के साथ तनाव को भड़का दिया है। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज को लेकर ईरान सिर्फ इज्जत बचाने का खेल खेल रहा है। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में इशारा किया कि जब तक ईरान और उसके नेतृत्व पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की डील मुमकिन नहीं।
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अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब कूटनीति की पतली डोर पर झूल रहा है, जहां शांति के प्रयासों के बीच युद्ध का साया गहराता जा रहा है। ऐसे में अब एक बार फिर ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख ने वैश्विक चिंता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज को लेकर ईरान सिर्फ इज्जत बचाने का खेल खेल रहा है। अपने बयान में ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि ईरान वास्तव में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करना चाहता, बल्कि उसे खुला रखना चाहता है।
उनके मुताबिक, ऐसा इसलिए है क्योंकि ईरान इस रास्ते से हर दिन लगभग 500 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपये) की कमाई करता है। ट्रंप ने ये बातें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कही। जहां उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान केवल दिखावे के लिए यह कह रहा है कि वह इस जलडमरूमध्य को बंद करना चाहता है।
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होर्मुज को लेकर फिर किया बड़ा दावा
अपने पोस्ट में एक बार फिर ट्रंप ने होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि असल में अमेरिका ने इस रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक (बंद) कर रखा है, इसलिए ईरान अपनी इज्जत बचाने के लिए ऐसी बातें कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर बताया कि ईरान तुरंत इस रास्ते को खोलना चाहता है। यानी, ईरान खुद भी समझता है कि यह रास्ता बंद रहने से उसे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ईरान को फिर ट्रंप की दो टूक, इशारा क्या?
अपने पोस्ट में ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अभी चार दिन पहले कुछ लोग उनके पास आए और बताया कि ईरान चाहता है कि होर्मुज को तुरंत खोल दिया जाए। ट्रंप ने आगे कहा कि अगर अमेरिका इस रास्ते को खोल देता है, तो फिर ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत या समझौता संभव नहीं रहेगा। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में दो टूक अंदाज में कहा कि ऐसी स्थिति में तब तक कोई डील नहीं हो सकती, जब तक ईरान और उसके नेताओं के खिलाफ पूरी तरह सख्त कार्रवाई न की जाए।
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तनाव के बीच क्यों अहम है यह मुद्दा?
इस बात को ऐसे समझिए कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक चिंता का केंद्र बन गई है। यह संकरा समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया के सबसे बड़े तेल ट्रांजिट मार्गों में गिना जाता है। अनुमान है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे एशिया, यूरोप और अन्य देशों की ऊर्जा जरूरतें पूरी होती हैं। ऐसे में अगर यह जलडमरूमध्य किसी भी कारण से बंद होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई अचानक घट सकती है।
इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि होर्मुज सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है। यहां पैदा होने वाला कोई भी संकट पूरी दुनिया में आर्थिक अस्थिरता और रणनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है।

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