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अमेरिका ने दी सफाई: जहाज पर हमले से पहले 60 बार दी थी चेतावनी, अटैक में तीन भारतीयों की गई थी जान
न्यूज डेस्क, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 15 Jun 2026 09:31 AM IST
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सार
जहाज पर अमेरिकी हमले और उसमें तीन भारतीयों की मौत पर घिरने के बाद अमेरिका बार-बार सफाई दे रहा है। अब अमेरिका के एक अधिकारी ने दावा किया है कि जहाज पर हमले से पहले उसे 60 बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि अमेरिका के इस दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई
- फोटो : ANI
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विस्तार
जहाज पर हमले और उसमें तीन भारतीयों की मौत के बाद भारत ने कड़ी नाराजगी जताई। चौतरफा घिरने के बाद अब अमेरिका ने सफाई दी है। अमेरिका के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में पालाऊ के झंडे वाले जहाज पर हमले से पहले लगभग 60 मौखिक चेतावनियां दी थीं। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी एपी ने बताया कि चेतावनियों के बाद कम-से-कम आठ बार जहाज को शक्ति प्रदर्शन के जरिए भी आगाह किया गया था। इसके बावजूद भी जब जहाज ने अमेरिकी निर्देशों की अनदेखी की, तो उस पर हमला किया गया। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। जिसे लेकर भारत ने अमेरिका के सामने नाराजगी भी जाहिर की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने जहाज को रोकने के लिए फ्लेयर्स दागे, युद्धक विमानों से कई बार उड़ान भरवाई और गोलीबारी से पहले दो अंतिम चेतावनियां भी जारी कीं। इसके बाद अमेरिकी सेना के एक विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाते हुए हमला किया, ताकि जहाज को निष्क्रिय किया जा सके। इसी कार्रवाई में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हुई।
शैडो फ्लीट का हिस्सा होने का दावा
अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा था, जिसका उपयोग ईरानी तेल के अवैध परिवहन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता रहा है। अधिकारी के अनुसार, जहाज ने कई बार अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान में कहा कि जहाज को निष्क्रिय करने से पहले चालक दल को इंजन रूम खाली करने के लिए 15 मिनट का समय भी दिया गया था।
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भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यही वजह है कि घिरने के बाद अमेरिका इस मुद्दे पर सफाई पेश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को अपने भारतीय विदेश मंत्री से बातचीत में कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का तत्काल पालन करना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Explainer: 16 महीने बाद मिलेंगे मोदी-ट्रंप, पिछली मुलाकात के बाद से कितने बदल चुके हैं भारत-अमेरिका के रिश्ते?
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य में काम कर रहे भारतीय नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए राहत की खबर यह है कि अमेरिका और ईरान सैन्य संघर्ष समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने का समझौते का एलान हुआ है, जिससे मध्य पूर्व में तीन महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के अंत के संकेत मिले हैं। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने जहाज को रोकने के लिए फ्लेयर्स दागे, युद्धक विमानों से कई बार उड़ान भरवाई और गोलीबारी से पहले दो अंतिम चेतावनियां भी जारी कीं। इसके बाद अमेरिकी सेना के एक विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाते हुए हमला किया, ताकि जहाज को निष्क्रिय किया जा सके। इसी कार्रवाई में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हुई।
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शैडो फ्लीट का हिस्सा होने का दावा
अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह तथाकथित शैडो फ्लीट का हिस्सा था, जिसका उपयोग ईरानी तेल के अवैध परिवहन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता रहा है। अधिकारी के अनुसार, जहाज ने कई बार अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान में कहा कि जहाज को निष्क्रिय करने से पहले चालक दल को इंजन रूम खाली करने के लिए 15 मिनट का समय भी दिया गया था।
भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यही वजह है कि घिरने के बाद अमेरिका इस मुद्दे पर सफाई पेश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को अपने भारतीय विदेश मंत्री से बातचीत में कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का तत्काल पालन करना चाहिए।
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अमेरिका-ईरान शांति समझौते से राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य में काम कर रहे भारतीय नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए राहत की खबर यह है कि अमेरिका और ईरान सैन्य संघर्ष समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने का समझौते का एलान हुआ है, जिससे मध्य पूर्व में तीन महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के अंत के संकेत मिले हैं। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होंगे।