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'चीन के लिए करता था जासूसी': अमेरिकी पत्रकार ने कोर्ट में कबूला गुनाह, शी जिनपिंग तक पहुंचती थी रिपोर्ट

वाशिंगटन, पीटीआई Published by: रिया दुबे Updated Fri, 05 Jun 2026 07:34 AM IST
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सार

चीन में रह रहे अमेरिकी पत्रकार थॉमस पाउकेन द्वितीय ने अमेरिकी अदालत में चीन के लिए अवैध एजेंट के रूप में काम करने का दोष स्वीकार किया है। आरोप है कि वह चीनी अधिकारियों को रिपोर्ट भेजते थे, जो कथित तौर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक पहुंचती थीं। आइए विस्तार से जानते हैं। 

US Journalist Pleads Guilty to Acting for China, Sent Reports Intended for Xi Jinping
अमेरिकी कोर्ट में बड़ा खुलासा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

अमेरिका में एक चौंकाने वाले मामला सामने आया है। चीन में लंबे समय से रह रहे अमेरिकी पत्रकार थॉमस पाउकेन द्वितीय ने अदालत में स्वीकार किया है कि वह बिना कानूनी अनुमति के चीनी सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, पाउकेन ने चीन के लिए जानकारी जुटाने और प्रभावशाली लोगों से संपर्क स्थापित करने का काम किया। दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें 1 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी और उसे अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है।

पाउकेन चीन की कई सरकारी मीडिया के साथ काम कर चुके थे

पाउकेन 2010 से चीन में रह रहे थे और वहां कई सरकारी मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं। वह अपने पिता से अलग पहचान बनाने के लिए टॉम मैकग्रेगर नाम से लेख लिखते थे। उनके पिता टेक्सास रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।

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जांच एजेंसियों ने क्या-क्या खुलासे किए?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाउकेन कम से कम 2019 से चीनी एजेंटों के संपर्क में था। वह कैथी नाम की एक महिला के लिए रिपोर्ट तैयार करते थे, जिसे वह चीन की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ा मानते थे। आरोप है कि 2019 से 2025 के बीच उसे इन रिपोर्टों के बदले करीब एक लाख डॉलर और अमेरिका की कई प्रायोजित यात्राएं मिलीं। पाउकेन का दावा था कि उनकी रिपोर्टें सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक पहुंचती थीं।

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एफबीआई के अनुसार, पाउकेन ने ऐसे लोगों की तलाश की जो अमेरिकी प्रशासन में नौकरी हासिल कर सकते थे और बाद में संवेदनशील या गोपनीय जानकारी चीन तक पहुंचा सकें। फरवरी 2025 में वाशिंगटन में हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को सिम कार्ड दिया और उसे हर सप्ताह रिपोर्ट तैयार करने के बदले 10,000 डॉलर देने का प्रस्ताव रखा। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन रिपोर्टों का उद्देश्य अमेरिकी नीतियों को प्रभावित करना था।

अदालती दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि जनवरी 2025 में अमेरिका लौटने पर पाउकेन ने अधिकारियों को बताया था कि वह एक ऐसे व्यक्ति से मिलने जा रहा है जो ट्रंप प्रशासन में नौकरी पाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने माना था कि उन्हें 80 प्रतिशत यकीन है कि वह व्यक्ति नौकरी मिलने के बाद चीन को गोपनीय जानकारी दे सकते हैं।

पाउकेन किन्हें अपनी रिपोर्टें बेचीं?

न्याय विभाग के अनुसार, पाउकेन ने चीन के वुहान शहर से जुड़े कुछ लोगों को भी रिपोर्टें बेचीं। ये लोग अमेरिकी तकनीक और न्याय विभाग से जुड़ी जानकारियां चाहते थे व साइबर जासूसी में मदद करने वाले विशेषज्ञों की तलाश कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि पाउकेन ने अमेरिका के विदेशी एजेंट पंजीकरण कानून के तहत खुद को कभी पंजीकृत नहीं कराया और न ही अटॉर्नी जनरल को इसकी जानकारी दी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला चीन की ओर से कथित प्रभाव संचालन और जासूसी गतिविधियों के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।

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