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ईरानी हथियार से पस्त हुए US और खाड़ी देश: जेलेंस्की से मांगनी पड़ी मदद, पश्चिम एशिया युद्ध में कूदेगा यूक्रेन?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: Shubham Kumar Updated Fri, 06 Mar 2026 05:55 AM IST
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सार

पश्चिम एशिया में धधकती जंग के बीच एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। एक ओर डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अमेरिका की मजबूत स्थिति का दावा कर रहे हैं, वहीं अब इस मामले में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के ताजा बयान ने इस संघर्ष की दिशा ही बदल दी है। सवाल तो यहां तक उठ रहे है कि क्या अब इस संघर्ष में यूक्रन भी कूदने वाला है? आइए जानते हैं कि जेलेंस्की ने ऐसा क्या कहा?

Volodymyr Zelensky says US and Gulf countries want Ukraine help to defend against Iranian drones
डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमीर जेलेंस्की - फोटो : ANI
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरानी ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देश यूक्रेन के अनुभव का सहारा लेना चाहते हैं।

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ऐसे समय में जेलेंस्की के इस बयान से एक बात तो साफ हो गई है कि यह टकराव केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अब वैश्विक सुरक्षा और कूटनीति तक फैलते नजर आ रहे हैं। इसके चलते कई देश अब यूक्रेन के अनुभव और तकनीक की ओर देख रहे हैं। 
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समझिए क्या कहा जेलेंस्की ने?
अपने बयान में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देश ईरान के शाहेद ड्रोन से बचाव के लिए यूक्रेन के अनुभव का सहारा लेना चाहते हैं। जेलेंस्की के अनुसार अमेरिका समेत कई देशों ने यूक्रेन से संपर्क किया है। उन्होंने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से भी इस मुद्दे पर बातचीत की है।

दरअसल, रूस ने पिछले चार वर्षों में यूक्रेन पर हजारों शाहेद ड्रोन से हमला किया है। हाल ही में रूस ने एक रात में 800 से ज्यादा ड्रोन और नकली लक्ष्य छोड़कर बड़ा हमला किया था। अब ईरान भी अमेरिका-इस्राइल के हमलों के जवाब में पश्चिम एशिया के कई इलाकों में इसी तरह के ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।

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जेलेंस्की बोले- मदद के लिए तैयार, लेकिन अपनी सुरक्षा प्राथमिकता
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तभी मदद देगा जब इससे उसकी अपनी सुरक्षा कमजोर न हो और इससे रूस के खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि यूक्रेन उन्हीं देशों की रक्षा में मदद करता है जो हमारी सुरक्षा और हमारे लोगों की रक्षा में सहयोग करते हैं।

इसके साथ ही बाद में जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका ने भी पश्चिम एशिया में ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से मदद मांगी है। इसके बाद उन्होंने उपकरण और यूक्रेनी विशेषज्ञ भेजने का आदेश दिया, हालांकि उन्होंने इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

ड्रोन रक्षा में यूक्रेन का खास अनुभव
देखा जाए तो रूस के लगातार ड्रोन हमलों का सामना करते-करते यूक्रेन ने सस्ती लेकिन प्रभावी ड्रोन रोधी तकनीक विकसित कर ली है। यूक्रेनी विशेषज्ञों ने ऐसे इंटरसेप्टर ड्रोन बनाए हैं जो लगभग 1,000 डॉलर की लागत में दुश्मन ड्रोन को ढूंढकर नष्ट कर सकते हैं। इस नई तकनीक ने हवाई सुरक्षा की पारंपरिक व्यवस्था को बदल दिया है और कई देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पिछले साल सितंबर में पोलैंड को भी सस्ते ड्रोन से खतरा महसूस हुआ था। 

इसके बाद उसने महंगे लड़ाकू विमान जैसे एफ-35 लाइटनिंग II और एफ-16 फाइटिंग फाल्कन को उड़ान भरने के लिए तैयार कर दिया था। अब इसमें तो कोई दोहराई नहीं यूक्रेन का तेजी से बढ़ता ड्रोन उद्योग अब इतनी क्षमता हासिल कर चुका है कि वह इन प्रणालियों का निर्यात भी कर सकता है। यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने भी कहा कि यूरोप और खाड़ी देशों की बैठक में यह चर्चा हुई कि यूक्रेन का अनुभव ईरानी ड्रोन से बचाव में कैसे मदद कर सकता है।

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पश्चिम एशिया युद्ध से रूस-यूक्रेन वार्ता प्रभावित
ईरान से जुड़ा नया युद्ध अब अपने सातवें दिन में पहुंच गया है। इस संघर्ष की वजह से दुनिया का ध्यान यूरोप के सबसे बड़े युद्ध यानी रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध से भटकता हुआ दिख रहा है।  इस पर जेलेंस्की ने कहा कि इस स्थिति के कारण अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली रूस-यूक्रेन वार्ता का नया दौर फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा और राजनीतिक हालात बेहतर होंगे तब बातचीत फिर शुरू की जाएगी।

अब समझिए रूस और यूक्रेन संघर्ष का हाल
इस बीच अमेरिका की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली भी हुई है। दोनों देशों ने करीब 200-200 युद्ध बंदियों को रिहा किया। रूसी वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने बताया कि दो दिनों में कुल 500-500 कैदियों की अदला-बदली की जाएगी। यूक्रेन की संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख ऑलेक्जेंडर मेरेज्को का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बातचीत को लंबा खींचना चाहते हैं। ताकि युद्ध जारी रखते हुए अमेरिका के नए प्रतिबंधों से बचा जा सके। हालांकि यूक्रेनी सेना ने हाल के हफ्तों में मोर्चे के कुछ इलाकों में रूसी सेना को पीछे धकेला है। इतना नहीं एक रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन ने इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 257 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है।

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