US: भारत-फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सहित 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका बाहर; ट्रंप का फैसला
अमेरिका ने भारत-फ्रांस के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समेत 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने का फैसला किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया।
विस्तार
अमेरिका ने वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आधिकारिक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिका को 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, संधियों और मंचों से बाहर निकालने का आदेश दिया है। इनमें भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन भी शामिल है।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी राष्ट्रपति ज्ञापन के अनुसार, अमेरिका उन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हट रहा है जो उसके अनुसार अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के विपरीत हैं। इस फैसले के तहत 35 गैर-यूएन संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र जुड़े निकाय शामिल हैं।
AMERICA FIRST 🇺🇸
Today, President Donald J. Trump signed a Presidential Memorandum directing the withdrawal of the United States from 66 international organizations that no longer serve American interests including:
🔴35-non UN organizations
🔴31 UN entities pic.twitter.com/72pTyV811N — The White House (@WhiteHouse) January 7, 2026
पर्यावरण और ऊर्जा संगठनों से भी दूरी
गैर-यूएन संगठनों की सूची में कई प्रमुख पर्यावरण और जलवायु से जुड़े वैश्विक मंच शामिल हैं। इनमें भारत-फ्रांस के नेतृत्व वाला इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA), इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN), इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC), इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA) और इंटरनेशनल एनर्जी फोरम जैसे अहम संगठन शामिल हैं। इन संस्थाओं से अमेरिका का हटना वैश्विक स्तर पर जलवायु संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय सहयोग के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र निकाय भी प्रभावित
अमेरिका के इस फैसले का असर संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्थानों पर भी पड़ा है। जिन प्रमुख यूएन निकायों से अमेरिका ने दूरी बनाने का निर्णय लिया है, उनमें डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल अफेयर्स, इंटरनेशनल लॉ कमीशन, इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर, पीसबिल्डिंग कमीशन, यूएन पॉपुलेशन फंड (UNFPA) के साथ-साथ यूएन वाटर और यूएन एनर्जी जैसे अहम संगठन शामिल हैं। इन संस्थानों से अमेरिका की भागीदारी और फंडिंग रुकने से वैश्विक विकास, शांति प्रयासों और सामाजिक कार्यक्रमों पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
तत्काल प्रभाव के आदेश
कार्यकारी आदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी अमेरिकी विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से इन संगठनों से अमेरिका की भागीदारी और फंडिंग समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करें। संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मामलों में, यह कदम कानूनी दायरे के भीतर उठाया जाएगा। ज्ञापन के मुताबिक, विदेश मंत्री की रिपोर्ट और कैबिनेट से विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति ट्रंप इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि इन संगठनों में अमेरिका की भागीदारी देश के हितों के खिलाफ है।
पहले भी ले चुका है ऐसे फैसले
गौरतलब है कि यह फैसला ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन पहले ही इस तरह के कदम उठा चुका है। इससे पहले जनवरी 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और जुलाई 2025 में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) से अमेरिका को बाहर किया गया था। उस दौरान भी ट्रंप प्रशासन ने इन संस्थाओं को अमेरिका के “राष्ट्रीय हितों के अनुकूल नहीं” बताते हुए अलग होने का तर्क दिया था।
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