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UN: 'चुनौतीपूर्ण माहौल में भी बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था', यूएन ने बताया क्यों नहीं पड़ेगा उच्च टैरिफ का असर
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 10 Jan 2026 04:27 AM IST
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सार
United Nations On Indian Economy: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि 2026 में भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। अमेरिकी टैरिफ का खतरा है, लेकिन इसका भी भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस खबर में जानेंगे जब दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी पड़ रही है, तब भारत क्यों तेज दौड़ रहा है।
भारतीय अर्थव्यवस्था।
- फोटो : amarujala
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विस्तार
दुनिया जब आर्थिक अनिश्चितता, युद्ध, ऊंचे टैरिफ और कमजोर मांग से जूझ रही है। वहीं ऐसे समय में भारत की अर्थव्यवस्था एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरती दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत 2026 में भी तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज करेगा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
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संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग की विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था 2026 में 6.6 फीसदी की दर से बढ़ेगी। हालांकि यह दर 2025 के अनुमानित 7.4 फीसदी से कम है, लेकिन वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत निजी उपभोग, सार्वजनिक निवेश, जीएसटी सुधार और अपेक्षाकृत कम ब्याज दरें भारत की ग्रोथ को सहारा दे रही हैं।
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अमेरिकी टैरिफ का कितना असर?
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर मौजूदा टैरिफ नीति जारी रही, तो अमेरिका के ऊंचे शुल्क 2026 में भारत के निर्यात पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। अमेरिका भारत के कुल निर्यात का करीब 18 फीसदी हिस्सा है। इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग और निवेश के दम पर भारत इस झटके की काफी हद तक भरपाई कर सकता है।
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ये होगा भारत का नया हथियार
यूएन डीईएसए के निदेशक शांतनु मुखर्जी के मुताबिक, टैरिफ से भले ही निर्यात पर दबाव पड़े, लेकिन भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी ताकत बना सकता है। देश का कुशल कार्यबल ऐसे एआई आधारित एप और समाधान विकसित कर सकता है, जो उत्पादकता बढ़ाने में मदद करें। इससे निर्यात के पारंपरिक नुकसान की भरपाई संभव है।
दक्षिण एशिया की ग्रोथ में भारत की भूमिका क्यों अहम?
संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री इंगो पिटर्ले ने कहा कि दक्षिण एशिया दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र बना रहेगा, जहां औसतन 5.6 फीसदी की वृद्धि होगी। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान भारत का होगा। मजबूत घरेलू मांग, अच्छी फसल, महंगाई में कमी और नीतिगत समर्थन भारत की जीडीपी को रफ्तार दे रहे हैं।
ऐसे मिलेगी अर्थव्यवस्था को मजबूती
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में खुदरा महंगाई 2025 के पहले नौ महीनों में औसतन तीन फीसदी रही, जो उम्मीद से बेहतर है। खाद्य कीमतों में नरमी और अनुकूल आधार प्रभाव इसकी वजह रहे। वहीं, 2025 की दूसरी छमाही में श्रमबल भागीदारी दर बढ़ी है। विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार ने भारत की वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति शृंखला में स्थिति को भी मजबूत किया है।
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