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पश्चिम एशिया संकट: पाकिस्तान के जरिये अमेरिका ने भेजा नया युद्ध विराम प्रस्ताव, समीक्षा कर रहा ईरान
एएनआई, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 21 May 2026 04:31 PM IST
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सार
अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिये ईरान को नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है, जिस पर तेहरान विचार कर रहा है। ईरान ने कहा कि वह अच्छी नीयत से बातचीत कर रहा है, लेकिन अमेरिका पर अब भी गहरा शक है और बातचीत में अविश्वास का माहौल बना हुआ है। पढ़िए रिपोर्ट-
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
- फोटो : एक्स/व्हाइट हाउस
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विस्तार
अमेरिका ने पश्चिम एशिया संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए पाकिस्तान के जरिये नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े कूटनीतिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा ईरान
ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। लेकिन अब तक उसने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने के लिए मध्यस्थ लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान यात्रा का प्लान बनाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि ईरान अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत कर रहा है। लेकिन उसे अमेरिका पर अब भी गहरा शक है। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि ईरान को उसके 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका का जवाब मिल गया है और उसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की तेहरान यात्रा का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आसान बनाना है।
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सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना मकसद: इस्माइल बघाई
बघाई ने कहा, इस समय हमारी प्राथमिकता लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना है। ईरान ने अपनी मुख्य मांगों में जमा फंड जारी करने, समुद्री रास्तों में कथित बाधाएं खत्म करने और ईरानी जहाजों को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयों को रोकने की बात कही है।
ये भी पढ़ें: ट्रंप की नीतियों के खिलाफ चीन-रूस मुखर, कहा- दुनिया बहुध्रुवीय हो रही है; गोल्डन डोम की भी निंदा
'गहरे अविश्वास वाला बातचीत का माहौल'
उन्होंने दोहराया कि तेहरान पूरी गंभीरता और अच्छी भावना के साथ बातचीत कर रहा है। लेकिन अमेरिका को भी ईमानदारी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में वॉशिंगटन का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, इसलिए 'गहरे अविश्वास' वाला बातचीत का माहौल है। उन्होंने कहा, हमारी नजरें खुली हैं और हमारी सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी तरह का भरोसा जताए बिना भी बातचीत जारी रखेगा।
अराघची ने मोहसिन नकवी से मुलाकात की
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात की। नकवी इस सप्ताह दूसरी बार तेहरान पहुंचे और उन्होंने ईरान के गृह मंत्री तथा राष्ट्रपति से बातचीत की। आईएसएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नकवी के साथ बैठक में क्षेत्रीय हालात, ईरान-अमेरिका के अप्रत्यक्ष वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
शांति समझौते में क्यों दिलचस्पी ले रहा पाकिस्तान?
वहीं, इस्राइली मीडिया संस्थान सी14 ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति समझौते में दिलचस्पी उसकी आर्थिक मुश्किलों से जुड़ी है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान और पाकिस्तान के बीच ऐसी समझ बनी है, जिसके तहत पाकिस्तान ईरान को बेहतर समझौता दिलाने में मदद करेगा। इसके बदले ईरान प्रतिबंधों में राहत और संभावित समझौते के बाद मिलने वाले फंड के जरिये पाकिस्तान को उसके कर्ज संकट से उबरने में मदद करेगा। पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि कई पक्ष समझौते के जरिये तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं।
प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा ईरान
ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। लेकिन अब तक उसने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने के लिए मध्यस्थ लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान यात्रा का प्लान बनाया है।
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ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि ईरान अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत कर रहा है। लेकिन उसे अमेरिका पर अब भी गहरा शक है। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि ईरान को उसके 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका का जवाब मिल गया है और उसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की तेहरान यात्रा का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आसान बनाना है।
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सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना मकसद: इस्माइल बघाई
बघाई ने कहा, इस समय हमारी प्राथमिकता लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना है। ईरान ने अपनी मुख्य मांगों में जमा फंड जारी करने, समुद्री रास्तों में कथित बाधाएं खत्म करने और ईरानी जहाजों को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयों को रोकने की बात कही है।
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'गहरे अविश्वास वाला बातचीत का माहौल'
उन्होंने दोहराया कि तेहरान पूरी गंभीरता और अच्छी भावना के साथ बातचीत कर रहा है। लेकिन अमेरिका को भी ईमानदारी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में वॉशिंगटन का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, इसलिए 'गहरे अविश्वास' वाला बातचीत का माहौल है। उन्होंने कहा, हमारी नजरें खुली हैं और हमारी सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी तरह का भरोसा जताए बिना भी बातचीत जारी रखेगा।
अराघची ने मोहसिन नकवी से मुलाकात की
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात की। नकवी इस सप्ताह दूसरी बार तेहरान पहुंचे और उन्होंने ईरान के गृह मंत्री तथा राष्ट्रपति से बातचीत की। आईएसएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नकवी के साथ बैठक में क्षेत्रीय हालात, ईरान-अमेरिका के अप्रत्यक्ष वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
शांति समझौते में क्यों दिलचस्पी ले रहा पाकिस्तान?
वहीं, इस्राइली मीडिया संस्थान सी14 ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति समझौते में दिलचस्पी उसकी आर्थिक मुश्किलों से जुड़ी है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान और पाकिस्तान के बीच ऐसी समझ बनी है, जिसके तहत पाकिस्तान ईरान को बेहतर समझौता दिलाने में मदद करेगा। इसके बदले ईरान प्रतिबंधों में राहत और संभावित समझौते के बाद मिलने वाले फंड के जरिये पाकिस्तान को उसके कर्ज संकट से उबरने में मदद करेगा। पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि कई पक्ष समझौते के जरिये तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं।