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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बवाल: प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की झड़प में 11 की मौत, 70 घायल
एजेंसी, मुजफ्फराबाद/लाहौर
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 09 Jun 2026 05:23 AM IST
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सार
क्या पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जनता का गुस्सा अब सरकार के लिए चुनौती बन गया है? एक प्रदर्शनकारी की मौत के बाद भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। चुनाव से पहले सड़कों पर उतरे लोगों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव में कई जानें चली गईं।
PoK में सड़कों पर गुस्सा, हालात बेकाबू।
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जेएएसी कार्यकर्ता की गोलीबारी में मौत के बाद हिंसा भड़क गई। रावलकोट व आसपास में प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों में हुई झड़प में 11 लोग मारे गए, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए। यह झड़प मंगलवार को जेएएसी की तरफ से प्रस्तावित लॉकडाउन से पहले हुई।
पुलिस ने बताया कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रदर्शनकारी एक अस्पताल की मॉर्चरी के बाहर जमा हुए थे। वहां समूह के एक सदस्य का शव लाया गया था जिसकी मौत पुलिस की फायरिंग में हुई थी।
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जेएएसी आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए काम करती है, जिस पर पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है।
पुंछ सेक्टर के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने बताया, प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिस अधिकारी और एक राहगीर की मौत हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पुलिस प्रमुख लियाकत मलिक ने बताया कि रविवार की घटना में 23 सुरक्षाकर्मी और 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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जेएएसी ने क्षेत्रीय विधानसभा के लिए 27 जुलाई को होने वाले चुनावों के विरोध में मंगलवार को लॉकडाउन का आह्वान किया है। विधानसभा की 45 में से 12 सीटें शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जिनका दुरुपयोग किया जाता है। इन सीटों पर स्थानीय लोगों के बजाय पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों के लोगों को नामित कर दिया जाता है।
क्षेत्रीय सरकार ने शुक्रवार को जेएएसी को आतंकरोधी कानून के तहत एक प्रतिबंधित समूह घोषित कर दिया था। सरकार ने घरेलू व विदेशी पर्यटकों को 9 जून से पहले इलाका छोड़ने की सलाह दी है। भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में किसी भी चुनाव का पुरजोर विरोध किया है। नई दिल्ली ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हमारा है। पाकिस्तान अवैध कब्जा जल्द खाली करे।
सरकार ने शुरू किया कत्लेआम
मीर...जेएएसी नेता शौकत मीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, सरकार ने रावलकोट में लोगों का कत्लेआम शुरू कर दिया है। उन्होंने संकल्प लिया कि लॉकडाउन में उनका ग्रुप एकजुट रहेगा।
इंटरनेट निलंबित, बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने कब्जे वाले कश्मीर में टेलीफोन व इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है। इनमें संघीय पुलिस बल व पाकिस्तानी रेंजर्स शामिल हैं।
सरकारी दमन से क्रोधित हैं लोग
स्थानीय लोग सरकारी दमन की घटनाओं, बिजली की भारी कमी, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और इस क्षेत्र को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेले जाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर लंबे समय से क्रोधित हैं।
मानवाधिकार संगठन ने जताई चिंता
मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर में हिंसा को लेकर चिंता जताई है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने तथाकथित क्षेत्रीय सरकार के जेएएसी पर प्रतिबंध के फैसले पर भी गंभीर चिंता जताई है।