फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   us missions issue security alert middle east houthi attacks saudi arabia

पश्चिम एशिया तनाव: सऊदी पर हूती हमलों के बाद अमेरिका अलर्ट, अपने नागरिकों के लिए जारी की नई एडवाइजरी

Mon, 19 Oct 2026 03:54 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, यरूशलेम
पीटीआई, यरूशलेम Published by: अमन मौर्या Updated Mon, 19 Oct 2026 03:54 PM IST
सार

सऊदी अरब पर हूती हमलों और संभावित खतरों के मद्देनजर पश्चिम एशिया में अमेरिकी मिशनों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। नागरिकों को सतर्क रहने और उड़ान संबंधी रुकावटों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

विज्ञापन
us missions issue security alert middle east houthi attacks saudi arabia
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में अमेरिकी मिशनों ने रविवार को एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया। इसमें अपने नागरिकों को 'अधिक सतर्क रहने' की सलाह दी गई है। इसके पीछे सऊदी अरब पर हूती हमलों और ईरान तथा उसके सहयोगी समूहों द्वारा अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की आशंका का हवाला दिया गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावटों को लेकर सतर्क रहें।' इसमें आगे कहा गया है कि ये टकराव तेजी से उस क्षेत्र से बाहर भी फैल सकते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'यूरोप ने नहीं दिया साथ': भारत-चीन पर टैरिफ लगाने पर अमेरिका ने क्यों कहा ऐसा, रूसी ऊर्जा खरीद पर क्या बोला?
विज्ञापन


एडवाइजरी में क्या कहा गया?
एडवाइजरी के अनुसार, ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अन्य अमेरिकी हितों या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों (जिनमें अमेरिकी व्यवसाय और अन्य संस्थान शामिल हैं) को निशाना बना सकते हैं। यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब यमन के हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इनमें 10 अक्तूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ घातक हमला भी शामिल है, जिसमें एक भारतीय नागरिक सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका, हूतियों को तेहरान के क्षेत्रीय नेटवर्क के भीतर ईरान समर्थित एक प्रमुख सशस्त्र समूह के रूप में देखता है। ईरान इन्हें हथियार, फंडिंग और प्रशिक्षण देता है, हालांकि इन विद्रोहियों के पास काफी हद तक अपनी कार्रवाई खुद तय करने की आजादी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पश्चिम एशिया की यात्रा करने वाले या वहां से लौटने वाले अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे हवाई अड्डों और एयरलाइनों के कामकाज से जुड़ी जानकारी पर नजर रखें और पहले से ही आपातकालीन योजनाएं तैयार रखें। मौजूदा हालात को देखते हुए, यरूशलेम में अमेरिकी दूतावास ने क्या कदम उठाए जाएं और किस तरह की आपातकालीन सहायता मिल सकती है, इसकी एक सूची भी जारी की है।


यमन में कब से चल रहा है गृहयुद्ध?
बता दें कि यमन में कई साल से चल रहा अनौपचारिक संघर्ष-विराम (सीजफायर) खत्म होने के बाद, अक्तूबर में वहां लड़ाई काफी तेज हो गई है। हूतियों ने सऊदी अरब के अंदर तक बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। यमन में गृहयुद्ध 2014 में शुरू हुआ, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को अदन जाने के लिए मजबूर कर दिया।

ये भी पढ़ें: किम जोंग का शक्ति प्रदर्शन: उत्तर कोरिया ने एआई-बेस्ड टॉरपीडो सिस्टम का किया परीक्षण, प्योंगयांग ने क्या कहा?

इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन ने मार्च 2015 में यमन में प्रवेश किया, ताकि सरकार का समर्थन किया जा सके और हूतियों को पीछे धकेला जा सके। इसके बाद से वहां कई साल तक लड़ाई और हवाई हमले होते रहे हैं। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्ष-विराम कुछ हद तक शांति लेकर आया, जिसके बाद सऊदी अरब और हूतियों के बीच एक स्थायी समाधान खोजने के लिए बातचीत हुई। हालांकि, इस संघर्ष-विराम को कभी भी एक पूर्ण शांति समझौते का रूप नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed